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क़तर पहले से अधिक शक्तिशाली देश बन कर उभरा है?
सऊदी अरब के प्राचीन शहर अल-उला के हेरिटेज साइट के शांतिपूर्ण माहौल में इस हफ़्ते गल्फ़ कॉपरेशन काउंसिल (जीसीसी) देशों के बीच हुए "एकजुटता और स्थिरता" समझौते ने खाड़ी देशों के रिश्तों में एक नई गर्मजोशी पैदा कर दी है.
खाड़ी देशों के सालाना शिखर सम्मेलन में इस समझौते की घोषणा करते हुए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, "ये समझौता हमारी खाड़ी, अरब और इस्लामी एकजुटता और स्थिरता की पुष्टि करता है." इससे पहले उन्होंने क़तर के अमीर तमीम बिन हमद अल-थानी को सरेआम गले लगाकर (कोरोना महामारी के दौरान) उनका सम्मेलन में स्वागत किया. ये इस बात की तरफ़ इशारा था कि सऊदी अरब एक क़दम आगे बढ़ कर क़तर से सियासी रिश्ते बहाल करने का इच्छुक है. खाड़ी के छह देशों के अलावा मिस्र, तुर्की और ईरान ने भी इस समझौते का स्वागत किया है. ईरान के विदेश मंत्री ने एक ट्वीट करके कहा, "दबाव और जबरन वसूली के ख़िलाफ़ दिलेरी से लड़ने के लिए क़तर को मुबारकबाद. हमारे अन्य अरब पड़ोसियों के लिए ईरान न तो (उनका) दुश्मन है और न ही (उनके लिए) ख़तरा. अब समय है एक मज़बूत क्षेत्र के लिए हमारी पेशकश को गंभीरता से लेने का."
स्टोरी: ज़ुबैर अहमद
आवाज़: नवीन नेगी
वीडियो एडिटिंग: मनीष जालुई
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