बिहार के मुंगेर ज़िले में लोगों का गुस्सा देखते हुए चुनाव आयोग ने ज़िले के डीएम और एसपी, दोनों को उनकी ड्यूटी से हटाने का निर्देश दिया है.
साथ ही चुनाव आयोग ने मुंगेर में हुई घटना (हिंसा) की जाँच के आदेश भी दिये हैं जो मगध प्रमण्डल के कमिश्नर असंगबा चुबा आव करेंगे.
इसके बाद रचना पाटिल को मुंगेर का नया डीएम और मानवजीत सिंह ढिल्लो को नया एसपी बनाया गया है.
रचना पाटिल - नई डीएम और मानवजीत सिंह ढिल्लो- नए एसपी बने हैं.
चुनाव आयोग ने यह बड़ी कार्रवाई मुंगेर में दशहरे पर माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई फ़ायरिंग और उसमें एक युवक की मौत के बाद की है.
विपक्ष ने प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार पर इस घटना को लेकर ज़ोरदार हमला बोला है और झड़प में कथित तौर पर पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत को ‘जलियाँवाला बाग़ जैसी घटना’ बताया है.
इस घटना से नाराज़ स्थानीय लोगों ने गुरुवार को ज़िला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय और एसडीओ आवास पर काफ़ी तोड़फोड़ की. इस घटना के बाद से मुंगेर में तनाव बना हुआ है.
बीबीसी हिंदी के सहयोगी पत्रकार नीरज प्रियदर्शी के मुतािबक़ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिहार के मुंगेर में हुई हिंसा को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आक्रोश शांत होता नहीं दिख रहा है.
विधानसभा चुनाव के मतदान में शांत रहे लोग अगले दिन भड़क उठे. शहर और आसपास के इलाकों में पुलिस के ख़िलाफ़ जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ.
सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने शहर के तीन थानों कासिम बाज़ार, कोतवाली और को पूरब सराय में आग लगा दी.
ज़िले के एसपी और कलेक्टर के दफ्तर और आवास पर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और नारेबाज़ी हुई. दूसरे अन्य पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों में भी तोड़फोड़ की गई. पुलिस के दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं.
मतदान के दिन भी लोगों का गुस्सा देखने को मिला था. शाम को कैंडिल मार्च निकाला गया. प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा का ही असर था कि मुंगेर में पूरे बिहार में सबसे कम सिर्फ़ 47.36 फ़ीसदी वोटिंग हुई.
बीते सोमवार की रात शहर के दीनदयाल चौक के समीप हुई गोलीबारी और हिंसा में पुलिस के मुताबिक़ "गोलीबारी असामाजिक तत्वों की तरफ़ से हुई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए",
वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार "पुलिस ने गोलियां बरसाई, एक से अधिक जानें गईं हैं, मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है."
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि मुंगेर की एसपी लिपि सिंह के आदेश पर ही पुलिस ने विसर्जन करने जा रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं.
बीबीसी की तरफ़ से की गई कोशिशों में फ़िलहाल मुंगेर पुलिस को कोई भी अधिकारी इस मामले पर बात करने के लिए तैयार नहीं है.
पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस बात से संतुष्ट नहीं हैं कि डीएम और एसपी को हटा दिया गया.
एबीवीपी से जुड़े मुंगेर के युवा विक्की यादव ने बीबीसी से कहा, "पुलिस की गोलीबारी में हमारे लोगों की जान गई है. जो गया है वह लौटकर तो नहीं आ सकता, मगर हम चाहते हैं कि जिनके आदेश पर गोलियां चलाई गईं उनके ख़िलाफ़ धारा 302 के तहत हत्या का मुक़दमा दर्ज किया जाए. जब तक एसपी और डीएम के खिलाफ 302 नहीं लगता है, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा."
विक्की के मुताबिक़ "प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस की बर्बरता हमारी आस्था के ऊपर प्रहार है. इसकी कीमत पुलिस को चुकानी पड़ेगी."