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लाइव, ट्रंप ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच 'युद्ध के मक़सद' पर ये कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में चल रही जंग के बीच ट्रुथ सोशल पर एक छोटी सी पोस्ट में युद्ध के मक़सद पर टिप्पणी की है.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. ट्रंप ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच 'युद्ध के मक़सद' पर ये कहा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में चल रही जंग के बीच ट्रुथ सोशल पर एक छोटी सी पोस्ट में युद्ध के मक़सद पर टिप्पणी की है.

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा है, ''अगर हल्के शब्दों में कहें तो ताक़त के दम पर शांति.''

    हालांकि ट्रंप ने अपनी इस छोटी सी पोस्ट में ज़्यादा कुछ नहीं लिखा है, लेकिन उन्होंने होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान को अल्टीमेटम दिया है.

    इससे पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और न्यूयॉर्क के सीनेटर चुक शूमर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में युद्ध को ख़त्म करने की मांग की है.

    उन्होंने लिखा, “यहाँ तक कि कुछ रिपब्लिकन सीनेटर भी खुले तौर पर यह मान रहे हैं कि उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं है कि प्रशासन मध्य पूर्व में क्या हासिल करने की कोशिश कर रहा है.”

    चुक शूमर ने लिखा, "अब बहुत हो चुका. इस युद्ध को खत्म करें."

    समाचार एजेंसी फ़ार्स के मुताबिक़ ट्रंप की धमकी पर ईरान की सेना ने कहा है कि वो क्षेत्र में अमेरिका और उससे जुड़े देशों के ऊर्जा केंद्रों, डीसैलिएशन प्लांट्स (पानी शुद्ध करने वाले प्लांटों) पर हमले करेगी.

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, "अगर ईरान ने बिना किसी धमकी के अगले 48 घंटों में होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोला तो अमेरिका उसके कई पावर प्लांट्स पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा और इसकी शुरुआत होगी उनके सबसे बड़े प्लांट से."

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 मार्च को कहा था कि ईरान के पास 48 घंटे का समय है. अगर उसने होर्मुज़ स्ट्रेट नहीं खोला तो उसके सभी पावर प्लांट्स तबाह कर दिए जाएंगे.

  2. ईरान जंग ने बढ़ाई मुश्किलें, शेयर बाज़ार गिरे, रुपया सबसे निचले स्तर पर

    मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट है. यही नहीं डॉलर के मुक़ाबले रुपया भी और कमज़ोर हुआ है.

    सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट देखी जा रही है. कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स क़रीब 1800 अंक गिरा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी भी 590 अंक तक लुढ़क गया.

    सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में कारोबारी सत्र के दौरान गिरावट देखी जा रही है, जबकि निफ़्टी के भी 50 में से तीन शेयर ही हरे निशान में हैं.

    लंबे समय से भारतीय रुपये पर भी दबाव देखा जा रहा है और अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. एक डॉलर की कीमत 93.84 रुपये हो गई है.

    सोमवार को एशिया के बड़े शेयर बाज़ारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है.

    शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 4.8% गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.5% से ज़्यादा लुढ़क गया.

  3. इसराइल ने तेहरान में किए नए हमले, ईरान ने ये बताया

    इसराइल की सेना ने सोमवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान के कई ठिकानों पर "बड़े पैमाने पर" हवाई हमले किए हैं.

    ईरान के सरकारी मीडिया और आईआरजीसी से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने पूरे शहर में धमाकों की ख़बर दी है.

    फ़ार्स ने लिखा, "धमाकों की भयानक आवाज़ें सुनाई देने की ख़बरें मिली हैं."

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस (आईडीएफ़) का कहना है कि वह तेहरान में "आतंकवादी ठिकानों" को निशाना बना रही है.

  4. अबू धाबी में मिसाइल के टुकड़े से एक भारतीय घायल, अधिकारियों ने यह बताया

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक के घायल होने की पुष्टि की गई है.

    अबू धाबी की सरकारी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह घटना एयर डिफ़ेंस सिस्टम से एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद हुई. इस घटना में एक भारतीय नागरिक को मामूली चोट आई है.

    अधिकारियों ने कहा है कि आम जनता को केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लेनी चाहिए और अफवाह या बिना पुष्टि वाली जानकारी से बचना चाहिए और न ही ऐसी जानकारी दूसरों के साथ साझा करनी चाहिए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक के घायल होने की ख़बर दी है.

    पीटीआई के मुताबिक़, "अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को अबू धाबी में एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद, अल-शवामेख इलाक़े में उसके टुकड़े गिरने से एक भारतीय नागरिक को मामूली चोट आई है."

    संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने थोड़ी देर पहले कहा था कि देश के एयर डिफ़ेंस सिस्टम ईरानी मिसाइल और ड्रोन के ख़तरों को रोकने में लगे हैं.

    रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि जो आवाज़ें सुनाई दे रही हैं वे मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की वजह से हैं.

  5. अमेरिका ने 'दुनिया भर में' अपने नागरिकों के लिए जारी की ये चेतावनी

    मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया भर में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एक नई चेतावनी जारी की है.

    सोशल मीडिया एक्स पर विदेश विभाग ने "दुनिया भर में, और ख़ास कर मध्य पूर्व में रहने वाले अपने नागरिकों से ज़्यादा सावधानी बरतने" की अपील की है.

