समुद्र की गहराई से निकले चमकीले जीव

एक नज़र उन आकर्षक चमकीले जीवों पर जिन्हें समुद्र की गहराई से निकाल दुनिया के सामने लाया गया है.

वैज्ञानिकों ने समुद्र की गहराई में रहने वाली दो नई प्रजातियों को खोज निकाला है. ये वो प्रजातियां हैं जो चमकती हैं. इस तस्वीर में ‘शाइनिंग बॉम्बर’ नाम की इस प्रजाति के गुर्दे देखें जा सकते हैं, जो कि पीले रंग के हैं.
इमेज कैप्शन, वैज्ञानिकों ने समुद्र की गहराई में रहने वाली दो नई प्रजातियों को खोज निकाला है. ये वो प्रजातियां हैं जो चमकती हैं. इस तस्वीर में ‘शाइनिंग बॉम्बर’ नाम की इस प्रजाति के गुर्दे देखें जा सकते हैं, जो कि पीले रंग के हैं.
ये प्रजाति कैलिफ़ॉर्निया के समुद्री इलाक़े में पाई गई हैं. इस प्रजाति की ख़ास बात ये है कि समुद्र की गहराई में जाने के बाद इनके शरीर में एक केमिकल रिएक्शन होता है, जिससे कि इनका शरीर चमकना शुरू कर देता है.
इमेज कैप्शन, ये प्रजाति कैलिफ़ॉर्निया के समुद्री इलाक़े में पाई गई हैं. इस प्रजाति की ख़ास बात ये है कि समुद्र की गहराई में जाने के बाद इनके शरीर में एक केमिकल रिएक्शन होता है, जिससे कि इनका शरीर चमकना शुरू कर देता है.
ये है स्वाइमा वॉर्म जो कि 3 सेंटिमीटर लंबा है, और अपने कड़े बालों का इस्तेमाल समुद्री गहराई में तैरने के लिए करता है.
इमेज कैप्शन, ये है स्वाइमा वॉर्म जो कि 3 सेंटिमीटर लंबा है, और अपने कड़े बालों का इस्तेमाल समुद्री गहराई में तैरने के लिए करता है.
समुद्री वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति के नमूनों पर प्रयोग किया. प्रयोग के दौरान पता चला कि ये जीव अलग-अलग तरह की रौश्नी में अलग-अलग रंग के दिखते हैं.
इमेज कैप्शन, समुद्री वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति के नमूनों पर प्रयोग किया. प्रयोग के दौरान पता चला कि ये जीव अलग-अलग तरह की रौश्नी में अलग-अलग रंग के दिखते हैं.
इन जीवों का नाम ‘बॉम्बर’ इसलिए रखा गया है क्योंकि शिकारी से बचने के लिए ये अपने शरीर से छोटे-छोटे ‘बम’ निकालते हैं.
इमेज कैप्शन, इन जीवों का नाम ‘बॉम्बर’ इसलिए रखा गया है क्योंकि शिकारी से बचने के लिए ये अपने शरीर से छोटे-छोटे ‘बम’ निकालते हैं.
‘संतरी बॉम्बर’ नाम की ये दूसरी प्रजाति फ़िलिपीन्स में पाई गई.
इमेज कैप्शन, ‘संतरी बॉम्बर’ नाम की ये दूसरी प्रजाति फ़िलिपीन्स में पाई गई.
2003 से लेकर अब तक ‘स्विमा वॉर्म’ की नौ प्रजातियां पाई गई हैं. इन्हें ढूंढने के लिए समुद्र की गहराई तक जाने वाले ख़ास वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है.
इमेज कैप्शन, 2003 से लेकर अब तक ‘स्विमा वॉर्म’ की नौ प्रजातियां पाई गई हैं. इन्हें ढूंढने के लिए समुद्र की गहराई तक जाने वाले ख़ास वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है.