टिकटॉक वाली कंपनी जल्दी बनाएगी स्मार्टफोन

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वीडियो शेयरिंग एप टिकटॉक की बेहतरीन कामयाबी के बाद इसे बनाने वाली कंपनी अब स्मार्टफोन के बाज़ार में उतरने वाली है.
मौजूदा वक़्त में टिकटॉक सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली सोशल मीडिया एप है, जिसके लगभग 50 करोड़ यूज़र्स हैं.
टिकटॉक पर 15 सेकंड का वीडियो पोस्ट किया जाता है. इस एप को प्लेस्टोर से 100 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है.
टिकटॉक के डेवेलपर बाइटडांस अब स्मार्टफोन की दुनिया में प्रवेश करने पर विचार कर रहे हैं.
बाइटडांस के पास टिकटॉक के अलावा कई और वीडियो और न्यूज़ आधारित एप का स्वामित्व है. इसमें स्लैक, फ़्लिपचार्ट, टोटिओ शामिल हैं. हालांकि इस सब में सबसे ज़्यादा प्रचलित एप टिकटॉक ही है.
कई कंपनियां उतरी इस होड़ में
चीन की आर्थिक पत्रिका कैजिंग ने बताया है कि बाइटडांस का नया मोबाइल सात महीनों के भीतर आ सकता है.
ऐसा नहीं है कि बाइटडांस कोई पहली कंपनी है जिसकी कोई एप इस हद तक प्रचलित हुई हो और उसने फोन के बाज़ार में उतरने का फ़ैसला किया हो.
साल 2013 में चीन की सेल्फ़ी एप बनाने वाली कंपनी मीतु ने भी स्मार्टफोन की दुनिया में प्रवेश किया था.

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मीतु के फोन को चीन के सोशल मीडिया में बेहतरीन कैमरा और तेज़ ऑटो फ़ोकस के साथ-साथ आर्टिफीशयल इंटेलिसजेंस के लिए अच्छा मोबाइल बताया गया था.
लेकिन चीन में पहले से ही कई स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां हैं, ऐसे में किसी नई कंपनी के इस बाज़ार में उतरने से उसका कितना प्रभाव पड़ेगा, यह कहना बहुत मुश्किल है.
सीसीएस इनसाइट के टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ बेन वुड कहते हैं, ''मौजूदा वक़्त में किसी भी नई कंपनी के लिए स्मार्टफोन के बाज़ार में उतरकर अपनी जगह बना पाना बहुत मुश्किल है. इस समय एप्पल, सैमसंग और ख्वावे जैसी कंपनियों का यहां राज है.''
''नई कंपनियां इस मार्केट में जब भी आती हैं, उनकी चर्चा तो ज़ोर शोर से होती है लेकिन फिर कुछ वक़्त के बाद वो बाज़ार से ग़ायब हो जाती हैं.''

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बड़ी कंपनियों का दबदबा
फ़ेसबुक, गूगल और अमेज़न जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों ने भी अपने तकनीक की दुनिया में अपने पांव पसारे हैं. सोशल मीडिया एप से शुरुआत करने वाली फ़ेसबुक के पास इस समय व्हट्सएप और इंस्टाग्राम जैसी दो बड़ी कंपनियों का स्वामित्व है.
हालांकि फ़ेसबुक ने अपना एंड्रॉइड लॉन्चर एप निकाला था लेकिन इसमें वह कामयाब नहीं हुआ.

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इसी तरह से गूगल कंपनी ने गूगल पिक्सल स्मार्टफोन निकाला, जिसमें उसे कामयाबी मिली लेकिन सोशल नेटवर्किंग में गूगल प्लस को वह सफलता नहीं मिली.
वहीं अमेज़न कंपनी के टैबलेट और ई-रीडर्स तो लोगों को पसंद आए लेकिन इसी कंपनी के फ़ायर फोन को लोगों ने नकार दिया.
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