चंद्रयान मिशन की जांच होगी

चंद्रमा के लिए भारत के पहले अंतरिक्ष मिशन को आज औपचारिक रुप से समाप्त घोषित कर दिया गया.
क़रीब 400 करोड़ की लागत से चंद्रयान-1 अंतरिक्ष में भेजा गया था लेकिन शनिवार को इसका संपर्क नियंत्रण कक्ष से टूट गया था.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने चंद्रयान से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन रविवार को औपचारिक रुप से मिशन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई.
पणजी में पत्रकारों के साथ बातचीत में इसरो के प्रमुख जी माधवन नायर ने कहा कि इस मिशन की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा.
मिशन की अचानक हुई समाप्ति से परेशान दिख रहे नायर का कहना था, '' चंद्रयान के साथ हमारा बिल्कुल संपर्क नहीं हुआ है और अब हमें यह मिशन ख़त्म करना पड़ा है.''
शनिवार को चंद्रयान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने भी कहा था कि मिशन समाप्त समझना चाहिए क्योंकि चंद्रयान के साथ संपर्क नहीं हो पा रहा है.
हालांकि वैज्ञानिकों में इस बात को लेकर संतोष है कि चंद्रयान को जो काम करना था उसमें से 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया था यानी चंद्रयान ने बड़ी मात्रा में ज़रुरी आकड़े भेज दिए थे.
चंद्रयान 22 अक्तूबर 2008 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अंतरिक्ष में भेजा गया था.
अभी तक चंद्रयान ने चंद्रमा की कक्षा में 312 दिन बिताए थे और बड़ी मात्रा में आँकड़े भी भेजे थे पिछले महीने इसरो के चेयरमैन जी माधवन नायर ने चंद्रयान अभियान पर संतोष प्रकट किया था.












