'जलवायु परिवर्तन से सुरक्षा और सेहत को ख़तरा'

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लंदन में हुई विशेषज्ञों की एक कांफ़्रेंस के अनुसार जलवायु परिवर्तन विश्व भर में स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए “एक बड़ा और गहराता ख़तरा” है.
ब्रितानी सेना के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले संघर्षों के चलते ईंधन जैसी वस्तुओं की क़ीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.
लंदन में हुई कांफ़्रेस के बाद जारी बयान में कहा गया है कि भविष्य में मानवीय त्रासदियां सैनिक संसाधनों पर और दबाव डालेंगी.
सम्मेलन ने सरकारों से ग्रीनहाउस गैसों में कटौती के लक्ष्यों को और महत्वकांक्षी बनाने का आहवान किया है.
संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक जलवायु कांफ़्रेंस डेढ़ महीने बाद शुरू होगी. इस बैठक से पहले लंदन में ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के मुख्यालय में कई विशेषज्ञों ने एक सम्मेलन में विकसित और विकासशील देशों से जलवायु परिवर्तन पर गंभीर होने की अपील की है.
सैन्य बलों में ईंधन का बेतहाशा इस्तेमाल

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इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले ब्रितानी सेना के एक अधिकारी रियर एडमिरल नील मोरीसेटी ने बीबीसी न्यूज़ को बताया ईंधन की क़ीमत बढ़ने से ब्रिटेन जैसे देशों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.
सम्मेलन में हिस्सा ले रहे कुछ सैन्य अधिकारियों ने बताया कि किस तरह अफ़गानिस्तान में सेना के इस्तेमाल के लिए पहुंचने वाला पेट्रोल दस गुना अधिक मंहगा हो जाता है क्योंकि इसे पाकिस्तान से सड़क के रास्ते लाया जाता है.
कई अधिकारियों ने ये भी कहा कि सैन्य बल दुनिया भर में बड़ी मात्रा में ईंधन का उपभोग करते हैं.
रियर एडमिरल मोरीसेटी ने बताया कि जिस समुद्री जहाज़ को एक बार को कमांड कर रहे थे उसे 12 ईंच आगे बढ़ाने के लिए एक गैलन तेल लगता था.
सम्मेलन में हिस्सा ले रहे डॉक्टरों ने जलवायु परिवर्तन की वजह से विकासशील देशों में कई दुष्प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी.
उन्होंने कहा कि इससे कुपोषण बढ़ेगा और कुछ संक्रामक रोगों के और फैलने की भी आशंका है.
































