दक्षिण कोरिया की वेबसाइटों पर हमला

दक्षिण कोरिया के कंप्यूटरों और सरकारी विभागों की वेबसाइटों पर बड़े पैमाने पर वाइरस का हमला हुआ है. हमले की ज़द में कुछ अमरीकी वेबसाइटें भी आई हैं.
दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि इस वाइरस हमले में 11 सरकारी संगठनों और विभागों की वेबसाइटें प्रभावित हुई हैं.
इनमें दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति निवास ब्लू हाउस, रक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय संसद, शिनहान बैंक, कोरिया एक्सचेंज बैंक और कई प्रसिद्ध वेबसाइटें शामिल हैं.
कोरियन सूचना सुरक्षा एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि यह समस्या मंगलवार से शुरू हुई.
हमलावर का पता नहीं
उन्होंने कहा कि इससे अमरीका की कुछ सरकारी वेबसाइटें भी प्रभावित हुई हैं. जाँचकर्ता अभी इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि इन हमलों के पीछे कौन है.
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़ अमरीकी वेबसाइटों पर हमला चार जुलाई से शुरू हुआ.
अमरीकी अधिकारियों के मुताबिक़ वित्त विभाग, खुफ़िया सेवा, संघीय व्यापार आयोग और परिवहन विभाग की वेबसाइटें स्वतंत्रता दिवस और सप्ताहांत की छुट्टियों के लिए कुछ जगह पहले ही बंद कर दी गई थीं.
अमरीकी अधिकारियों ने इस हमले के बारे में अभी अधिक जानकारी नहीं दी है.
कोरियाई सूचना एजेंसी हिन हुआ शू के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि एक वाइरस प्रोग्राम में एक ही समय पर कई अमरीकी और कोरियाई वेबसाइटों पर जाने को कहा गया था. इससे कई व्यक्तिगत कंप्यूटरों को नुक़सान पहुँचा है.
एशिया के किसी अन्य देश से इस तरह के वाइरस हमले की जानकारी अभी तक नहीं मिली है.
सुनियोजित हमला
दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय ख़ुफ़िया सेवा ने एक बयान में कहा है कि इस हमले में कोरिया में 12 हज़ार कंप्यूटर और विदेशों में आठ हज़ार कंप्यूटर प्रभावित हुए हैं.
राष्ट्रीय ख़ुफ़िया सेवा ने कहा है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित और किसी स्तर पर किसी संगठन या सरकार की ओर से प्रायोजित था.
हमले की जाँच में दक्षिण कोरिया के अधिकारी अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों की मदद कर रहे हैं.
दक्षिण कोरिया की मीडिया में मई में इस तरह की ख़बरें प्रकाशित हुई थीं कि उत्तर कोरिया की साइबर युद्ध ईकाई दक्षिण कोरिया और अमरीकी रक्षा मंत्रालयों की वेबसाइटों पर हैक कर वहाँ से ख़ुफ़िया सूचनाएँ एकत्र कर सेवाओं को प्रभावित करना चाहता है.
हाल में हुए एक अमरीकी सर्वेक्षण के मुताबिक़ दक्षिण कोरिया दुनिया में इंटरनेट का प्रयोग करने वाले देशों में से एक है और वहाँ के क़रीब 95 फ़ीसदी घरों में ब्राडबैंड कनेक्शन लगे हुए हैं.
































