जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया है कि शनिवार को कश्मीर में पत्रकारों को धमकी देने की जांच के संबंध में 12 जगहों पर छापेमारी की गई.
पुलिस ने श्रीनगर में जिन के घरों पर छापे मारे, उनमें गौहर गिलानी, मोहम्मद राफी, वसीम खालिद, राशिद मक़बूल, सजाद क्रलयारी भी शामिल हैं.
गौहर गिलानी स्वतंत्र पत्रकार हैं और कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउसेस के लिए काम करते रहे हैं. गौहर ने बीते वर्षों में एक अंग्रेजी भाषा में एक किताब भी लिखी है.
मोहम्मद राफी भी स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते रहे हैं. राशिद मक़बूल यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के साथ-साथ राइजिंग कश्मीर अख़बार के साथ भी काम करते हैं.
अनंतनाग में पुलिस के ग्रेटर कश्मीर के पूर्व रिपोर्टर खालिद गुल के घर पर भी छापा मारा जबकि अनंतनाग में ही कश्मीरियत नाम के एक न्यूज़ पोर्टल के संपादक क़ाज़ी शिब्ली के घर पर भी छापा मारा गया.
पुलिस ने अपने बयान में जिनके नाम ज़ाहिर किए हैं,उनको पत्रकार नहीं लिखा है.
पुलिस ने अपने बयान में बताया है, "जिन 12 जगहों पर कश्मीर में छापे मारे गए, उनमें मुख़्तार बाबा और सज्जाद गुल जैसे भगोड़े भी शामिल हैं जो की लश्कर ए तैयबा और टीआरएफ के सक्रिय आतंकवादी हैं. इनके इलावा दूसरे संदिग्धों के घरों पर भी छापे मारे गए."
कश्मीर में काम करने वाले कई पत्रकारों को हाल के दिनों में एक 'थ्रेट लेटर ' के ज़रिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर धमकी देकर इन पर पुलिस और सेना के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है. कुछ पत्रकारों को कश्मीर में बीजेपी का नैरेटिव आगे बढ़ाने वाला बताया गया है.
पत्रकारों को धमकी कश्मीरफाइट.कॉम नामी प्लेटफार्म से दी गई है. कश्मीर में कश्मीरफाइट.कॉम नामी वेबसाइट को ब्लैकलिस्ट किया गया है.
पुलिस ने शनिवार को पहले एक ट्वीट में बताया था कि पत्रकारों को धमकी देने के सम्बन्ध में भारी पैमाने पर अनंतनाग, श्रीनगर और कुलगाम में दस जगहों पर छापेमारी की जा रही है.
पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया है.
पुलिस ने बताया है कि छापों के दौरान लैपटॉप्स, मोबाइल फ़ोन्स,मेमोरी कार्ड्स और दूसरे दस्तावेज़ों को ज़ब्त किया गया है.
कुछ दिन पहले पुलिस ने इस मामले में चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और दी रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के खिलाफ श्रीनगर के शेरगरी थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई है.
इन धमकियों के बाद अब तक कम से कम पांच पत्रकारों ने अपनी नौकरियों से इस्तीफा दिया है. एक स्थानीय अंग्रेज़ी अख़बार के तीन पत्रकारों ने अपनी नौकरियों से इस्तीफा देने की बात कही है.