छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए बॉयलर विस्फोट में 9 मज़दूरों की मौत हो गई. इस घटना में बड़ी संख्या में मज़दूरों के घायल होने की ख़बर है.
ज़िले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार प्लांट में बॉयलर फटने से यह हादसा हुआ. 4 मज़दूरों की मौक़े पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मज़दूरों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. पुलिस अधीक्षक ने मृतकों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है.
चश्मदीदों के अनुसार, सिंघीतराई स्थित प्लांट में रोज़ की तरह काम चल रहा था. इसी दौरान दोपहर क़रीब 2 बजे अचानक बॉयलर में विस्फोट हो गया. बताया जा रहा है कि ट्यूब फटने के कारण यह हादसा हुआ, जिससे प्लांट परिसर में अफ़रा-तफ़री मच गई.
इस दुर्घटना में 30 से 40 मज़दूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं. घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल भेजा गया है. वहीं 11 घायलों का इलाज खरसिया के पद्मावती अस्पताल में जारी है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीम मौक़े पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया.
हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट ने एक बयान जारी कर संवेदना जताई है और कहा है कि इस घटना की जांच शुरू की जा चुकी है.
बयान में कहा गया, "14 अप्रैल 2026 की दोपहर हमारे सिंघीतराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी. इसमें हमारे उप-ठेकेदार, एनजीएसएल के कर्मी शामिल थे, जो यूनिट का संचालन और रख-रखाव करते हैं."
"हमारी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित सभी लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है. हम घायलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ निकट समन्वय बनाए हुए हैं."
वेदांता पावर प्लांट ने कहा, "हम विवरण का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और हमारे सहयोगी और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक गहन जांच शुरू कर दी गई है. इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित परिवारों के साथ हैं."
डभरा थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद प्लांट के बाहर मज़दूरों के परिजनों ने हंगामा किया और घायलों से मिलने की मांग की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौक़े पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं. रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा ने बताया कि सभी घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जा रही है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है.