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अनुमान कहीं ज़्यादा तेज़ी से पिघल रहा है ग्लेशियर?
क्या धरती का बड़ा हिस्सा समंदर में डूबने की ओर बढ़ रहा है?
ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि वैज्ञानिकों के मुताबिक़ ग्लेशियर बहुत तेज़ रफ़्तार से पिघल रहे हैं. जितनी तेज़ी से हम सोच रहे हैं उसके कहीं ज़्यादा तेज़ी से.
अंटार्कटिक महाद्वीप के थ्वेट्स ग्लेशियर (जिसे डूम्सडे ग्लेशियर भी कहा जाता है) का अध्ययन करके वैज्ञानिकों ने ये आशंका ज़ाहिर की है.
डूम्सडे ग्लेशियर को प्रलयकारी ग्लेशियर भी कहा जाता है क्योंकि इसके पिघलने से समंदरों का जल स्तर इतना अधिक बढ़ेगा जिससे तबाही तक आ सकती है.
वैज्ञानिकों की जो टीम इसकी जांच के लिए वहां पहुंची उनके साथ बीबीसी की टीम भी थी. ये ग्लेशियर कितना विशाल है इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि आकार में ये ब्रिटेन के बराबर है.
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