बीबीसी को सच का सामना

बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉमसन ने कहा है कि अगले साल टेलिविज़न लाइसेंस शुल्क पर होने वाली बातचीत के बाद बीबीसी को सच का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.
मार्क थॉमसन ने चेतावनी दी कि लाइसेंस शुल्क में कटौती से बीबीसी को जो आर्थिक नुक़सान होगा, तो उसका असर ब्रिटन की टेलिविज़न कार्यक्रम बनाने की क्षमता पर पड़ेगा.
‘एडिनबरा इंटरनैशनल टेलिविज़न फैस्टिवल’ में दिए गए एक भाषण में थॉमसन ने ये स्वीकार किया कि लाइसेंस शुल्क पर अगले साल होने वाले फ़ैसले का बीबीसी पर असर पड़ेगा.
"मैं ये मानता हूं कि लाइसेंस शुल्क पर फ़ैसले का वह क्षण बीबीसी के लिए सच का क्षण होगा और साथ ही ये भी सामने आएगा कि लाइसेंस शुल्कदाताओं के साथ साथ देश को भी कितनी बड़ी चुनौती का सामना है."
मार्क थॉमसन ने ये भी स्वीकार किया कि कटौती का हर एक पैसा ब्रिटन की सृजनात्मक अर्थव्यवस्था से बाहर होता चला जाएगा.
उन्होंने ये चेतावनी भी दी कि बीबीसी के बजट में आने वाली कटौती की भरपाई जादुई तरीक़े से कहीं और से नहीं हो सकेगी.
मार्क थॉमसन ने ये भी कहा कि लाइसेंस शुल्क में कटौती बीबीसी पर लागू हुई तो आगे चल कर बीबीसी का आकार इतना सिकुड़ेगा जितना पहले कभी नहीं रहा.
मार्क थॉमसन ने बीबीसी के प्रबंधन में कटौती की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा सादा ढांचा, अफ़सरशाही की परतों में कमी और प्रबंधन बोर्डों की संख्या में कमी करने पर भी जो़र दिया.
मौलिकता पर ज़ोर
मार्क थॉमसन ने ये भी कहा कि बीबीसी फ़िलहाल अपने मौलिक कार्यक्रम बनाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही है.
उनका कहना था कि ऐसी कटौतियों से बीबीसी अपने मैलिक कार्यक्रमों पर ज़्यादा निवेश कर पाएगी.
अपने भाषण में मार्क थॉमसन ने कहा कि आने वाले सालों में बीबीसी में त्वरित और व्यापक सुधार करने ज़रूरी होंगे.
मार्क थॉमसन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ब्रटन के सभी प्रसारक संस्थानों को मिल कर काम करना होगा.
ब्रिटन के एक अन्य प्रसारक स्काई टेलिविज़न के साथ मिलकर मौलिक कार्यक्रम बनाना बीबीसी के लिए बी और स्काई के लिए भी बेहतर विकल्प साबित होगा.
































