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क्या आने वाले वक़्त में रोबोट सोचने समझने लगेंगे?
सॉफ़्टवेयर इंजीनियर ब्लैक लेमोइन ने बीते दिनों दावा किया कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर आधारित चैटबोट लैमडा (LaMDA) एक इंसान है.
उसकी इच्छाओं और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए. गूगल ने उनके दावों को ख़ारिज कर दिया और वो निलंबित कर दिए गए. लेकिन क्या आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ने चेतना या फिर अपनी समझ विकसित कर ली है, दुनिया जहान में इसी मुद्दे की पड़ताल.
प्रेज़ेंटरः मोहनलाल शर्मा
प्रोड्यूसरः वात्सल्य राय
ऑडियो एडिटिंगः तिलक राज भाटिया
वीडियो एडिटिंगः रोहित लोहिया
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