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पीएम मोदी ने यूपीए सरकार की ट्रेड डील पर की बात, कांग्रेस बोली- 'मनमोहन सिंह ने कभी सरेंडर नहीं किया'
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाया है (फ़ाइल फ़ोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यूपीए सरकार के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से ट्रेड पर बात नहीं हो सकी.
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान ट्रेड बातचीत की कड़ी आलोचना की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूपीए सरकार के "इकोनॉमिक मिसमैनेजमेंट" की वजह से भारत भरोसे की स्थिति से बातचीत नहीं कर पाया और कभी कोई बातचीत पूरी नहीं कर सका.
पीएम मोदी ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, ब्रिटेन, यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ भारत के समझौतों ने एमएसएमई ख़ासकर लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स के लिए, इन इलाक़ों में लगभग ज़ीरो टैरिफ या दूसरे एक्सपोर्ट करने वाले देशों की तुलना में बहुत कम टैरिफ़ पर एक्सपोर्ट करने का रास्ता खोल दिया है."
प्रधानमंत्री ने कहा, "ये ट्रेड एग्रीमेंट भले ही हाल ही में हुए हों, लेकिन ये ज़्यादा प्रतिस्पर्धी घरेलू उद्योग, एक आत्मविश्वास से भरा अप्रोच और एक खुले नज़रिए का नतीजा हैं."
पीएम मोदी ने कहा, "आज की दुनिया में ये बहुत कम देखने को मिलते हैं. इससे पहले कि हम हाल के सालों में भारत के सफल ट्रेड एग्रीमेंट्स के बारे में बात करें, यह याद रखना ज़रूरी है कि हम एक दशक पहले कहाँ खड़े थे."
कांग्रेस ने दिया जवाब
पीएम मोदी के आरोपों पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा है कि जिस न्यूक्लियर डील के ख़िलाफ़ बीजेपी पूरा हंगामा करती थी, वो यूपीए सरकार के दौरान हुई थी.
पवन खेड़ा ने कहा, "यूपीए के दौरान डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहीं कोई सरेंडर नहीं किया था. ये (पीएम मोदी) तो लगातार सरेंडर कर रहे हैं. कभी चीन के सामने, कभी एपस्टीन के सामने, कभी अमेरिका के सामने. जहां देखो सरेंडर किए जा रहे हैं."
उन्होंने सवाल किए, "ऐसी कोई ड्रेड डील लाता है? जी हां, यूपीए के समय इस तरह की सरेंडर वाली कोई डील हमने नहीं की, ये मैं मानता हूं. अगर वो (पीएम मोदी) प्राइवेट सेक्टर के इतने बड़े हिमायती होते तो नोटबंदी नहीं करते. एमएसएमई को ऐसे डुबोते नहीं."
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया, "अगर प्राइवेट सेक्टर के इतने बड़े हमायती होते तो जीएसटी इस तरह से नहीं लाते, जिस तरह से लाया. ये जो बोलते हैं, इस पर कभी भरोसा मत कीजिए. ये बोलते कुछ हैं, करते कुछ और हैं."
ओबामा ने ट्रंप के शेयर किए गए नस्लभेदी वीडियो पर की टिप्पणी, मैक्स मात्ज़ा
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इमेज कैप्शन, बराक ओबामा ने एक पॉडकास्ट में कहा है कि जो "शर्म" और "तमीज़" कभी सरकारी अधिकारियों को गाइड करती थी, वह अब ख़त्म हो गई है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शेयर किए हुए उस नस्लभेदी वीडियो पर बयान दिया है, जिसमें उन्हें वानर जैसा दिखाया गया था.
एक पॉडकास्ट में ओबामा ने कहा है कि जो "शर्म" और "तमीज़" कभी सरकारी अधिकारियों को गाइड करती थी, वह अब ख़त्म हो गई है.
इस आपत्तिजनक वीडियो में एक क्लिप थी जिसमें ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल को वानर जैसा दिखाया गया था, जिसकी डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने आलोचना की थी.
