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ईरान के मीडिया ने दावा किया है कि सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बेटे मोज़तबा ख़ामेनेई 'पूरी तरह स्वस्थ' हैं.
इफ़्तेख़ार अली, रौनक भैड़ा
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ईरान के मीडिया ने दावा किया है कि सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बेटे मोज़तबा ख़ामेनेई 'पूरी तरह स्वस्थ' हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, मेहर न्यूज़ एजेंसी ने लिखा है, "मोज़तबा ख़ामेनेई इस समय परिवार में 'शहीद' हुए लोगों से जुड़े मामलों को देख रहे हैं. वो कामकाज संभाल रहे हैं, सलाह-मशविरा कर रहे हैं और देश के अहम मुद्दों की समीक्षा कर रहे हैं."
मोज़तबा को पिछले कुछ सालों में पिता अली ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता रहा है.
दरअसल, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई इसराइल-अमेरिका की ओर से हुए हमलों में मारे गए हैं. इनमें उनके परिवार के कुछ और सदस्यों की भी मौत हुई है. मरने वालों में मोज़तबा ख़ामेनेई की पत्नी भी शामिल थीं.
ईरानी मीडिया ने सोमवार को अली ख़ामेनेई की पत्नी मंसूरेह ख़ोज़स्तेह बग़रज़ादेह की मौत की पुष्टि भी की थी. वो इसराइल-अमेरिका के हमलों में घायल होने के बाद कोमा में थीं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी देशों में बिगड़ते हुए हालात के बीच तीन देशों के नेताओं से बातचीत की है.
इनमें ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख़ सबाह अल-ख़ालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह और क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हम्माद अल थानी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा की. पीएम मोदी ने तीनों नेताओं से बातचीत में उनके देश में हुए हमलों पर चिंता जतायी. साथ ही इन देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा की.

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असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है.
कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से 42 उम्मीदवारों की लिस्ट को जारी किया गया है.
इस लिस्ट में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का भी नाम है. पार्टी ने उन्हें जोरहाट विधानसभा सीट से टिकट दिया है.
फ़िलहाल गौरव गोगोई जोरहाट लोकसभा सीट से सांसद हैं और लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हैं.
असम में कुल 126 विधानसभा सीटें हैं, जिन पर इसी साल चुनाव होना है.

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू पर आरोप लगाया है कि वो दुनिया का ध्यान ग़ज़ा से हटाने की कोशिश कर रहे हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने एक्स पर लिखा, "ईरान पर हमला करके नेतन्याहू ने दुनिया का ध्यान ग़ज़ा से हटाने की कोशिश की है. अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान ईरान पर है, जिससे नेतन्याहू को मौक़ा मिल गया है कि वह चुपचाप ग़ज़ा और वेस्ट बैंक में अपने नरसंहार वाले एजेंडे को आगे बढ़ा सके."
उन्होंने कहा, "नेतन्याहू की ख़तरनाक निजी महत्वाकांक्षाओं ने फ़लस्तीन और पूरे मध्य-पूर्व को इंसानी इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी में धकेल दिया है."
ग़ौरतलब है कि इसराइल-अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष का आज चौथा दिन है. रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक़, 28 फ़रवरी को शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक ईरान में 787 लोगों की मौत हो चुकी है.

