एंडेवर अंतिम अभियान पर धरती के लिए रवाना

अमरीकी अंतरिक्ष यान एंडेवर ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हो कर वापस धरती की यात्रा शुरू कर दी है.
एंडेवर की ये 25 वीं और अंतिम उड़ान है. बुधवार को फ़्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर पर लौटने के बाद एंडेवर रिटायर हो जाएगा.
अंतरिक्ष में सोलह दिन बिताने के बाद एंडेवर के छह यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद तीन अंतरिक्ष यात्रियों से विदा ली.
अंतरिक्ष स्टेशन की इस प्रयोगशाला में नासा के रॉन गैरान, रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर सैमोकुत्याव और आंद्रे बोरिसेंको मौजूद हैं.
ब्रह्मांड कैसे अस्तित्व में आया?
इस अभियान के दौरान एंडेवर के अंतरिक्ष यात्रियों ने कॉस्मिक रे डिटेक्टर लगाया है जो कि अंतरिक्ष में कई चीजों की खोजबीन करेगा.

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इस अंतिम मिशन में 'एंडेवर' ने जो 'अल्फ़ा मैग्नेटिक स्पेक्टोमीटर' लगाया है उसे तैयार करने में 17 साल लगे हैं.
इस यंत्र को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के ऊपर लगाया गया जहां से वो ब्रह्मांडीय किरणों का व्यापक सर्वेक्षण करेगा.
ये अत्यधिक ऊर्जा वाले अणु हैं जो ब्रह्मांड के सभी कोनों से पृथ्वी की दिशा में तेज़ी से बढ़ते हैं.
वैज्ञानिकों को आशा है कि इन अणुओं के गुणों का पता लगाने से इस तरह के सवालों के जवाब ढूंढने में मदद मिलेगी कि ये ब्रह्मांड कैसे अस्तित्व में आया और इसका निर्माण कैसे हुआ.
एंडेवर के कमांडर मार्क केली है, जिनकी सांसद पत्नी गैबरिली गिफ़र्ड को इस साल जनवरी के महीने में सिर में गोली मारी गई थी और अब उनकी सेहत सुधर रही हैं.
यान कमांडर के अलावा अन्य अंतरिक्ष यात्री हैं पायलट ग्रेग जॉनसन और मिशन विशेषज्ञ एंड्रयू फ्यूस्टल, माइक फिंकी, ग्रेग चैमिटआफ और राबटरे विटोरी.
एंडेवर अपने आख़िरी अभियान पर 16 मई को रवाना हुआ था और प्रक्षेपण के दो दिन बाद ये यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ गया था.
अंतिम उड़ान
इससे पहले अमरीका का सबसे पुराना और अंतरिक्ष में सबसे अधिक यात्रा करने वाला अंतरिक्ष यान डिस्कवरी भी अपनी आख़िरी यात्रा पूरी कर रिटायर हो चुका है.
डिस्कवरी को पहली बार 1984 में लॉंच किया गया था और इसने 39 अभियान पूरे किए.
अब एंडेवर की ये आख़िरी उड़ान है और इसके बाद अटलांटिस के रिटायर होने की बारी है.

इन तीनों के रिटायर होने के बाद अमरीका अपने अंतरिक्षयात्रियों को रूस के सोयुज़ रॉकेट पर अंतरिक्ष में लेकर जाएगा.
एंडेवर का इतिहास
एंडेवर का निर्माण 1986 में 'चैलेंजर' यान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद किया गया था.
इसने अपनी पहली उड़ान 7 मई 1992 को की थी.
'एंडेवर' ने अंतरिक्ष में 280 दिन बिताकर पृथ्वी के कुल 4,429 चक्कर लगाए हैं.
इस अंतिम मिशन को पूरा कर लेने के बाद एंडेवर 16 करोड़ 60 लाख किलोमीटर की यात्रा पूरी कर लेगा.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के निर्माण के पहले मिशन पर यही यान गया था और हबल दूरबीन की मरम्मत का भी पहला मिशन इसी ने पूरा किया था.
