व्हाइट हाउस ने शुरू में इस वीडियो का बचाव करते हुए इसे "नक़ली गुस्सा" बताया था.
बाद में इस पोस्ट के लिए एक स्टाफ मेंबर को दोषी ठहराया गया और उसे डिलीट कर दिया गया.
ओबामा ने लिबरल पॉडकास्टर ब्रायन टायलर कोहेन से बातचीत में यह टिप्पणी की है.
यह क्लिप 'द लायन स्लीप्स टुनाइट' गीत पर तैयार की गई थी और इसे ट्रंप के ट्रुथ सोशल अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो के आखिर में शामिल की गई थी.
इसमें साल 2020 के चुनाव में वोटर फ्रॉड के बारे में बेबुनियाद दावे थे.
इस पोस्ट से नेताओं में गुस्सा फैल गया, जिसमें ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कई सीनियर मेंबर भी शामिल थे.
यह क्लिप उन नस्लभेदी कार्टून की याद दिलाती है जिनमें काले लोगों की तुलना वानरों से की गई थी, और ऐसा लगता है कि इसे अक्तूबर महीने में कंज़र्वेटिव मीम क्रिएटर ज़ेरियास के शेयर किए गए एक्स पोस्ट से लिया गया है.
ट्रंप ने रिपोर्टर्स को बताया कि उन्होंने वीडियो का वह हिस्सा "नहीं देखा" जिसमें बराक ओबामा दिख रहे थे.
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह माफ़ी मांगने का प्लान बना रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "मैंने कोई ग़लती नहीं की है."
बराक ओबामा ने इस पॉडकास्ट में कहा कि अमेरिका में घूमते हुए वो ऐसे लोगों से मिलते हैं जो "अभी भी शालीनता, तहज़ीब, दया में यकीन रखते हैं."
हालांकि बराक ओबामा ने अपने जवाब में ट्रंप का नाम नहीं लिया.
कांग्रेस ने लगाया आरोप, 'प्रधानमंत्री झुके भी हैं और थके भी हैं'
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी आम बजट और अमेरिका के साथ ट्रेड डील के मुद्दे पर लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका से हुई ट्रेड डील के मुद्दे पर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर फिर से आरोप लगाए हैं.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि 'प्रधानमंत्री जानते हैं कि इस साल का बजट एक फीका बजट रहा है और इसमें दिमागी थकान के सारे निशान दिख रहे हैं.'
जयराम रमेश के मुताबिक़, "मार्केट ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और निवेशक प्रभावित नहीं हुए हैं. इसलिए, उन्हें बजट पेश होने के 15 दिन बाद और संसद में विपक्ष की तरफ से इसकी बुराई किए जाने के कुछ दिनों बाद इंटरव्यू देने की ज़रूरत महसूस हुई."
उन्होंने आरोप लगाया, "हमेशा की तरह, मोदी-स्टाइल वन-लाइनर्स हैं. जिनका असल में कोई मतलब नहीं है. ट्रेड डील पर अमेरिका के सामने सरेंडर करने की वजह से घेरे में आए और हमले झेल रहे प्रधानमंत्री अब हेडलाइन मैनेजमेंट के अपने पसंदीदा तरीके का सहारा ले रहे हैं."
जयराम रमेश ने लिखा है, "वह लाखों किसानों के साथ अपने धोखे और दूसरी हार से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं…प्रधानमंत्री झुके भी हैं और थके भी हैं."
इससे पहले रविवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे पर पीएम मोदी के सामने 5 सवाल रखे थे.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, 'भारत का वैश्विक मामलों में असर बढ़ रहा है'
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इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस एआई इम्पैक्ट समिट के मौक़े पर भारत आ रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि एआई समिट की मेज़बानी करने के लिए भारत सही जगह है.
एआई इम्पैक्ट समिट 16 फ़रवरी से 20 फ़रवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा. इस मौक़े पर एंटोनियो गुटेरेस भी भारत आ रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में गुटेरेस ने कहा, "भारत एक बहुत सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था है जिसका वैश्विक मामलों में बढ़ता असर है."
इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले यूएन हेडक्वार्टर में पीटीआई से गुटेरेस ने कहा, "यह बहुत ज़रूरी है कि एआई हर किसी के फ़ायदे के लिए, हर जगह ख़ुद को डेवलप करे और ग्लोबल साउथ के देशों को एआई का फ़ायदा मिल सके."
उन्होंने आगे कहा, "यह बिल्कुल मंज़ूर नहीं होगा कि एआई सिर्फ़ सबसे विकसित देशों का विशेषाधिकार हो या सिर्फ़ दो सुपरपावर के बीच इसका बँटवारा हो. यह बहुत ज़रूरी है कि एआई इंसानियत के फ़ायदे के लिए एक यूनिवर्सल ज़रिया बने. एआई पूरी दुनिया का है, सिर्फ़ कुछ लोगों का नहीं."
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को एक अहम वैश्विक मंच के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना है.
समिट को तीन मुख्य स्तंभों 'पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस' के आधार पर संचालित किया गया है.
इस कार्यक्रम में टेक और एआई जगत के कई बड़े नाम भारत आएंगे. इसके अलावा 20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति शामिल होंगे.
अब तक तीन वैश्विक एआई समिट आयोजित हो चुके हैं.
इसकी शुरुआत 2023 में एआई सेफ्टी समिट से हुई थी, जो ब्लेचली पार्क यूके में आयोजित हुआ था.
इसके बाद अगले वर्ष दक्षिण कोरिया में एआई सोल समिट हुआ.
पिछले साल फ़रवरी में फ़्रांस की राजधानी पेरिस में एआई एक्शन समिट आयोजित किया गया.
नई दिल्ली में होने वाला एआई इम्पैक्ट समिट इस कड़ी का चौथा समिट होगा.
पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने भारत के ख़िलाफ़ अपनी टीम को मैदान में देखकर ये कहा
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपनी टीम का मनोबल बढ़ाया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भारत के ख़िलाफ़ टी-20 वर्ल्ड कप मैच के लिए अपनी टीम को शुभकामनाएं दी हैं.
शहबाज़ शरीफ़ ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, ''मेन इन ग्रीन पाकिस्तान को आज कोलंबो में मैदान पर उतरने के लिए शुभकामनाएं. आत्मविश्वास के साथ खेलें और अपना सर्वश्रेष्ठ दें.''
टी-20 वर्ल्ड कप मैच में कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच मुक़ाबला हो रहा है.
मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.
ख़बर लिखे जाने तक भारत की टीम ने 8.4 ओवर में दो विकेट के नुक़सान पर 88 रन बना लिए हैं. पहला विकेट जल्दी खोने के बाद अपनी पारी संभाल ली है.
भारत की तरफ से ईशान किशान ने 40 गेंद में 77 रन बनाए.
इससे पहले दोनों टीमों के बीच हो रहे इस मुक़ाबले पर संकट के बादल मंडरा रहे थे.
एक फ़रवरी को पाकिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ मैच खेलने से इनकार कर दिया था. हालांकि दस दिनों के बाद उसने अपना ये फ़ैसला वापस ले लिया.
शंकराचार्य के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा, क्या इसके लिए भी नया क़ानून लाएंगे?
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इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगाया है
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य के साथ चल रहे विवाद पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.
उन्होंने कहा, “आप इन लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं? ये लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं.”
अखिलेश यादव ने पूछा, ''क्या अब इसके लिए भी नया क़ानून लाओगे आप. किसे नहीं दिख रहा है कि शंकराचार्य जी को खुलेआम अपमानित कर रहे हैं? बताइए आप, क्या हमारी या आपकी कोई हैसियत है कि पूजनीय शंकराचार्य जी के ख़िलाफ़ कुछ बोल दें.”
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में कहा था कि 'हर कोई शंकराचार्य नहीं बन सकता' है.
उन्होंने राज्य में 'क़ानून के शासन' पर ज़ोर देते हुए कहा था कि कोई भी व्यक्ति किसी पीठ के आचार्य के रूप में कहीं भी 'वातावरण ख़राब नहीं कर सकता'.
