'दुनिया की सबसे लुप्तप्राय जनजाति'

सरवाइवल इंटरनेशनल संस्था के मुताबिक उत्तरी ब्राजील के ‘अवा’ दुनिया की सबसे लुप्तप्राय जनजाति है.

ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, सर्वाइवल इंटरनेशनल संस्था का कहना है कि उत्तरी ब्राजील के ‘अवा’ दुनिया की सबसे लुप्तप्राय जनजाति है. इस खानाबदोश जनजाति के 360 सदस्यों का बाहरी दुनिया से कुछ संपर्क रहा है और ऐसा माना जाता है कि इसके अब भी 60-100 सदस्य अमेजन में रहते हैं जिनसे किसी का संपर्क नहीं हुआ है.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, सर्वाइवल इंटरनेशनल कहता है कि अवा के इलाकों का चारों तरफ से अतिक्रमण हो रहा है. लकड़हारे उन जंगलों को काट रहे और जला रहे हैं. तस्वीर में अवा इलाके सफेद में अंकित हैं और जिन इलाकों में जंगल काटे जा रहे हैं, उन्हें साफ तौर पर देखा जा सकता है.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, अवा जनजाति ‘हंटर-गैदर्रस’ यानी पेशे से शिकारी और संग्राहक होते हैं और ये 30 लोगों के गुटों में घूमते हैं. ये मिलकर शिकार अभियानों पर जाते हैं जो कई बार हफ्तों तक चलते हैं. लेकिन अपेक्षाकृत छोटा समूह होने की वजह से ये अक्सर जंगल माफिया के बंदूकधारियों के निशाने पर होते हैं.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, अमेरिंट्क्सिया को वयोवृद्ध अवा माना जाता है लेकिन वो अब भी अपने लिए भोजन खुद ही तलाश करती हैं और अकेली रहती है.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, इस तस्वीर में अमेरिंट्क्सिया अपने पालतू बंदर के साथ दिखाई दे रही हैं. अवा जनजाति का वर्षावनों में रहने वाले वन्यजीवन से करीबी रिश्ता है और ये अनाथ बंदरों और कई और जानवरों को पालते हैं. इन जानवरों को परिवार का ही हिस्सा माना जाता है, यहां तक कि अवा महिलाएं इन्हें स्तनपान भी कराती हैं.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, अवा महिलाएं, पुरुषों को कारावारा नाम के अनुष्ठान के लिए तोते और गिद्ध के पंखों से सजाती हैं. इस अनुष्ठान में गाने गाए जाते हैं और तालियां बजाई जाती हैं जिस दौरान पुरुष पैतृक आत्माओं से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करते हैं.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, लेकिन दिन में जंगल काटने का सिलसिला जारी है; एक अनुमान के मुताबिक अवा जनजाति की लगभग एक-तिहाई जमीन का अतिक्रमण हो चुका है. ब्राजील का संविधान के मुताबिक इस जमीन पर अवा लोगों का हक है इसलिए ये सारी कार्यवाई गैरकानूनी है.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, बच्चों को रखने के झोले के लिए रेशे का इस्तेमाल होता था. लेकिन जैसे-जैसे अवा लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कपड़ों जैसी आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है. लेकिन इस संपर्क से इन लोगों में ऐसी बीमारियां होने का खतरा बढ़ रहा है जो इन्हें पहले कभी नहीं हुईं.
ब्राजील की अवा जनजाति
इमेज कैप्शन, सर्वाइवल इंटरनेशनल को उम्मीद है कि अवा जनजाति की मुसीबतों की तरफ ध्यानाकर्षित करने से ब्राजीली सरकार पर इनसे जुड़े कानूनों को लागू करने का दबाव बनेगा. साथ ही इससे गैरकानूनी जंगल काटने और ब्राजीली जज होसे कार्लोस दो वाल मदिएरा के शब्दों में, इनके ‘संहार’ पर रोक लग सकेगी.