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कश्मीर अपडेट: जुमे की नमाज़ के लिए क्यों नहीं निकले लोग?
जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को भी हलचल कम ही दिखी. बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर ने बताया कि जुमे की नमाज़ के लिए लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे. धारा 144 लगाए जाने की वजह से श्रीनगर की दो बड़ी मस्जिदों को बंद रखा गया.
स्थितियां वैसी की वैसी हैं. अगर यहां कुछ नहीं होता था तो भी शुक्रवार को सुरक्षा बलों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण स्थितियां होती थीं क्योंकि घनी आबादी वाले इलाक़ों में लोग घरों से निकलते थे तो स्थिति थोड़ी बिगड़ जाती थी.
लेकिन पांच अगस्त से जबसे राज्य के विशेष दर्जे को ख़त्म किया गया है, तबसे न तो श्रीनगर के हज़रतबल दरगाह में और ना ही जामा मस्जिद में नमाज़ हुई है.
जामा मस्जिद में जो नमाज़ पढ़ाते हैं मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ उन्हें घर में नज़रबंद कर लिया गया है. इसके अलावा कई ऐसी मस्जिदें हैं जहां मजमे की अनुमति नहीं दी जाती है क्योंकि धारा 144 का मतलब ही ये है कि ऐसी जगह पर चार से अधिक लोगों को जमा न होने दिया जहां पर प्रशासन को ये आशंका हो कि वहां पर किसी तरह की कोई हिंसक गतिविधि या विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं.
इस शुक्रवार को ये सातवां जुमा है और आम तौर पर सुबह नौ बजे तक जो लोग बाहर निकल कर ज़रूरी सामान ख़रीदते थे उसमें भी इस दिन कमी आ जाती है क्योंकि सख़़्तियां ज्यादा होती हैं, सड़कें ब्लॉक कर दी जाती हैं, चौकसी बढ़ा दी जाती है.
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