इस पर उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी थी.
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को कहा, "नज़ीर है,आदित्यनाथ के ऊपर 40 से ज़्यादा मुक़दमे थे और जब वह मुख्यमंत्री बने तो सभी मुक़दमे अपने ऊपर से हटवा लिए. ये कैसा क़ानून का पालन है? ये क्या क़ानून में लिखा है कि अगर कोई भी व्यक्ति बड़े पद पर पहुंच जाएगा तो उसके ऊपर से सारे मुक़दमे हटा लिए जाएंगे? ये कहां लिखा है?"
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले को लेकर ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 28 जनवरी को घोषणा की कि वे इस माघ मेले में स्नान नहीं करेंगे और उन्हें ‘दुखी मन से मेले से जाना पड़ रहा है.’
दरअसल, अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीते 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम में स्नान करने जा रहे थे.
इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से रोके जाने के बाद से धरने पर बैठे हुए थे. वे पहले मांग कर रहे थे कि दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए तभी वो स्नान करेंगे.
'भारत के साथ रिश्तों को फिर से ठीक करना चाहता है बांग्लादेश'- तारिक़ रहमान के सलाहकार का बयान
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इमेज कैप्शन, तारिक़ रहमान 17 फ़रवरी को बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले हैं
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनने वाले तारिक़ रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भारत के साथ संबंधों पर अहम बयान दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हुमायूं कबीर ने कहा, “भारत के साथ अपने रिश्ते को बांग्लादेश फिर से ठीक करना चाहता है. यह भारत की ज़िम्मेदारी है कि वह बदली हुई सच्चाई को पहचाने."
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा है कि ‘जब शेख़ हसीना सत्ता से हटा दी गई हैं और उनकी अवामी लीग पार्टी सत्ता में नहीं है, तो बांग्लादेश भारत के साथ रिश्ते को नए सिरे से ठीक करना चाहता है.'
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दोनों देशों को "आपसी फ़ायदे" के लिए मिलकर काम करना चाहिए.
संसदीय चुनावों में दो-तिहाई सीटें जीतने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारिक़ रहमान ने शनिवार को कहा था कि उनकी विदेश नीति बांग्लादेश और बांग्लादेश की जनता के हितों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी.
विदेशी पत्रकारों के सवालों के जवाब में रहमान ने कहा, "देश की जनता के हित सर्वोपरि हैं, और हम उनके हितों को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए विदेश नीति तय करेंगे."
यूपी के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी समाजवादी पार्टी में हुए शामिल
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इमेज कैप्शन, नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं.
इससे पहले वो बहुजन समाज पार्टी यानी बीएसपी में भी रह चुके हैं, जहां उन्हें पार्टी का क़द्दावर नेता माना जाता था.
उन्होंने एसपी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी का हाथ थामा है.
इस दौरान बीएसपी के पूर्व नेता अनीस अहमद ख़ान और अपना दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार पाल भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए.
“बुलडोज़र चलाने भर से काम नहीं चलेगा. दुनिया में कहीं ऐसा उदाहरण नहीं मिलता है जो उत्तर प्रदेश के हालात हैं. इसे ठीक करने के लिए मुझे एक ही पार्टी और एक ही नेता दिखाई दिया.”
भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टी-20 क्रिकेट मैच में दी मात
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इमेज कैप्शन, भारत की तरफ से स्मृति मंधाना 16 रन बनाकर नॉट आउट रहीं
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को तीन टी-20 सिरीज़ के पहले मैच में हरा दिया है.
सिडनी में खेले गए इस मैच में बारिश की वजह से डीएलएस मैथड लागू करना पड़ा और इसके बाद भारतीय टीम को 21 रनों से विजेता घोषित किया गया.
मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 18 ओवर में 133 रन बनाए और उसकी पूरी टीम आउट हो गई. भारत की तरफ से अरुंधति रेड्डी ने सबसे ज़्यादा चार विकेट हासिल किए जबकि रेणुका सिंह और श्री चरणी को दो-दो विकेट मिले.
इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम अपनी पारी के 5.1 ओवर ही खेल पाई और बारिश की वजह से मैच रोकना पड़ा. अब तक भारतीय टीम ने एक विकेट के नुक़सान पर 50 रन बनाए थे.
भारत की तरफ से स्मृति मंधाना 16 रन बनाकर नॉट आउट रहीं, जबकि शफाली वर्मा ने 21 रनों का योगदान दिया.
बांग्लादेश: जमात-ए-इस्लामी गठबंधन सोमवार को ढाका में करेगा विरोध प्रदर्शन, जानिए क्या है वजह
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के सहायक महासचिव हमीदुर रहमान आज़ाद
बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला 11 दलों का गठबंधन 16 फ़रवरी यानी सोमवार को ढाका में विरोध मार्च निकालेगा.
गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरुद्दीन के साथ हालिया चुनाव के मुद्दे पर बात की.
बीबीसी न्यूज़ बांग्ला के मुताबिक़, बैठक में गठबंधन ने चुनाव में अनियमितताओं के आरोप लगाए और चुनाव के बाद की स्थिति पर चर्चा के बाद विरोध प्रदर्शन की घोषणा की.
रविवार को दोपहर क़रीब 12 बजे चुनाव आयोग में यह बैठक शुरू हुई. इसकी अध्यक्षता जमात-ए-इस्लामी के सहायक महासचिव हामिदुर रहमान आज़ाद और एहसानुल महबूब ज़ुबैर ने की.
बैठक के बाद, हामिदुर रहमान आज़ाद ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि चुनाव के बाद जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाली 11 पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले हो रहे हैं, और उन्होंने इस बारे में आयोग को सूचित कर दिया है.
उन्होंने कहा कि 11 दलों का गठबंधन इन हमलों के विरोध में सोमवार को ढाका के बैतुल मुकर्रम से विरोध मार्च निकालेगा.
आज़ाद ने आरोप लगाया कि चुनाव में भय फैलाने के कारण मतदान कम हुआ.
उन्होंने कहा, "हमने आयोग के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी बार-बार यह अनुरोध किया है, लेकिन हमें कोई संतोषजनक कार्रवाई का भरोसा नहीं मिला है."
उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान 11 पार्टियों के एजेंटों को कुछ स्थानों से जबरन हटा दिया गया.
आज़ाद ने आरोप लगाया, "मतगणना में दोष होने पर नतीजे प्रभावित होंगे, यह स्वाभाविक है. नतीजों के दस्तावेज़ पर खरोंच, पट्टियां, दोबारा लिखावट के निशान थे और कई जगहों पर मूल प्रतिनिधि के हस्ताक्षर नहीं थे."
राहुल गांधी ने पीएम मोदी से भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पूछे 5 सवाल
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी भारत-अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे पर सरकार से लगातार सवाल पूछ रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के मुद्दे पर केंद्र सरकार के सामने कई सवाल रखे हैं.
उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री से पांच सवाल पूछे हैं-
1. डीडीजी का आयात करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) अमेरिकी मक्का से बने डिस्टिलर्स अनाज खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?
2. अगर हम जीएम सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा?
3. जब आप ‘अतिरिक्त उत्पादन’ कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?
4. नॉन ट्रेड बैरियर्स हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर जीएम फसलों पर अपने रुख़ को ढीला करने, ख़रीद प्रक्रिया को कमज़ोर करने या एमएसपी और बोनस को कम करने का दबाव डाला जाएगा?
5. एक बार यह दरवाज़ा खुल गया, तो हर साल इसे और ज़्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे अन्य फसलों को मेज़ पर रख दिया जाएगा?
राहुल गांधी ने मांग की है कि किसानों को इन सवालों का उत्तर मिलना ही चाहिए.
उन्होंने लिखा, “यह सिर्फ़ आज की बात नहीं है. यह भविष्य की भी बात है. क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं?”
