नपुंसक दिल का चेकअप कराएं

फ़ाइल फ़ोटो
इमेज कैप्शन, ये अध्ययन 1519 पुरषों पर किया गया है

जर्मनी में शोधकर्ताओं की एक टीम का कहना है कि नपुंसकता हृदय गति रुकने और इन जैसी बीमारियों से होनी वाली मौत का एक अहम कारक है.

ये अध्ययन 1519 पुरुषों पर किया गया है और पाया गया कि जिनको दिल की बीमारी के साथ-साथ नपुंसकता है, उनमें हृदय गति रुकने या मौत का ख़तरा दो गुना ज्यादा है.

ये अध्ययन प्रतिष्ठित पत्रिका 'जरनल सर्कुलेशन' में छपा है और नपुंसकों को दिल की बीमारी का चेकअप कराने की सलाह दी गई है.

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि हेल्थ चेकअप के दौरान डॉक्टरों को 40 वर्ष से अधिक उम्र वाले मरीज़ों से उनके नपुंसकता के बारे में भी पूछना चाहिए.

नपुंसकता का जुडाव पेनाइल धमनियों में ख़ून के कम बहाव से है. ये धमनियां कोरोनरी धमनियों से बहुत ही छोटी होती हैं.

आसार

वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन में 13 देशों के पुरुषों को शामिल किया गया जिनको पहले ही से दिल की बीमारी थी.

अध्ययन में शामिल पुरुषों से दो और पांच वर्ष के अंतराल पर उनके लिंग से जुड़े दोष के बारे में पूछा गया.

अध्ययन में पाया गया कि जिन्हें दिल की बीमारी के साथ-साथ नपुंसकता थी उनमें दिल का दौरा पड़ने या मौत की संभावना दो गुनी थी.

अध्ययन टीम के प्रमुख शोधकर्ता माइकल बोहम का कहना है कि जो पुरुष नपुसंकता की दवा ले रहे हैं उन्हें चाहिए कि वो दिल की बीमारियों की भी जांच कराएं.

ब्रितानी विशेषज्ञों ने ताज़ा अध्ययन का स्वागत किया, क्योंकि ब्रिटेन में इससे पहले के भी अध्ययन से पता चला था कि नपुंसकता और दिल की बीमारी में संबंध है.