    इसमें कहा गया है, "समय-समय पर एयरस्पेस बंद होने से उनकी यात्रा में रुकावटें आ सकती हैं. मध्य पूर्व के बाहर भी अमेरिकी के राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है."

    विदेश विभाग ने आगे कहा है, "ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिका और उसके नागरिकों से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं."

  6. होर्मुज़ स्ट्रेट के मुद्दे पर आईईए ने मौजूदा तेल संकट के बारे में कहा, 'कोई भी देश नहीं रहेगा अछूता'

    इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध एक बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दे सकता है.

    आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा, "यह 1970 के दशक के झटकों से भी कहीं अधिक गंभीर होगा, और जिसकी तुलना साल 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के शुरुआती असर से की जा सकती है."

    आईईए के फातिह बिरोल ने कैनबरा में आयोजित एक मीडिया इवेंट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से बातचीत में यह बयान दिया है.

    बिरोल ने कहा, "हममें से कई लोगों को 1970 के दशक में आए दो लगातार तेल संकट याद होंगे. जब हर संकट के दौरान दुनिया भर में हर रोज़ क़रीब 50 लाख बैरल तेल की सप्लाई का नुक़सान हुआ था. अगर दोनों संकटों को मिला दिया जाए, तो यह नुक़सान प्रतिदिन 1 करोड़ बैरल तक पहुँच गया था."

    उन्होंने कहा, "अभी हमें एक करोड़ दस लाख बैरल तेल का नुक़सान हो रहा है, जो कि 1970 के दशक के उन दो बड़े तेल संकटों को मिलाकर होने वाले नुक़सान से भी ज़्यादा है."

    उन्होंने आगे कहा कि इस ऊर्जा संकट के नतीजों से कोई भी देश "अछूता नहीं रहेगा."

    बिरोल ने इसके पीछे ईरान की तरफ से होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी को वजह बताया है. यह तेल और एलएनजी की सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है.

  7. इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस के प्रवक्ता ने ईरान के साथ जंग के भविष्य पर ये कहा

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस के प्रवक्ता ने कुछ देर पहले मीडिया को दिए एक बयान में ईरान और हिज़्बुल्लाह के साथ जंग के भविष्य के बारे में बयान दिया है.

    आईडीएफ़ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफ़ी डेफ़्रिन ने कहा कि ईरान और लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ अभी "कई हफ़्तों तक लड़ाई" जारी रहेगी.

    डेफ़्रिन के मुताबिक़, "हमें उम्मीद है कि ईरान और हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ अभी कुछ और हफ़्तों तक जंग जारी रहेगी."

    उन्होंने कहा, "हर गुज़रते दिन के साथ, हम इस आतंकी शासन को और ज़्यादा कमज़ोर कर रहे हैं. हम इस आतंकी शासन और उसके गुर्गों को इसराइल के लिए कोई ख़तरा पैदा करने की अनुमति नहीं देंगे."

  8. बहरीन, यूएई, कुवैत ने नए मिसाइल और ड्रोन हमलों का जारी किया अलर्ट

    मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच कई खाड़ी देशों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के बारे में सूचना दी.

    बहरीन के गृह मंत्रालय ने अभी-अभी एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है, ''अलार्म सायरन को सक्रिय कर दिया गया है. लोगों से आग्रह है कि वे शांत रहें और नज़दीकी सुरक्षित स्थान पर पहुंचें.''

    गृह मंत्रालय ने कहा है कि लोग आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली सूचना का पालन करें.

    वहीं संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने थोड़ी देर पहले कहा है कि देश के एयर डिफ़ेंस सिस्टम ईरान की ओर से आ रही मिसाइल और ड्रोन के ख़तरों का जवाब दे रहे हैं.

    रक्षा मंत्रालय का दावा है कि जो आवाज़ें आ रही हैं वे मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की वजह से आ रही हैं.

    जबकि कुवैत की सेना ने कुछ देर पहले बताया कि देश के एयर डिफेंस अभी दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं.

    आर्मी के जनरल स्टाफ ने बताया है कि धमाकों की जो आवाज़ें सुनाई दे रही हैं, वे एयर डिफेंस सिस्टम से दुश्मन के हमलों को रोकने की वजह से हैं.

    कुवैत आर्मी ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें.

  9. राष्ट्रपति ट्रंप और ब्रितानी पीएम किएर स्टार्मर ने होर्मुज़ स्ट्रेट के मुद्दे पर की ये बात

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़ोन पर बातचीत की है.

    डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता के मुताबिक़, "दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. ख़ास तौर पर ग्लोबल शिपिंग को फिर से शुरू करने के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने की ज़रूरत पर बात की."

    "दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दुनिया के ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलना ज़रूरी है."

    प्रवक्ता ने बताया है कि दोनों नेता जल्द ही दोबारा बातचीत करेंगे.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को एक नई डेडलाइन दी है. उन्होंने कहा था कि होर्मुज़ को पूरी तरह से खोलने के लिए 'ईरान के पास 48 घंटे हैं.'

    इस तरह से ट्रंप की डेडलाइन के मुताबिक़ अब ईरान के पास एक दिन का समय है.

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि ईरान अगर बिना शर्त होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स को पूरी तरह तबाह कर देगा.

    ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने भी बदले की कार्रवाई की चेतावनी दी है.

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