ईरान के मंत्री ने बीबीसी से कहा, 'ईरान न्यूक्लियर डील के लिए समझौते पर चर्चा को तैयार', लाइसे डौसेट और जर्मी कली
इमेज कैप्शन, माजिद तख़्त-रवांची ने पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ ईरान की बातचीत का दूसरा दौर मंगलवार को जिनेवा में होना तय है
ईरान के उप विदेश मंत्री ने बीबीसी से कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर प्रतिबंध हटाने पर चर्चा के लिए इच्छुक हो तो उनका देश न्यूक्लियर डील तक पहुंचने के लिए कुछ समझौते करने पर विचार करने को तैयार है.
अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार ज़ोर देकर कहा है कि इस लंबी बातचीत की प्रक्रिया में प्रगति नहीं हो पा रही है और इसके लिए ईरान ज़िम्मेदार है, न कि अमेरिका.
शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समझौता चाहते हैं, लेकिन ईरान के साथ ऐसा करना "बहुत मुश्किल" है.
लेकिन तेहरान में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ईरान के उप-विदेश मंत्री माजिद तख़्त-रवांची ने कहा कि समझौता करने की इच्छा साबित करना अब "अमेरिका के हाथ में है."
उन्होंने कहा, "अगर वे ईमानदार हैं तो मुझे यक़ीन है कि हम समझौते की ओर आगे बढ़ेंगे."
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर हमले किए जा सकते हैं. इसी बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है.
अमेरिका और ईरान ने फ़रवरी की शुरुआत में ओमान में अप्रत्यक्ष तौर पर बातचीत की थी. तख़्त-रवांची ने पुष्टि की कि बातचीत का दूसरा दौर मंगलवार को जिनेवा में होना तय है.
उन्होंने कहा कि बातचीत "कमोबेश सकारात्मक दिशा में" रही है, लेकिन "अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी". ट्रंप ने भी इन वार्ताओं को सकारात्मक बताया है.
भारत-पाकिस्तान मैच में ‘हाथ न मिलाने’ को संजय मांजरेकर ने कहा 'बेवकूफ़ी की बात'
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इमेज कैप्शन, संजय मांजरेकर भारत के मशहूर क्रिकेटर रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
टी-20 वर्ल्ड कप में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच कोलंबो में मैच खेला जाना है. इस मैच में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ ही इस बात की भी चर्चा चल रही है कि दोनों टीमों के कप्तान हाथ मिलाएंगे या नहीं.
इस मुद्दे पर पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया एक्स पर तीखी टिप्पणी की है.
मांजरेकर ने लिखा, “यह ‘हाथ न मिलाना’ कितनी बेवकूफ़ी भरी बात है जो भारत ने शुरू की है. यह हमारे जैसे देश के लिए ठीक नहीं है. या तो खेल की भावना के साथ ठीक से खेलें या बिल्कुल मत खेलें.”
टी-20 वर्ल्ड कप में कोलंबो में होने वाले मैच से पहले भारत और पाकिस्तान के कप्तानों ने शनिवार को अलग-अलग प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी.
भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हैंडशेक से जुड़े सवाल पर कहा, "हम हैंडशेक को टॉस के समय देखेंगे. 24 घंटों का इंतज़ार कीजिए."
वहीं भारत के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने के सवाल पर पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा ने कहा, ''हम इसके बारे में कल देखेंगे.''
बीते साल अप्रैल महीने में कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले और उसके बाद मई महीने में भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के साथ रिश्तों में कड़वाहट बढ़ गई है.
इसी सिलसिले में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक विवाद पिछले साल सितंबर महीने में शुरू हुआ था.
टॉस और मैच ख़त्म होने के बाद खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा रही है. मगर उस समय एशिया कप के मुक़ाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया और यह विवाद लगातार बना हुआ है.
नमस्कार!
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योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली को बताया 'गैस चेंबर', और क्या बोले
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इमेज कैप्शन, योगी आदित्यनाथ ने यह बयान शनिवार को गोरखपुर में दिया (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की राजधानी दिल्ली को 'गैस चेंबर' कहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में ज़िंदगी 'घुटन भरी' हो गई है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, योगी आदित्यनाथ ने यह बयान शनिवार, 14 फ़रवरी को गोरखपुर में दिया.
