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प्रिगोझिन का प्लेन क्रैश, घटना स्थल पर मिले आठ शव- रूसी समाचार एजेंसी

रूस की प्राइवेट आर्मी वागनर के संस्थापक येवेगनी प्रिगोझिन का एक प्राइवेट जेट रूस शहर तेवेर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है.

लाइव कवरेज

  1. प्लेन क्रैश साइट पर मिले आठ शव- रूसी समाचार एजेंसी

    रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक घटनास्थल पर आठ शव मिले हैं.

    एजेंसी ने यह जानकारी आपातकालीन सेवाओं के हवाले से दी है.

    इसके अलावा समाचार एजेंसी रायटर्स ने एक फोटो जारी की है, जिसमें पश्चिमी रूस के तेवेर क्षेत्र में एक विमान के मलबे में आग लगी हुई दिखाई दे रही है. बीबीसी अभी तक इस फोटो की पुष्टि नहीं कर पाया है.

    रूस में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान की पैसेंजर लिस्ट में रूस की प्राइवेट आर्मी वागनर ग्रुप के संस्थापक येवगेनी प्रिगोझिन का भी नाम है.

    इस विमान दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई. माना जा रहा है कि प्रिगोझिन इस विमान पर सवार थे.

    प्रिगोझिन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने साधी चुप्पी

    प्रिगोझिन से जुड़े होने का दावा करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स ने अभी तक उनकी मौत या उनके जीवित होने को लेकर कोई दावा नहीं किया है.

    कुछ लोग कह रहे हैं कि दुर्घटना के समय प्रिगोझिन के स्वामित्व वाला एक अन्य बिजनेस जेट भी हवा में था, जिसने मॉस्को से उड़ान भरी थी.

    वागनर ग्रुप से जुड़ा चैनल रिवर्स साइड ऑफ द मेडल का कहना है कि यह दूसरा जेट वापस मुड़ गया है और मॉस्को की तरफ वापस जा रहा है.

  2. रूसी प्राइवेट आर्मी वागनर के चीफ येवेगेनी प्रिगोझिन का विमान गिरा, दस मरे

    रूस की प्राइवेट आर्मी वागनर के संस्थापक येवेगनी प्रिगोझिन का एक प्राइवेट जेट रूस शहर तेवेर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है.

    इसमें सवार सभी दस लोगों की मौत हो गई है.

    रूसी न्यूज़ एजेंसी इंटरफैक्स ने आपातकालीन मंत्रालय के हवाले से ये ख़बर दी है.

    मंत्रालय के मुताबिक़ विमान में सवार दस लोगों में से सात यात्री और तीन चालक दल के सदस्य थे.

    समझा जाता है कि सभी दस लोगों की मौत हो गई है. मंत्रालय ने कहा है कि विमान तवेर क्षेत्र के नजदीक कुझेनकिनो बस्ती के नजदीक गिरा.

    पहले आशंका जताई जा रही थी प्रिगोझिन इसमें सवार थे, और उनकी मौत हो गई है .

    लेकिन अभी तक इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है.

    वागनर ग्रुप ने इस साल जून में अपने मॉस्को की ओर कूच किया था. कहा जा रहा था कि उन्होंने पुतिन के ख़िलाफ़ विद्रोह कर दिया है. लेकिन बाद में वो पीछे हट गए थे.

    नए अपडेट मिलने के साथ ही हम जल्द ही और जानकारी प्रकाशित करेंगे. ताज़ा जानकारी के लिए पेज को रीफ़्रेश करें.

  3. भारत पहुंचा चांद पर, रूस, जापान, यूएई, इसराइल और ब्रिटेन ने क्या कहा...

    भारत के चांद पर पहुंचने की उपलब्धि पर दुनिया के कई देशों ने बधाई दी है.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को बधाई देते हुए कहा कि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग विज्ञान और तकनीक की दुनिया में भारत की तरक्की को दिखाता है.

    पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने इसरो को बधाई दी है.

    उन्होंने एक ट्वीट में भारत के इस क्षण को बड़ी उपलब्धि करार दिया है.

    उन्होंने कहा, ''चंद्रयान-3 का चांद पर पहुंचना इसरो के लिए बड़ी उपलब्धि है. इसरो के अध्यक्ष मिस्टर सोमनाथ के साथ युवा वैज्ञानिकों के जश्न को भी मैं देख रहा हूं. सपने देखने वाले युवा ही दुनिया को बदल सकते हैं. गुड लक.''

