'ड्रोन हत्याएं दुनिया के लिए ख़तरा'

पाकिस्तान में अमरीका ने ड्रोन से कई चरमपंथियों को मारा है लेकिन कई बेगुनाह भी मारे गए हैं.
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में अमरीका ने ड्रोन से कई चरमपंथियों को मारा है लेकिन कई बेगुनाह भी मारे गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा है कि सोची समझी रणनीति के तहत चालकरहित विमानों या पाकिस्तान में ड्रोन से की गई हत्याएं अंतरराष्ट्रीय क़ानून व्यवस्था के लिए एक उभरती हुई चुनौती है.

क़ानून के दायरे से बाहर होनेवाली हत्याओं पर काम करने वाले संयुक्त राष्ट्र के विशेष अधिकारी फ़िलिप एलस्टन ने अमरीका का ख़ासतौर पर ज़िक्र करते हुए कहा है कि वो उन क़ानूनों को ख़ासा नुकसान पहुंचा रहा है जो ज़िंदगी के अधिकार की रक्षा करते हैं.

उनकी ये रिपोर्ट बृहस्पतिवार को जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश हो रही है.

उन्होंने कहा है कि अमरीका “बिना किसी जवाबदेही के हत्या का लाइसेंस” का इस्तेमाल कर रहा है.

उन्होंने रिपोर्ट में कहा है कि अगर दूसरे देश भी इस नीति को अपनाने लगे तो अफरातफ़री मच जाएगी.

इस रिपोर्ट में सुनियोजित तरीके से क़ानून के दायरे से बाहर हत्या करवाने वाले देशों में इसराइल और रूस का भी नाम है.

इसके अलावा ये भी कहा गया है कि कई और देश भी कुछ समय में इस तरह की क्षमता हासिल कर लेंगे.

9/11 का क़ानून

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जोनाथन मार्कस का कहना है कि प्रोफ़सर एलस्टन क्या कह रहे हैं उसे स्पष्ट रूप से समझने की ज़रूरत है.

प्रोफ़ेसर का कहना है कि कई ऐसी परिस्थितियां हो सकती हैं जिनमें सुनियोजित हत्याएं वैध हों.

तालिबान के ख़िलाफ़ ड्रोन का ख़ासा इस्तेमाल हो रहा है.
इमेज कैप्शन, तालिबान के ख़िलाफ़ ड्रोन का ख़ासा इस्तेमाल हो रहा है.

लेकिन उनकी चिंता ख़ासतौर पर अमरीकी नीति को लेकर है जिसे वो 9/11 का क़ानून कहते हैं.

वो कहते हैं इसके तहत अमरीका में ये सोच है कि आत्मरक्षा उन्हें किसी दूसरे देश की सीमा में ताक़त इस्तेमाल करने का क़ानूनी हक़ देती है.

प्रोफ़ेसर एल्स्टन ने ख़ासतौर पर अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की ओर से ड्रोन के इस्तेमाल की आलोचना की है.

उनका कहना है कि सीआईए की कार्रवाई में पारदर्शिता की कमी झलकती है जो अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही से जुड़े क़ानूनी सिद्दांत को लागू होने से रोकती है.

प्रोफ़ेसर एलस्टन इस रिपोर्ट में युद्ध के नियमों में ऐसे सुधारों की बात कर रहे हैं जिनमें दूर से मार करनेवाले हथियारों पर लागू होनेवाले क़ानूनों की भी बात हो.