उन्होंने कहा, "गोरखपुर में उद्योग लग रहे हैं इसलिए सफाई पर ध्यान देने की आवश्यकता है.... जनता का दायित्व है कि शुद्धता और स्वच्छता पर ध्यान दें, गंदगी न होने दें, कूड़ा सड़क पर न फेंके, सिंगल यूज़ प्लास्टिक को नालियों में मत डालिए, सड़क पर मत फेंकिए, उपयोग मत करिए. ये नुक़सानदेह है."
सीएम योगी ने कहा, "देखिए न दिल्ली में घुटन भरी ज़िंदगी हो गई है. ऐसे लगता है जैसे गैस चेंबर में हों. एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर है. दम घुटता है, आंखों में जलन होती है. सांस लेने में दिक़्क़त होती है."
उन्होंने कहा, "डॉक्टर को बुज़ुर्गों, बीमारों और बच्चों को कहना पड़ता है कि घर से बाहर मत निकलिए. कितनी ख़राब स्थिति होती है. आज गोरखपुर में कितना शानदार माहौल है, कहीं कोई दिक़्क़त नहीं है. जहां मर्ज़ी घूमते रहिए."
राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर काफ़ी ख़राब हो जाता है. इसको लेकर दिल्ली और केंद्र सरकार की आलोचना होती है.
हालांकि, अलग-अलग सरकारें इस प्रदूषण के पीछे की अलग वजहें बताती हैं.
ख़ास बात यह है कि दिल्ली में वर्तमान सरकार बीजेपी की है, जिसकी वजह से प्रदूषण पर योगी आदित्यनाथ के बयान की चर्चा सोशल मीडिया पर काफ़ी हो रही है.
दिल्ली की विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी ने योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद प्रदूषण को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर योगी आदित्यनाथ के बयान का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी सरकार को प्रदूषण पर बुरी तरह एक्सपोज़ कर दिया."
अजय जडेजा की टिप्पणी के बाद इमरान ख़ान की सेहत पर पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी क्या बोले
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा की एक टिप्पणी के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सेहत को लेकर पूर्व क्रिकेटरों ने चिंता जताई है.
इन खिलाड़ियों ने इमरान ख़ान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
इमरान ख़ान पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान भी रह चुके हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में 1992 का वर्ल्ड कप पाकिस्तान को जिताया था.
उनकी सेहत पर अजय जडेजा ने शुक्रवार को पाकिस्तानी खिलाड़ियों की आलोचना करते हुए कहा था, "मैंने कई भारतीयों को इमरान ख़ान के समर्थन में आवाज़ उठाते देखा है, लेकिन जिन पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने उनके साथ क्रिकेट खेला और जो मौजूदा पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं, वे ऐसे समय पर खामोश हैं जब उन्हें उनके समर्थन की ज़रूरत है."
उन्होंने कहा, "यह मौजूदा सत्ताधारी दल और पाकिस्तान की सेना के डर को दिखाता है, जो अपनी ताक़त के दम पर देश चलाती है."
जडेजा की इस टिप्पणी के बाद वसीम अकरम और शोएब अख़्तर जैसे पूर्व खिलाड़ियों के बयान आए हैं.
पूर्व पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ वसीम अकरम ने कहा, "यह सुनकर बहुत दुख होता है कि हमारे कप्तान इमरान ख़ान स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और सुनिश्चित करें कि उन्हें हर संभव सबसे बेहतर इलाज मिले."
उन्होंने कहा, "उनके जल्द स्वस्थ होने और पूरी तरह ठीक होने की कामना करता हूं."
वहीं पूर्व पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने भी इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, शोएब अख़्तर ने कहा, "पिछले तीन महीनों से मैं अमेरिका में इमरान ख़ान के शौकत ख़ानम कैंसर अस्पताल के लिए धन जुटा रहा हूं. यह जानकर मुझे बहुत दुख हुआ कि उनकी आंखों की रोशनी चली गई है."
