अमरीकी सैन्य भर्ती केंद्र को उड़ाने की साज़िश

अमरीका के मेरीलैंड प्रांत में एक अमरीकी सैन्य भर्ती केंद्र को विस्फोट से उड़ाने का षड्यंत्र रचने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.
अमरीकी न्याय मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा है कि बाल्टीमोर शहर के इस व्यक्ति को एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान के फ़र्ज़ी बम दिया गया. इस व्यक्ति पर कई महीने निगरानी रखने के बाद अमरीका की सुरक्षा एजेंसियों ने ये स्टिंग ऑपरेशन किया था.
इस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.
ग़ौरतलब है कि पिछले महीने के अंत में भी अमरीका के ओरेगन राज्य में क्रिसमस के दौरान कथित तौर पर एक बम धमाका करने की साज़िश रचने के आरोप में एक युवक को गिरफ़्तार किया गया है.
उस घटनाक्रम में गिरफ़्तार किए गए व्यक्ति की पहचान सोमालिया में पैदा हुए 19 वर्षीय मोहम्मद उस्मान मोहम्मद के रूप में की गई थी.
'नुक़सान पहुँचाने वालों के बारे में पता लगाना'
ताज़ा घटन के बारे में अमरीकी न्याय मंत्रालय के प्रवक्ता डीन बॉयड ने बताया, "जनता को इस स्टिंग ऑपरेशन के कोई ख़तरा नहीं था. संदिग्ध व्यक्ति को दिए गए विस्फोटक असरदार नहीं थे और संदिग्ध पर सुरक्षा एजेंसियों के लोग कई महीने से नज़र रख रहे थे."
समाचार एजेंसियों के अनुसार इस स्टिंग ऑपरेशन के दौरान सैन्य भर्ती केंद्र को एक वाहन में रखे बम का विस्फोट करके उड़ाने की योजना थी.
सरकार का कहना है कि अब तक इस बात का सबूत नहीं है कि इस साज़िश को वॉशिंगटन में सैन्य परिसरों में हुई गोलीबारी से जोड़कर देखा जाए.
अमरीका के एटॉर्नी जनरल ने इस तरह के स्टिंग ऑपरेशनों का ये कहते हुए पक्ष लिया है कि ऐसी प्रक्रिया उन लोगों का पता लगाने के लिए ज़रूरी है जो अमरीकियों और विश्व में अमरीकी हितों को नुक़सान पहुँचाने के बारे में दृढ़ संकल्प हैं.
































