कोपेनहेगन: अमरीकी घोषणा का स्वागत

अमरीकी सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर ग्रीन हाउस गैसों को मानव स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक घोषित कर दिया है.
इस तरह की घोषणा के बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा बिना सीनेट की मंज़ूरी लिए कार्बन उत्सर्जन में कटौती का निर्देश जारी कर सकते हैं.
ये पहल ऐसे समय में हुई है जब डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में 192 देशों के प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौती पर चर्चा कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपी संघ ने अमरीका के इस क़दम का स्वागत किया है.
यूरोपीय संघ के एक प्रवक्ता ने कहा कि इससे दुनिया की मुख्य समस्या पर राष्ट्रपति ओबामा के संकल्प का पता चलता है.
वहीं जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र अंतर सरकारी परिषद के चेयरमैन राजेंद्र पचौरी का कहना था, "ओबामा प्रशासन ने ये दिखाने की कोशिश की है कि वे कितना कर सकते हैं. वैसे समय में जब विधेयक सीनेट में लंबित है. इससे अमरीकी संसद को मज़बूत संदेश गया है."
यूरोपीय संघ का अध्यक्ष देश स्वीडन के पर्यावरण मंत्री ने कहा है कि कोपेनहेगन सम्मेलन की सफलता चीन और अमरीका पर निर्भर है.
अमरीकी घोषणा
अमरीका की पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी की इस घोषणा को कोपेनहेगेन सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इससे राष्ट्रपति ओबामा के लिए सीनेट की अनुमति के बिना भी कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने की घोषणा का रास्ता साफ़ हो गया है.
इसकी घोषणा करते हुए अमरीकी पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी की प्रमुख अधिकारी लीज़ा जैकसन ने कहा कि इससे अर्थव्यस्था को नुकसान पहुंचाए बगैर पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी.
उनका कहना था,'' ये तर्कसंगत हैं और बहुत ही सामान्य तरीक़े हैं जो हमें बताते हैं कि वायुमंडल को साफ़ रखने के लिए क्या करना चाहिए. मसलन अच्छे स्वास्थ्य के लिए उत्सर्जन में कटौती, अच्छी अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर तकनीक और बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण को बचाना होगा.''
































