कोर कमेटी को भंग करने का सवाल नहीं: केजरीवाल

केजरीवाल अन्ना से मिलने रालेगण सिद्धी जाएंगे

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टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक में फ़ैसला लिया गया है कि कोर कमेटी को भंग नहीं किया जाएगा.

टीम अन्ना में फूट और कोर टीम को भंग कर उसके पुनर्गठन की अटकलों के बीच टीम अन्ना की शनिवार को गाज़ियाबाद में एक अहम बैठक में ये फ़ैसला लिया गया.

कोर कमेटी के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बैठक में तीन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए हैं.

बैठक के बाद केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा कि, "जन लोकपाल बिल पारित कराने का ये आंदोलन करोड़ों लोगों का आंदोलन है. अन्ना इसका नेतृत्व कर रहे हैं. कोर कमेटी के हर सदस्य ने देश के करोड़ों लोगों के साथ मिलकर इस आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है. इसलिए कोर कमेटी को भंग करने का सवाल ही नहीं उठता है."

चुनावी मुद्दा

कोर कमेटी की इस बैठक में हिसार उपचुनाव में कॉंग्रेस के प्रत्याशी के विरोध के फ़ैसले का समर्थन किया गया.

केजरीवाल ने कहा कि, "हिसार में लोकपाल बिल को चुनावी मुद्दा बनाए जाने के निर्णय का कोर कमेटी पूरी तरह से समर्थन करती है. इस निर्णय से ये मतलब नहीं निकाला जा सकता कि आंदोलन कॉंग्रेस के विरोध में या किसी पार्टी के पक्ष में है."

साथ ही उन्होंने कहा कि जनलोकपाल आगामी विधानसभा चुनावों में मुद्दा बन सकता है.

उन्होंने कहा, "कोर कमेटी सरकार से अपील करती है कि वो अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए संसद के शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल बिल को पारित कराए. अगर ऐसा नहीं होता है तो आनेवाले पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान भी आंदोलन को इसी नीति को अपनाना पड़ेगा."

केजरीवाल ने बताया कि इसके अलावा कोर कमेटी ने इस आरोप को खारिज़ किया है कि आंदोलन के लिए मिली सहयोग राशि में कोई गड़बड़ी की गई है.

अन्ना हज़ारे इस बैठक में शामिल नहीं हुए. फिलहाल वह रालेगण सिद्धी में मौनव्रत पर हैं.

इससे पहले टीम अन्ना के सदस्य कुमार विश्वास ने अन्ना हज़ारे को पत्र लिखकर मौजूदा टीम अन्ना को भंग करने की मांग की थी.