तेजस्वी के बयान पर सीएम सम्राट बोले - 'ये सत्ता किसी की बपौती नहीं है'
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के 'लालू की पाठशाला' वाले बयान का जवाब दिया है.
उन्होंने विधानसभा में कहा कि 'कोई किसी के पाठशाला से नहीं होता' और कोई भी इस 'ग़लतफ़हमी में न रहे'.
सम्राट चौधरी ने कहा, "कुछ लोगों को लगता है हमारी पाठशाला है. इस बपौती से बाहर निकलिए. किसी की बपौती नहीं है ये सत्ता. ये जो मुख्यमंत्री का पद है वो 14 करोड़ बिहारियों का आशीर्वाद है, इसलिए आज मैं बैठा हूं."
उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार की बदौलत बिहार के मुख्यमंत्री बने थे.
सम्राट चौधरी ने कहा, "नीतीश जी नहीं होते तो लालू जी मुख्यमंत्री होते क्या? लालू जी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने बनाया, कोई किसी के पाठशाला से नहीं होता है. मैंने तो कहा है कि मेरी राजनीति में लालू यादव जी का अत्याचार नहीं होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता. न ही जेल जाता और न ही राजनीति में आता. इसलिए कोई ग़लतफ़हमी में मत रहिए."
इससे पहले बिहार विधानसभा के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 'लालू जी के पाठशाला' के हैं.
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव ने कहा, "विकास कार्यों के लिए एक सरकार को स्थिरता की ज़रूरत होती है. लेकिन बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां पांच साल में यह पांचवीं सरकार बनी है."
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, "हम सम्राट चौधरी को ‘इलेक्टेड मुख्यमंत्री’ की जगह पर ‘सेलेक्टेड मुख्यमंत्री’ बनने के लिए धन्यवाद देना चाहेंगे. और हमें खुशी है कि वह लालू जी की ‘पाठशाला’ के हैं. उनके मुख्यमंत्री बनने से बेहतर हमारे लिए और क्या हो सकता है?."