जाति, गोत्र, इज़्ज़त के लिए...
- Author, श्याम सुंदर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत के हरियाणा राज्य में यदि अलग-अलग जाति या फिर एक ही गोत्र के पुरुष और महिला - परिवार, गाँव, समाज की परवाह न करते हुए शादी करें तो अकसर उन्हें समाज के गुस्से को झेलना पड़ता है.
हाल में सम्मान बचाने के नाम पर खाप या जाति पंचायतों, परिवार वालों या फिर गाँववासियों ने ऐसी 'शादियाँ रद्द करने' के फ़ैसले लिए हैं. हिंसा भी हुई है और लड़के या लड़की की हत्या तक कर देने के किस्से भी सामने आए हैं.
बीबीसी ने हरियाणा में इस समस्या का जायज़ा लेने का प्रयास किया है और साथ ही ये जानने की कोशिश की है ऐसी कौन सी सामाजिक परंपराएँ, दबाव और कारण है जिनसे ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को शह मिलती है.