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि उन्हें बेहतर इलाज मिलेगा और मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं."
बीते दिनों इमरान ख़ान के वकील ने पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इमरान ख़ान की एक आंख की रोशनी 15 फ़ीसदी ही बची है.
यह ख़बर सामने आने के बाद से इमरान ख़ान की सेहत पर भारत, पाकिस्तान समेत दुनियाभर में चर्चा है.
ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी: अमेरिकी विदेश मंत्री
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इमेज कैप्शन, मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखना चाहता है
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान को 'कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी'.
उन्होंने कहा कि यह बात बिल्कुल स्पष्ट है, क्योंकि ईरान अमेरिका, यूरोप, मध्य-पूर्व क्षेत्र और विश्व की शांति के लिए ख़तरा है.
जर्मनी के म्यूनिख में ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने यह बात कही है. रुबियो म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेंस में शामिल होने जर्मनी गए हुए हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका मध्य-पूर्व क्षेत्र में अपनी सेना बनाए रखना चाहता है क्योंकि ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की उत्सुकता दिखाई है और उसके पास ऐसा करने की क्षमता है.
मार्को रुबियो ने कहा कि मध्य-पूर्व में अमेरिका के सहयोगी हैं और वहां अमेरिकी सैन्य अड्डे भी हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखना चाहता है, जिससे कि ईरान की किसी भी ग़लती की वजह से कोई बड़ा संघर्ष न हो.
मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता ईरान से समझौता करना है. उन्होंने कहा कि यह बहुत मुश्किल है, लेकिन अमेरिका इसके लिए प्रयास जारी रखेगा.
ज़ेलेंस्की ने म्यूनिख में पुतिन को किसका 'ग़ुलाम' बताया
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 'युद्ध का ग़ुलाम' बताया है. ज़ेलेंस्की ने यह बयान जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेंस में दिया.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि पुतिन बिना ताक़त के नहीं रह सकते और उनका अभी पूरा ध्यान यूक्रेन पर है.
ज़ेलेंस्की ने कहा, "पुतिन किसी आम इंसान की तरह नहीं रहते. वह आम गलियों में नहीं चलते, आप उन्हें कैफ़े में नहीं देखेंगे..."
उन्होंने कहा, "वह बिना ताक़त के ज़िंदगी जीने का सोच ही नहीं सकते. सामान्य चीज़ों में उनकी दिलचस्पी ही नहीं है."
उन्होंने कहा, "पुतिन युद्ध की सोच को नहीं छोड़ सकते. वह ख़ुद को भले ही ज़ार (सम्राट) समझते हों, लेकिन हक़ीक़त में वह युद्ध के ग़ुलाम हैं."
नाइजीरिया में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों का गांवों पर हमला, कम से कम 30 लोगों की मौत, हैरी सेकुलिक
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इमेज कैप्शन, इस महाने की शुरुआत में हुए इसी तरह के हमले में 100 से अधिक लोग मारे गए थे
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी इलाक़े के तीन गांवों में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने दर्जनों लोगों की हत्याएं कीं. यह घटना शनिवार सुबह की है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, स्थानीय रिपोर्ट्स में बताया गया कि देश के नाइजर प्रांत में हथियारबंद लोगों ने कइयों को गोली मार दी या उनका गला काट दिया और घरों में आग लगा दी.
इसके अलावा कई लोगों का अपहरण कर लिया. अपहरण किए गए लोगों की संख्या अभी ज्ञात नहीं है.
शनिवार सुबह हुए ये हमले उसी जगह के क़रीब हुए जहां इस महीने की शुरुआत में एक संदिग्ध जिहादी जनसंहार हुआ था. इस जनसंहार में इसी तरह का हमला हुआ था, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे.
नाइजीरिया में कई सालों से सशस्त्र आपराधिक गिरोह हमले और अपहरण करते रहे हैं. इन गिरोहों को बैंडिट कहा जाता है.
हाल के दिनों में पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है.