चंद्रयात्रियों ने आलोचना की

अमरीका के कई चंद्रयात्रियों ने भावी मानव चंद्र अभियानों की योजना को ठंडे बस्ते में डालने के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फ़ैसले पर गहरी निराशा व्यक्त की है.
अपोलो 13 चंद्र मिशन के कमांडर जिम लोवेल ने चेतावनी दी है कि ओबामा के फ़ैसले का अमरीकी अंतरिक्ष अभियानों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. चाँद पर क़दम रखने वाले अंतिम व्यक्ति युजीन कर्नेन ने भी ओबामा के निर्णय पर निराशा व्यक्त की है.
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने बराका ओबामा ने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा स्वीकृत नासा की कॉन्सटलेशन चंद्र अभियान की योजना को रद्द करने की घोषणा की थी.
इतना ही नहीं ओबामा ने मौजूदा अंतरिक्ष शटल के अगले साल रिटायरमेंट के बाद नासा के मानव अंतरिक्ष मिशनों पर भी रोक लगाने की घोषणा की है.
चाँद पर क़दम रखने वाले पहले व्यक्ति नील आर्मस्ट्रॉंग समेत कई चंद्रयात्री रॉयल सोसायटी के एक समारोह में शामिल होने के लिए शुक्रवार को लंदन में थे. वहीं बीबीसी से बातचीत में उनमें से कइयों ने ओबामा के फ़ैसले पर खुल कर अपनी निराशा व्यक्त की.
अपोलो 17 अभियान के तहत 1972 में चंद्रमा पर पहुँचने वाला अंतिम व्यक्ति बने युनीन कर्नेन ने कहा, "मुझे ये सोच कर बहुत निराशा होती है कि अब भी चंद्रमा पर पहुँचने वाला अंतिम व्यक्ति मैं ही हूँ."
अमरीका की नैतिक ज़िम्मेदारी
कर्नेन ने कहा बहुत पहले ही हमें चंद्रमा पर दोबारा जाना चाहिए था. लेकिन अमरीकियों को क्यों दोबारा चाँद पर जाना चाहिए? इस सवाल के जवाब में युजीन कर्नेन ने कहा, "मैं समझता हूँ विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व की अमरीका की ज़िम्मेदारी है. ज्ञान की खोज की ये नैतिक ज़िम्मेदारी भी है. जिज्ञासा तो मानव अस्तित्व का मूल तत्व है."
ओबामा के फ़ैसले के बारे में अपोलो 13 अभियान के कमांडर जिम लोवेल का कहना है, "व्यक्तिगत रूप से मैं समझता हूँ कि अंतरिक्ष अन्वेषण और अंतरिक्ष से जुड़ी प्रौद्योगिकी के आम फ़ायदों पर इसका बहुत ही बुरा असर होगा. उन्होंने फ़ैसले के परिणामों के बारे में ठीक से नहीं सोचा है."
लंदन के समारोह में मौजूद नील आर्मस्ट्रॉंग इस मुद्दे पर अपनी राय देने से बचते रहे.
पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शक्तिशाली रॉकेटों पर आधारित कॉन्सटलेशन कार्यक्रम के ज़रिए 2020 में दोबारा अमरीकियों को चाँद पर उतारने की घोषणा की थी.
अब उस कार्यक्रम को रद्द करने की ओबामा की घोषणा के बाद अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भविष्य के किसी चंद्र अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी की उम्मीद कर रही है.
