    भारत में जापान के राजदूत हिरोशी सुजुकी ने भारत की इस सफलता पर बधाई दी है.

    उन्होंने कहा कि जापान चंद्रमा को एक्सप्लोर करने में सहयोग को बढ़ाने के लिए आशान्वित है.

    भारत में इसराइल के दूत नाओर गिलोन ने भारत को इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा, ''आपके समर्पण ने हम सब को आश्चर्य में डाल दिया है.''

    संयुक्त अरब अमीरात की मंत्री सारा अल अमीरी ने भी बधाई दी है.

    उन्होंने कहा कि यह पूरी मानवता के लिए ऐतिहासिक क्षण है.

    ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक्स पर टैग करते हुए लिखा, ''ऐतिहासिक क्षण. चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बनने के लिए बधाई. भारतीय लोगों की एक बड़ी उपलब्धि.''

  4. चंद्रयान 3 ने जब चांद पर सफल लैंडिंग की

  5. चंद्रयान-3 ने चांद की सतह पर लैंडिंग के बाद भेजी पहली तस्वीर

    भारतीय उपग्रह चंद्रयान-3 ने बुधवार शाम चांद के दक्षिणी उपग्रह पर उतरने के बाद चांद की ताजा तस्वीरें भेजी हैं.

    ये तस्वीर विक्रम लैंडर के चंद्रमा पर उतरने के बाद खींची गई है.

    इन तस्वीर में चांद की ज़मीन और उसमें मौजूद गड्ढे दिखाई दे रहे हैं.

    इसके साथ ही चार तस्वीरें चांद पर उतरते वक़्त खींची गई थीं जिन्हें इसरो ने साझा किया है.

  6. दक्षिण अफ़्रीका में क्या पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाक़ात होगी?

  7. चांद-तारे तोड़ लाऊं... शाहरुख ने कुछ इस तरह से इसरो को दी बधाई

    सुपरस्टार शाहरुख ख़ान ने चंद्रयान-3 की सफलता पर इसरो को बधाई दी है.

    चंद्रयान-3 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ़्ट लैंडिंग करने में सफल रहा.

    अभिनेता ने एक ट्वीट में कहा, "चांद-तारे तोड़ लाऊं...सारी दुनिया पर मैं छाऊं. आज इंडिया और इसरो छा गया. वैज्ञानिकों और इंजीनियरों और पूरी टीम को बधाई जिन्होंने भारत को गर्व करने का अवसर दिया. चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सॉफ़्ट लैंडिंग करने में सफल रहा."

    चंद्रयान-3 ने चांद की सतह पर उतर कर इतिहास रच दिया है.

    चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला भारत पहला देश बन गया है.

    चंद्रमा पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर उसमें से निकलेगा और चंद्रमा की सतह पर घूमकर शोध करेगा और जानकारी जुटाएगा.

    14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले चंद्रयान-3 ने अपनी 40 दिनों की लंबी यात्रा पूरी की है.

  8. चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग से भारत को क्या हासिल होगा, जानिए हर सवाल के जवाब

  9. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और चीफ़ जस्टिस ने चंद्रयान-3 की सफलता पर क्या कहा...

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए इसरो को बधाई दी है.

    द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि चंद्रयान-3 का चांद की सतह पर उतरना एक ऐसा क्षण है जो जीवनकाल में एक बार ही आता है.

    उन्होंने कहा कि चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करवा कर वैज्ञानिकों ने न केवल इतिहास रचा है बल्कि भौगोलिकता की परिभाषा को भी नए सिरे से परिभाषित किया.

    राष्ट्रपति ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरे भारत को गर्व है. इस मिशन में शामिल इसरो के सभी लोगों को मैं शुभकामनाएं देती हूं."

    यह पूरी मानवता के लिए बड़ी उपलब्धि है.

    भारत के चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी है.

    उन्होंने कहा कि एक नागरिक के तौर पर उन्हें चंद्रयान-3 की सफलता पर बेहद गर्व है.

    इस सफलता ने भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया हो जो चांद की सतह तक पहुंच चुके हैं.

    भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश है. उन्होंने टीम इसरो को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे देश को गर्व करने का क्षण दिया है.

  10. राकेश शर्मा को अंतरिक्ष में क्या दिखा था, कैसा रहा था अनुभव

  11. नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने चंद्रयान-3 की सफलता पर ये कहा

    नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने चंद्रयान-3 की सफलता के लिए इसरो को बधाई दी है.

    नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने एक ट्वीट में कहा, "चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के लिए इसरो को बधाई. चांद पर सफलतापूर्वक सॉफ़्ट लैंडिग करनेवाला चौथा देश बनने के लिए भारत को बधाई. इस मिशन में आपका सहयोगी बनकर हमें बेहद खुशी है."

    नासा की ये प्रतिक्रिया इसरो के एक ट्वीट पर आई है.

    भारत को चांद पर सफलता मिल गई है. चंद्रयान-3 ने चांद की सतह पर उतर कर इतिहास रच दिया है.

    चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला भारत पहला देश बन गया है.

    चंद्रमा पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर उसमें से निकलेगा और चंद्रमा की सतह पर घूमकर शोध करेगा और जानकारी जुटाएगा.

    14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले चंद्रयान-3 ने अपनी 40 दिनों की लंबी यात्रा पूरी की है.

    इसरो की इस सफलता पर यरोपीयन स्पेस एजेंसी (ईएसए) ने भी बधाई दी है.

    ईएसए के प्रमुख जोज़फ एशबाकर ने कहा, "अद्भुत, इसरो और भारत के सभी लोगों को बधाई. नई तकनीक को प्रदर्शित करने का शानदार तरीका और चांद पर भारत की सॉफ़्ट लैंडिंग. शानदार, मैं बहुत प्रभावित हूं."

    उन्होंने इस मौके पर इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए ईएसए ऑपरेशंस को भी बधाई दी और कहा कि एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक शक्तिशाली साझेदार होता है.

  12. चंद्रयान-3 के चारों ओर सुनहरी परत क्यों लगी है?

  13. चंद्रयान-3 : चांद पर पहुंचा भारत, रचा इतिहास

  14. चंद्रयान-3: प्रज्ञान रोवर विक्रम लैंडर से कब निकलेगा इसरो चीफ़ ने बताया

    चंद्रयान-3 के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर पहुंचने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके इस अभियान की अहम जानकारियां साझा की हैं.

    चंद्रयान-3 अभियान का विक्रम लैंडर चंद्रमा पर पहुंच गया है. इस लैंडर में रोवर भी है जो चंद्रमा का अध्ययन करेगा. इस रोवर का नाम प्रज्ञान है.

    एस. सोमनाथ ने कहा कि "प्रज्ञान रोवर जल्द ही बाहर आएगा और इसमें एक दिन भी लग सकता है. इसमें से कई यंत्र भी निकलेंगे जिनमें रम्भा शामिल है. रम्भा चंद्रमा के वातावरण का अध्ययन करेगा."

    "ये रोवर दो अहम अध्ययन करेगा जिनमें सबसे पहले लेज़र से उस ज़मीन का अध्ययन करना शामिल है. इसके साथ ही उसके रसायन को भी जानने की कोशिश की जाएगी."

    इसरो चीफ़ ने बताया कि इस अभियान की सबसे मुश्किल घड़ी उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाकर छोड़ना था और फिर दूसरी मुश्किल घड़ी इसको चंद्रमा पर लैंड कराना था.

    इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा समेत ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन के ग्राउंड स्टेशंस को भी शुक्रिया अदा किया.

    सोमनाथ ने बताया कि कई विदेशी एजेंसियों ने भी इसमें मदद की जिसकी वजह से इस अभियान में सफलता मिल पाई.

  15. चंद्रयान-3: चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचकर भारत ने रचा इतिहास

  16. चंद्रयान-3: राहुल गांधी ने इसरो को बधाई देते हुए ये कहा

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चंद्रयान-3 की सफलता पर इसरो को बधाई दी है.

    उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ''आज की सफलता के लिए इसरो को बधाई. चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग वैज्ञानिक कम्युनिटी की वर्षों की मेहनत का परिणाम है."

    कांग्रेस नेता ने कहा, ''1962 से भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और सपने देखने वाले युवा पीढ़ियों को प्रेरित कर रहा है.''

    भारत को चांद पर सफलता मिल गई है. चंद्रयान-3 ने चांद की सतह पर उतर कर इतिहास रच दिया है.

    चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला भारत पहला देश बन गया है.

    चंद्रमा पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर उसमें से निकलेगा और चंद्रमा की सतह पर घूमकर शोध करेगा और जानकारी जुटाएगा.

    14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले चंद्रयान-3 ने अपनी 40 दिनों की लंबी यात्रा पूरी की है.

  17. चंद्रयान-3 की सफलता के बाद पीएम मोदी ने अगले अंतरिक्ष अभियान के बारे में बताया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ़्रीका से वर्चुअली इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित किया.

    उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता की बधाई के साथ इसरो के एक और मिशन की जानकारी दी है.

    पीएम मोदी ने कहा, ''जल्द ही सूर्य के विस्तृत अध्ययन के लिए इसरो आदित्य एल-वन मिशन शुरू करने जा रहा है. इसके बाद शुक्र भी इसरो के लक्ष्यों में से एक है.

    "गगनयान के ज़रिए ह्यमून मिशन भी है. भारत बार बार ये साबित कर रहा है कि उड़ान की कोई सीमा नहीं है. इसलिए आज के दिन को हमेशा याद रखेंगे. ये दिन हम सभी को उज्ज्वल भविष्य की ओर प्रेरित करेगा.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''चंद्रयान-3 का मिशन पूरी मानवता के लिए है, यह मानवतावादी विचार पर आधारित है. मुझे विश्वास है कि दुनिया के सभी देश ये उपलब्धि हासिल कर सकते हैं."

    "हम सभी चांद और उससे आगे के जहां के सपने देख सकते हैं. भारत की उड़ान चंद्रमा की कक्षा से आगे जाएगी. अभी कहा जाता है-चंदा मामा बहुत दूर के हैं और अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे-चंदा मामा बस एक टूर के हैं.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''मैं दुनिया के सभी देशों के लोगों से कहना चाहता हूं कि ये सिर्फ़ भारत की सफलता नहीं है. ये एक ऐसा साल है, जब भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है. हमारा एप्रोच वन अर्थ, वन फैमिली का है और हम ये रिप्रेजेंट करते हैं."

  18. चंद्रयान-3: चांद पर उतरा चंद्रयान, अब प्रज्ञान रोवर के बाहर निकलने की बारी

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, चंद्रयान-3 अभियान की सफलता के बाद पीएम मोदी क्या बोले

    चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के बाद भारत ने इतिहास रच दिया है.

    चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने अभियान की सफलता की घोषणा की.

    इसरो चीफ़ ने पीएम मोदी का अभिवादन करते हुए उन्हें बोलने के लिए आमंत्रित किया.

    उन्होंने कहा, “मैं अपने पीएम से हमें आशीर्वाद देने को कहूंगा.”

    ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ़्रीका गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया.

    पीएम मोदी ने कहा,“हमारे परिवारजनों जब हम अपनी आंखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं, जीवन धन्य हो जाता है. ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं राष्ट्र जीवन की चेतना बन जाती हैं. ये पल अविस्मरणीय है. ये क्षण अभूतपूर्व है. ये क्षण विकसित भारत के शखनांद का है. ये क्षण नए भारत के जय घोष का है. ये क्षण मुश्किलों के महासागर को पार करने का है. ये क्षण जीत के चंद्रपथ पर चलने का है. ये क्षण 140 करोड़ धड़कनों के सामर्थ्य का है. ये क्षण भारत में नई ऊर्जा नई चेतना का है.”

    उन्होंने कहा,“इसरो ने वर्षों तक इस पल के लिए इतना परिश्रम किया है. मैं 140 करोड़ देशवासियों को बधाई देता हूं.”

    “हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम और प्रतिभा से चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचा है, जहां दुनिया का कोई देश भी नहीं पहुंच सका है. अब चांद से जुड़े मिथक बदल जाएंगे और कथानक बदल जाएंगे, नई पीढ़ी के लिए कहावतें भी बदल जाएगी.”

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, चंद्रयान-3 की चांद पर सफल लैंडिंग, भारत ने रचा इतिहास

    भारत को चांद पर सफलता मिल गई है. चंद्रयान-3 ने चांद की सतह पर उतर कर इतिहास रच दिया है.

    चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला भारत पहला देश बन गया है.

    चंद्रमा पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर उसमें से निकलेगा और चंद्रमा की सतह पर घूमकर शोध करेगा और जानकारी जुटाएगा.

    14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले चंद्रयान-3 ने अपनी 40 दिनों की लंबी यात्रा पूरी की है.

    चंद्रयान-3 में क्या-क्या है?

    इसरो के बताए गए विवरण के मुताबिक, चंद्रयान-3 के लिए मुख्य रूप से तीन उद्देश्य निर्धारित हैं.

    चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराना, चंद्रमा की सतह कही जाने वाली रेजोलिथ पर लैंडर को उतारना और घुमाना लैंडर और रोवर्स से चंद्रमा की सतह पर शोध कराना.

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