विकीलीक्स: ट्विटर से जानकारी मांगी गई

अमरीका ने कई गोपनीय दस्तावेज़ प्रकाशित करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई के लिए कोशिशें तेज़ कर दी है.
अमरीका ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर को आदेश दिया है कि वो विकीलीक्स से जुड़े कई लोगों की निजी जानकारियाँ उपलब्ध कराए.
वर्जीनिया की एक ज़िला अदालत ने ट्विटर से कई लोगों के यूजर नेम, पता-ठिकाना, उनसे जुड़े लोगों के रिकॉर्ड, टेलीफ़ोन नंबर और भुगतान के विवरण मांगे हैं.
इन लोगों में विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज और आइसलैंड के एक सांसद भी शामिल हैं.
अमरीका में असांज के ख़िलाफ़ ढाई लाख से ज़्यादा गोपनीय दस्तावेज़ लीक करने के मामले में संभावित आरोपों की जाँच चल रही है.
रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अमरीका का न्याय मंत्रालय उन पर अमरीकी सेना के ख़ुफ़िया विश्लेषक प्राइवेट फ़र्स्ट क्लास ब्रैडली मैनिंग के साथ मिलकर दस्तावेज़ चुराने की साज़िश रचने के आरोप में अभियोग लगा सकता है. मैनिंग का कोर्ट मार्शल किया जा सकता है.
आदेश
कथित रूप से विकीलीक्स को कूटनयिक संदेश भेजने, इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं के बारे में सैनिक संदेशों और एक गोपनीय वीडियो विकीलीक्स को भेजने के मामले में उन्हें 52 साल क़ैद की सज़ा हो सकती है.
वर्जीनिया कोर्ट ने 14 दिसंबर को जो आदेश जारी किया था, उसके मुताबिक़ अमरीका मे अटार्नी जनलर के कार्यालय ने यह दिखाने के लिए सबूत पेश किया था कि ट्विटर के पास जो सूचना है, वो चल रही आपराधिक जाँच के लिए उचित है.
अदालत ने आदेश जारी करते हुए ट्विटर से कहा था कि वो इस बारे में किसी को जानकारी न दे. लेकिन बुधवार को इसी कोर्ट ने यह प्रतिबंध हटा दिया.
ट्विटर से जिन लोगों के बारे में जानकारी मांगी गई है, उनमें प्रमुख हैं जुलियन असांज, पीएफ़सी मैनिंग, आइसलैंड के एमपी बिरगिटा जोन्सडोटिर, डच हैकर रॉप गांगरिप और अमरीकी प्रोगामर जैकब एपेलबॉम.
जुलियन असांज ने कोर्ट के इस आदेश की आलोचना की है और कहा है कि ये प्रताड़ना की तरह है.
































