चंद्रमा पर मिली 'सबसे ठंडी' जगह

एक अमरीकी अंतरीक्ष की जाँच से पता चला है कि सौरमंडल की सबसे ठंडी जगह शायद चंद्रमा पर है.
अमरीका अंतरिक्ष एजेंसी नासा के टोही यान ने चंद्रमा पर मौजूद गड्ढों की जांच-पड़ताल के लिए 'डिवाइनर' नाम के उपकरण का उपयोग किया.
इस दौरान पता चला कि सर्दियों के मध्य में उत्तर ध्रुवीय क्षेत्र के सबसे ठंडे गड्ढों का तापमान रात में गिरकर -249 डिग्री सेंल्शियस तक पहुँच जाता है.
सबसे गर्म
कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर और 'डिवाइनर' के प्रमुख खोजकर्ता डेविड पेजी कहते हैं, ''सौर मंडल में सबसे गर्म वातावरण भी चंद्रमा पर ही है.''
वह कहते हैं, ''दोपहर के समय चंद्रमा की भूमध्य रेखा पर तापमान बढ़कर 127 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है और रात में ध्रुव काफ़ी ठंडे हो जाते हैं.''
प्रोफ़ेसर पेजी ने 'डिवाइनर' की ओर से भेजी गई ताज़ा जानकारियों को सैन फ़्रांसिस्को में हुई अमरीकी जियोफ़िजीकल यूनियन (एजीयू) की बैठक में साझा किया.
एजीयू की यह बैठक दुनिया के भू वैज्ञानिकों का सबसे बड़ा जमावड़ा होती है.
'डिवाइनर' उन उपकरणों के समूह का हिस्सा है जिन्हें इस साल जून में एलआरओ पर लांच किया गया था. यह उपकरण जुलाई से लगातार काम कर रहा है.
दोनों मौसम
इस साल अक्तूबर में यह अंतरिक्ष यान इस अवस्था में था कि वह चंद्रमा के दक्षिणी गोलार्ध पर होने वाले ग्रिष्म संक्राती और उत्तरी गोलार्ध पर होने वाले शीत संक्रांति को देख सके.
'डिवाइनर' ने दक्षिणी गोलार्ध के सबसे अंधेरे गड्ढे़ में गर्मियों के दौरान सबसे कम तापमान -238 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया लेकिन उत्तरी ध्रुव पर यह 249 डिग्री सेल्सियस था.
प्रोफ़ेसर पेजी कहते हैं, ''आप किसी भी चीज़ के ऊर्जा स्रोतों को मिटाकर उसे इस तरह ठंडा बना सकते हैं. चंद्रमा के ध्रुवों पर बने इन गड्ढ़ों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भी सूर्य की रोशनी नहीं पहुँचती है.''












