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ठंड और प्रदूषण से कोरोना संक्रमण की मुसीबत बढ़ेगी?
भारत एक ओर जहां कोरोना वायरस से निपट रहा है, वहीं मौसम ने भी अपनी चाल बदल दी है और हवा में ठंड का एहसास होने लगा है. इस ठंडक के बीच राजधानी दिल्ली और एनसीआर एक धूंधली चादर में ढंका हुआ नज़र आता है. ये चादर प्रदूषित हवा का है.
बताया जा रहा है कि पराली जलने से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है. इस बीच एक शोध में बताया गया है कि कोविड -19 के दौरान ये प्रदूषण मौत का एक बड़ा कारण बन सकता है.
इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च यानि आईसीएमआर का कहना है कि लंबे समय तक प्रदूषण के प्रभाव में रहने से कोविड-19 से मौत का ख़तरा बढ़ सकता है.
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव का कहना है, ''यूरोप और अमरीका में प्रदूषित इलाक़ों में और लॉकडॉउन के दौरान होने वाली मौत का तुलनात्मक अध्ययन किया गया और इसमें ये जानने की कोशिश की गई कि प्रदूषित हवा का इससे क्या संबंध है. पता चला कि प्रदूषण, कोविड को और घातक बना रहा है. प्रदूषण और कोविड से होने वाली मौत में संबंध है, ये बात अब शोध से पूरी तरह स्पष्ट है."
स्टोरी: सुशीला सिंह
आवाज़: मोहम्मद शाहिद
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