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अमेरिका-इसराइल और ईरान के सैन्य संघर्ष के बीच दो तेल टैंकरों पर हमला हुआ, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई. इन हमलों में 15-20 नाविक घायल हुए हैं.
अधिकारियों ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "एक व्यक्ति की मौत हुई और दो लोग लापता हो गए. लेकिन वे नहीं मिले, इसलिए माना जा रहा है कि उनकी मौत हो गई है. घायलों में से दो की हालत गंभीर है."
अधिकारियों से अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि मरने वाले और घायल होने वाले भारतीय किस राज्य से हैं.
एक हमला मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला 'एमकेडी व्योम' तेल टैंकर पर हुआ. यह टैंकर सऊदी अरब जा रहा था, लेकिन मस्कट के पास ड्रोन बोट से इस पर हमला हुआ.
दूसरा हमला व्यापारिक जहाज़ 'एमवी स्काईलाइट' पर हुआ, इसमें 20 क्रू मेंबर्स घायल हुए. घायलों में 15 भारतीय और 5 ईरानी शामिल हैं.
ओमान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, "दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और जल्दी वापस लाया जा सके."
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इसराइल और अमेरिका के हमलों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने 'राष्ट्रीय एकता को सबसे बड़ी ताक़त' बताया है. साथ ही कहा है कि असाधारण स्थिति में भी देश भर में गतिविधियां जारी हैं.
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने एक्स पोस्ट में लिखा, "हम गवर्नरों से सीधे संपर्क में हैं. स्थिति असाधारण है, लेकिन देश रुका नहीं है."
उन्होंने कहा, "देश भर में गतिविधियां जारी हैं. प्रांतों को आवश्यक अधिकार सौंपे गए हैं. निर्णय तेजी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लिए जा रहे हैं. राष्ट्रीय एकता हमारी सबसे बड़ी ताक़त है."
गौरतलब है कि इससे पहले इसराइल की सेना ने दावा किया था कि उनकी एयर फ़ोर्स ने ईरान स्थित राष्ट्रपति कार्यालय को निशाना बनाया है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान बातचीत करना चाहता है. ट्रंप ने यह दावा एक सोशल मीडिया पोस्ट में किया.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "उनकी एयर डिफ़ेंस, एयर फ़ोर्स, नेवी और लीडरशिप ख़त्म हो गई है. वे बात करना चाहते हैं. मैंने कहा 'बहुत देर हो गई है'."
इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान उनसे बातचीत करना चाहता है.
तब ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा था, "हम अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेंगे."


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भारत के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष को 'चिंता का विषय' माना है. साथ ही इन देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को सबसे बड़ी 'प्राथमिकता' बताया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बयान जारी करते हुए कहा, "भारत एक बार फिर बातचीत और कूटनीति पर ज़ोर देता है. हम साफ़ तौर पर संघर्ष को जल्द ख़त्म करने के पक्ष में हैं. पहले ही कई ज़िंदगियां चली गई हैं और हम इस पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं."
उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से रमज़ान के पवित्र महीने में हालात लगातार और गंभीर रूप से बिगड़ गए हैं. पिछले दिनों संघर्ष तेज़ हुआ और यह दूसरे देशों तक फैल गया है. तबाही और मौतें बढ़ रही हैं, जबकि सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां रुक गई हैं."
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, "खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं. भारत उन घटनाओं को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता, जो उन्हें नुक़सान पहुंचाती हैं. भारत की व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति भी इसी क्षेत्र से जुड़ी है. कोई बड़ा अवरोध भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकता है."
"भारत व्यापारिक जहाज़ों पर हमलों का भी सख़्त विरोध करता है. पिछले कुछ दिनों में ऐसे हमलों में कुछ भारतीयों की मौत हुई है या वे लापता हैं. हम इस क्षेत्र के देशों और सरकारों से संपर्क में हैं. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों से बातचीत की है."
गौरतलब है कि हाल ही में यह सूचना सामने आई थी कि मध्य-पूर्व के सैन्य संघर्ष में तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाज़ों पर हमले हुए, जिनमें तीन भारतीयों की मौत हो गई.

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ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी का कहना है कि अमेरिका और इसराइल के हमलों में अब तक 787 लोगों की मौत हो चुकी है.
अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान' ने बताया कि ईरान में 742 आम नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं.
ईरानी संसद की हेल्थ कमिशन की सदस्य फ़ातेमेह मोहम्मदबेगी ने सोमवार को कहा कि ईरान में 9 अस्पतालों को निशाना बनाया गया.
उन्होंने अमेरिका और इसराइल पर 'जानबूझकर' अस्पतालों को निशाना बनाने का आरोप लगाया.
वहीं, इसराइली सेना का कहना है, "हमला अस्पताल को निशाना बनाने की मंशा से नहीं किया गया था."

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भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नबीन को बिहार से उम्मीदवार बनाया गया है.
बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से बताया गया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जो इस प्रकार है:
- बिहार से नितिन नबीन और शिवेश कुमार
- असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन
- छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा
- हरियाणा से संजय भाटिया
- ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार
- पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा
एनडीए के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने उपेंद्र कुशवाहा को बिहार से उम्मीदवार बनाया है.

