स्मार्ट फ़ोन पर मंदी नहीं....
दुनिया भर में आर्थिक मंदी का असर दिखा है और उपभोक्ता और विक्रेता, दोनों पर ही इसकी मार पड़ी है लेकिन स्मार्ट फ़ोन का बाज़ार इसके प्रभाव से अछूता रह गया है.

स्मार्ट फ़ोन न केवल मोबाइल फ़ोन उद्योग में क्रांति कर रहे हैं, बल्कि हम किस तरह से कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं, वो भी ये जल्द ही बदल देनेवाले हैं.
मोबाइल फ़ोन उद्योग इससे ख़तरे में है. नेटवर्क ऑपरेटरों पर मुनाफ़ा बनाए रखने के लिए काफी दबाव है और हैंड सेट बनानेवाली कंपनियां या तो घाटे में चल रही हैं या फिर बमुश्किल ही कुछ फ़ायदा कमा पाती हैं.
मंदी की मार
सबसे ज़्यादा दिक्कतें हैं पुराने ज़माने के चमकते सितारों को.
उदहारण के तौर पर इस बाज़ार में सबसे आगे रहनेवाले नोकिया और हमेशा ही दूसरे नंबर पर आनेवाले मोटोरोला और उसके बाद सोनी एरिक्सन के हाल को देखकर अंदाजा लगाया सकता है.
ये कंपनियाँ ज़्यादा फीचर वाले वो मोबाइल फ़ोन बनाती हैं जो अच्छा काम करते हैं और जिनका प्रदर्शन भी बेहतरीन है. लेकिन वो फ़ोन 'स्मार्ट' नहीं हैं.
ये मोबाइल फ़ोन की दुनिया में बीच का वो बाज़ार है, जिसपर आर्थिक मंदी की मार का असर सबसे ज़्यादा पड़ा है.
सोनी एरिक्सन के सेल्स विभाग के ग्लोबल हेड एन्डर्स रुनेवाद का कहना है कि "जब आर्थिक मंदी की मार पड़ी तब हमारी वृद्धि दर दस प्रतिशत थी लेकिन पिछले छह महीनों में हमने इसमें दस प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है."
और यही कहानी है, आज की तारीख़ में मोबाइल फ़ोन बनानेवाली हर कंपनी की.
वोडाफोन के हैंडसेट विभाग के प्रमुख पैट्रिक कोमेट का कहना है कि " मौजूदा आर्थिक परिस्थिति में मध्य स्तर के मोबाइल फ़ोन पर दबाव बढा है."
स्मार्ट फ़ोन की मांग बढ़ी
लेकिन इसके ठीक विपरीत एप्पल के आई-फोन जैसे हाई एंड वाले फ़ोन का बाज़ार बढा है.
यूरोप में उम्मीद ज़ाहिर की गई है कि 2009 में स्मार्ट फ़ोन की बिक्री में 22 % का इज़ाफा होगा जबकि एक रिसर्च कंपनी, पिरामिड रिसर्च ने पहले कहा था कि हैंड सेट की बिक्री में 21% की गिरावट होगी.
अमरीका में भी इसी साल जून के महीने में हुए एक रिसर्च के दौरान पता चला है कि 37 % मोबाइल फ़ोन उपभोक्ताओं के पास पहले से ही स्मार्ट फोन हैं जबकि 14 प्रतिशत और उपभोक्ता आनेवाले तीन महीनों के भीतर ही स्मार्ट फ़ोन ख़रीद सकते हैं.
माइक्रोसॉफ्ट ने भविष्यवाणी की है कि कुछ सालों बाद मोबाइल फ़ोन बाज़ार के विस्तार का 30 % और उसकी कीमत का 50 % हिस्सा स्मार्ट फ़ोन का होगा.












