नन्ही कैथरीन ने खोजा सुपरनोवा तारा

कनाडा की एक 10 साल की लड़की 'सुपरनोवा तारा' खोजने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र लड़की बन गई है.
सुपरनोवा तारा वह ब्रह्मांडीय संरचना है, जिसके विस्फोट के दौरान समूची आकाश गंगा रोशनी से सराबोर हो जाती है. इस दौरान सुपरनोवा से जितनी ऊर्जा निकलती है वह सूर्य के पूरे जीवनकाल से मिलने वाली ऊर्जा से भी ज़्यादा है.
कैथरीन ग्रे नाम की इस लड़की ने नए साल की रात, ब्रह्मांड में घटने वाली इस अद्वितीय घटना और इससे पैदा हुई रोशनी को देखा.
कैथरीन के पिता पॉल शौकिया तौर पर तारों की खोज से जुड़े हैं और यह पहली बार है कि कैथरीन ने इस मामले में उनकी मदद की.
अंतरिक्ष की गतिविधियों पर नज़र रखने और तारों की खोज का शौक रखने वाले लोग अंतरिक्ष में हो रहे बदलावों को देखते रहते हैं और इस दौरान अक्सर कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ उनके हाथ लगती हैं.
दुर्लभ घटना
ऐसी ही एक खोज के दौरान कैथरीन को अंतरिक्ष की कुछ तस्वीरों को देखकर सुपरनोवा के विस्फोट का आभास हुआ. आधारिक रुप से इस घटना की पुष्टि के बाद जल्द ही उनका यह अंदाज़ा हक़ीकत में बदल गया.
यह सुपरनोवा यूजीसी-3378 नामक आकाशगंगा में पृथ्वी से 24 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है.
सुपरनोवा की जानकारी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की आयु और उसके विस्तार के बारे में जानने में मदद करती है.
सुपरनोवा का विस्फोट एक दुर्लभ घटना है. मानव इतिहास की जानकारी में इससे पहले यह विस्फोट टेलिस्कोप के आविष्कार से भी पहले हुआ था.
वैज्ञानिकों के साथ-साथ कैथरीन के लिए भी यह खोज जीवन भर की एक यादगार स्मृति बन गई है.
