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इसराइल की सेना ने दावा किया है कि उनकी एयर फ़ोर्स ने ईरान स्थित राष्ट्रपति कार्यालय को निशाना बनाया है.
टेलीग्राम पर जारी किए गए बयान में इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने कहा, "राष्ट्रपति कार्यालय और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल पर 'कई गोला-बारूद' गिराए गए हैं."
आईडीएफ़ के मुताबिक़, उस सरकारी कंपाउंड पर हमला हुआ है, जिसका इस्तेमाल ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई करते थे. ख़ामेनेई की मौत इसी कंपाउंड में पिछले हफ़्ते अमेरिकी-इसराइली हमले में हुई थी.
आईडीएफ़ ने यह भी बताया, "एक मिलिट्री ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन और 'सरकार की कुछ और अहम जगहों' को भी निशाना बनाया गया है."

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ईरान में हो रहे हमलों के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की तरफ़ से बयान जारी हुआ है. दूतावास ने जानकारी दी हैकि तेहरान में मौजूद ज़्यादातर भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया है.
भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइज़री में बताया गया है, "सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए स्टूडेंट्स के लिए परिवहन, भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है."
दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों और नागरिकों को कुछ दिशानिर्देश भी दिए हैं, "घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें, हर समय सावधानी बरतें, विरोध या प्रदर्शन वाले इलाक़ों से दूर रहें और भारत के दूतावास से लगातार संपर्क में रहें."

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ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं: +989128109115, +989128109102, +989128109109 और +989932179359
ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in

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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से फ़ोन पर बात की है.
2 मार्च को हुई इस बातचीत में चीनी विदेश मंत्री ने ईरान के सैन्य संघर्ष के बारे में ताज़ा स्थिति जानी.
चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, अराग़ची ने कहा, "अमेरिका ने बातचीत के दौरान दूसरी बार ईरान पर हमला किया है. अमेरिका की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के ख़िलाफ़ है. ईरान के पास अब अपनी रक्षा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है."
वांग यी ने कहा, "चीन ईरान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को महत्व देता है और ईरान को अपनी संप्रभुता, सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा करने में समर्थन देता है. चीन ईरान के वैध और क़ानूनी अधिकारों का भी समर्थन करता है."
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने आगे कहा, "चीन ने अमेरिका और इसराइल से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है ताकि तनाव न बढ़े और संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में न फैले."
नमस्कार!
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर इसराइली और अमेरिकी हमलों के मामले में ब्रिटेन के रुख़ पर नाराज़गी जताई है.
अख़बार द सन से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "प्रधानमंत्री मददगार नहीं रहे हैं. मैंने कभी सोचा नहीं था कि ऐसा होगा. मुझे नहीं लगा था कि ब्रिटेन से ऐसा देखने को मिलेगा."
टेलीफ़ोन पर दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "यह देखना बहुत दुखद है कि रिश्ते अब पहले जैसे नहीं रहे."
सोमवार को स्टार्मर ने संसद में कहा था कि उनकी सरकार 'हवाई हमलों के ज़रिए किसी देश में सत्ता परिवर्तन' पर यक़ीन नहीं करती है.
शुरुआत में ब्रिटेन ने अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन बाद में 'रक्षात्मक' हमलों के लिए इन्हें खोल दिया.
ट्रंप ने कहा, "फ़्रांस शानदार रहा है. बाकी सभी भी अच्छे रहे हैं. लेकिन यूके का रुख़ दूसरों से काफ़ी अलग रहा है."

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ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि उसने इसराइल के तीन सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई लेबनान के कई शहरों और क़स्बों पर हुए ‘इसराइली हमलों’ के जवाब में की गई है.
टेलीग्राम पर किए गए तीन अलग-अलग पोस्ट में हिज़्बुल्लाह ने दावा किया कि उसने गोलान हाइट्स में नफ़ाह बेस पर ‘मिसाइलों की बौछार’ की.
इसके अलावा उत्तरी इसराइल में मेरोन और रमत डेविड एयरबेस पर ड्रोन से हमला करने की बात भी कही गई है.
हालांकि, इसराइली सेना ने इन हमलों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने ईरान पर हमले के कारण के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “रुबियो ने वह बात स्वीकार की जो हम सभी जानते थे कि अमेरिका ने अपनी मर्ज़ी से इसराइल की ओर से युद्ध में प्रवेश किया.”
“ईरान की ओर से अमेरिका को कभी कोई तथाकथित ख़तरा नहीं था.”
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका को ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी कि इसराइल ईरान पर तत्काल सैन्य हमला करने की योजना बना रहा है और यह साफ़ था कि ईरान तुरंत अमेरिकी सेना पर हमला करके जवाबी कार्रवाई करेगा. इसलिए अमेरिकी सेना ने तत्काल ख़तरे को टालने और अपनी सेना की रक्षा करने के लिए क़दम उठाए.