ऑस्ट्रेलिया पर भारत की ऐतिहासिक जीत के पांच टर्निंग पॉइंट जिन्होंने मैच का रुख़ बदल दिया

खिलाड़ी

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भारत ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में इतिहास रच दिया है. टीम इंडिया ने स्टार कप्तान विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, रविंद्र जडेजा, आर. अश्विन और शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों की ग़ैर-मौजूदगी में बेहद रोमांचक मैच में जीत हासिल कर सिरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली है.

यूं तो इस जीत का श्रेय सभी 11 खिलाड़ियों को जाता है लेकिन इस सिरीज़ में ऋषभ पंत, चेतेश्वर पुजारा, शुभमन गिल, शार्दुल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों ने बेहद निर्णायक भूमिका निभाई और वो कर दिखाया जो कुछ दिनों पहले तक लगभग असंभव सा लग रहा था

भारत की इस ऐतिहासिक जीत में इन पांच घटनाओं ने टर्निंग प्वाइंट की भूमिका निभाई

पहली पारी: शार्दुल ठाकुर और वॉशिंगटन सुंदर की ज़बरदस्त साझेदारी

शार्दुल ठाकुर

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इमेज कैप्शन, शार्दुल ठाकुर ने 67 रन बनाए थे

टेस्ट मैच के तीसरे दिन पहली पारी में ऋषभ पंत जब 23 रन बनाकर आउट हुए तो टीम का स्कोर 186 रन था और भारतीय टीम मुश्किल में नज़र आ रही थी.

लेकिन अपना पहला मैच खेल रहे शार्दुल ठाकुर और वॉशिंगटन सुंदर ने कमाल कर दिया. दोनों ने ना केवल विकेटों का पतझड़ रोका बल्कि संभलकर रन भी बटोरे. इस जोड़ी ने 123 रनों की मैच बचाऊ साझेदारी की. इस जोड़ी के दम पर ही ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के 369 रनों के सामने भारत भी 336 रन बना पाया और मैच में वापसी कर ली.

दूसरी पारी में सिराज का पांच विकेट झटकना

मोहम्मद सिराज

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ब्रिस्बेन के गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे चौथे मैच में इंडिया को जीत के लिए 328 रन की चुनौती मिली और इसकी वजह थी चौथे दिन आस्ट्रेलिया की तरफ़ से बटोरे गए 294 रन. लेकिन ये रन इससे कहीं ज़्यादा भी हो सकते थे.

भारत की तरफ़ से सिराज ने 73 रन देकर पांच विकेट झटके और शार्दुल ठाकुर ने 61 रन देकर 4 विकेट लिए. सिराज पहली बार टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में पांच विकेट लेने में कामयाब हुए.

इस मेच के बाद सिराज ने अपने पिता को याद किया, उन्होंने कहा, "आज वो ज़िंदा होते तो गर्व करते. उनकी दुआओं की कारण ही आज मैं अपना बेस्ट परफ़ॉर्मेंस दे पाया हूं."

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ऋषभ पंत की धमाकेदार पारी

अपने चौके के साथ सिरीज़ को 2-1 से भारत की झोली में डालने वाले ऋषभ पंत को चौथे टेस्ट मैच का वो हीरो माना जा रहा है, जिसने मैच को ड्रॉ की तरफ़ से जीत में मोड़ दिया.

तीसरे टेस्ट में भी पंत ने टीम को जिताने की कोशिश की थी लेकिन 97 रनों पर आउट हो गए थे. लेकिन इस बार वो टीम को जिताकर ही माने. विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने नाबाद 89 रनों की पारी खेली. उन्होंने नौ चौके और एक छक्का लगाया.

पुजारा का क्रीज़ पर टिके रहना

दूसरी पारी में जब ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ अपनी तेज़ गेंदों से वार कर रहे थे, तो पुजारा ने बल्ले और शरीर, दोनों से उन्हें झेला.

पुजारा

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उन्होंने दूसरी पारी में कुल 211 बॉल खेली और 56 रन बनाए. इस पारी ने तय किया कि टीम इंडिया बिखर ना जाए. क्रीज़ पर टिककर खेलना उस वक्त भारत के लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी था और ऐसे समय में पुजारा पिच पर दीवार की तरह डटे रहे.

दूसरी तरफ़ खड़े शुभमन गिल ने रन बटोरना जारी रखा.

शुभमन की आक्रामक बल्लेबाज़ी

चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में शुभमन ने 146 गेंदों पर 91 रनों की धमाकेदार पारी खेली और रन जुटाते रहे. इसके साथ ही गिल इस सिरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. इस सिरीज़ के हर मैच में शुभमन गिल ने अच्छे रन बनाए.

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