टीम इंडिया के सामने बांग्लादेश को घरेलू मैदान पर हराने की चुनौती

इमेज स्रोत, MUNIR UZ ZAMAN/AFP via Getty Images
- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
लगभग दस महीनों में वनडे क्रिकेट का वर्ल्ड कप शुरु होने वाला है जिसकी मेज़बानी भारत करने वाला है. वैसे तो भारतीय क्रिकेट टीम सुपरस्टार खिलाड़ियों से सजी रही है लेकिन तथ्य यह भी है कि साल 2011 के बाद भारतीय झोली में ना तो वनडे का विश्व कप आया है ना ही टीम ने इस दौरान किसी टी20 वर्ल्ड कप पर कब्ज़ा जमाया है.
ऑस्ट्रेलिया में खत्म हुए टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने सही मायनों में वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरु कर दी है जिसके पहले चरण में टीम ने न्यूज़ीलैंड का दौरा किया. लेकिन ये दौरा भारत के लिए हर पैमाने पर असफल रहा.
तीन मैचों की सिरीज़ में भारत ने पहला मैच 306 रन बनाकर भी 7 विकेट से गंवा दिया. दूसरे और तीसरे मैच का नतीजा बारिश की वजह से आ नहीं सका, लेकिन यहां पर भी टीम इंडिया कुछ खास नहीं कर सकी थी. तीसरे वनडे में महज़ 219 रन बनाने वाली भारतीय टीम हारने ही वाली थी की बारिश ने उन्हें बचा लिया.
टीम इंडिया की तैयारियों के लिए ये शुभ संकेत नहीं है. इसलिए रविवार से शुरु होने वाला तीन वनडे मैचों का बांग्लादेशी दौरा अपने आकार से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है. हालांकि टीम दो टेस्ट मैच भी खेलेगी लेकिन सबकी नज़र वनडे के प्रदर्शन पर रहेगी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
फुल स्ट्रेंथ में भारतीय बैटिंग ऑर्डर

काफी समय बाद भारतीय बैटिंग ऑर्डर अपने पूरे ताकत के साथ मैदान पर उतरेगी. 2019 के वर्ल्ड कप के बाद टीम से अक्सर किसी ना किसी सीनियर खिलाड़ी को चोट की वजह से या आराम देने से छुट्टी मिलती रही है.
कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टीम के रेगुलर खिलाड़ियों को आराम देने का ये तरीका सही नहीं है और अगर भारत को विश्व कप में ताकत के साथ उभरना है तो उन्हें जल्दी ही टीम तय कर उन्हें हरेक मैच में खिलाना चाहिए.
शायद भारतीय सेलेक्टर्स भी इस बात को समझ चुके हैं और कम से कम बैटिंग में फुल स्ट्रेंथ टीम नज़र आ रही है. भारतीय टॉप ऑर्डर में कप्तान रोहित शर्मा की वापसी हो चुकी है. वो शिखर धवन के साथ ओपनिंग करेंगे. वहीं तीसरे नंबर पर विराट कोहली का बल्ला बोलेगा. जहां 2019 वर्ल्ड कप में भारतीय मिडिल ऑर्डर कमज़ोर नज़र आ रही थी, वहीं इस बार एक मज़बूत मिडिल ऑर्डर खेलने जा रहा है जिसमें उपकप्तान केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, और लेफ्ट हैंडर ऋषभ पंत शामिल हैं.
इनमें से कम से कम 2 बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन पर खास नज़र रहेगी. ओपनर शिखर धवन 2019 के बाद सबसे ज़्यादा मैचों (34) में खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं लेकिन इस दौरान वो एक भी शतक नहीं लगा सके हैं. वहीं उनका स्ट्राइक रेट भी 90 से कम है (82.43). ऐसे में अपनी पोजीशन पक्की करने के लिए धवन को इस सिरीज़ में बड़ा स्कोर बनाना ज़रूरी हो जाता है.
वहीं पंत पर भी सेलेक्टर्स और खासकर फैंस की नज़र रहेगी जो चाहते हैं कि वनडे में भी संजू सैमसन को देखना चाहते हैं

इमेज स्रोत, EPA/JOEL CARRETT
विराट कोहली से बचकर रहना

बांग्लादेश को लेकिन जिस खिलाड़ी से बचकर रहने की ज़रूरत है वो हैं विराट कोहली. वनडे में बांग्लादेश में विराट कोहली का औसत 80.83 का है.
वो बांग्लादेश में वनडे में 1000 रन पूरा करने से वो सिर्फ 30 रन पीछे हैं. विराट कोहली ने हाल ही के टी20 मैचों में ज़बरदस्त फॉर्म दिखाया है और वो उम्मीद करेंगे की वनडे क्रिकेट में भी वो उसी तरह की धमाकेदार वापसी करेंगे जिसके लिए वो जाने जाते हैं.
बॉलिंग में परीक्षण चालू

वहीं बोलिंग में अभी भी भारतीय टीम परीक्षण के दौर से गुजर रही है. जहां न्यूज़ीलैंड में युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव को टीम में जगह मिली वहीं बांग्लादेश दौरे से दोनों गायब है. यहां स्पिन की जिम्मेदारी अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर पर होगी.
वहीं पेस अटैक से जसप्रीत बुमराह अभी भी बाहर हैं. मोहम्मद शमी भी चोट की वजह से बाहर हैं. मोहम्मद सिराज़, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर और यश दयाल पेस अटैक संभालेंगे.
शमी की ग़ैर-मौजूदगी में तेज़ गेंदबाज़ उमरान मलिक को एक बार फिर मौक़ा मिला है. सिलेक्टर्स मानते हैं कि मलिक का खास ध्यान रखना होगा और उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा मौक़े मिलने चाहिए. जैसा कि ब्रेट ली ने अभी हाल ही में कहा था क भारत के पास सबसे तेज़ गाड़ी है लेकिन वो सड़क पर नहीं बल्कि गैराज में बंद है.

इमेज स्रोत, Hannah Peters/Getty Images
भारत फेवरिट लेकिन बांग्लादेश को हल्का ना समझे

सात साल बाद भारतीय टीम बांग्लादेश में वनडे मैच खेलने जा रही है. आख़िरी बार भारत ने जब बांग्लादेश के ख़िलाफ़ उनके ही देश में खेला था तब भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी होते थे. मीरपुर में खेले गए उस आख़िरी मैच में भारत धोनी की ही कप्तानी पारी की मदद से बांग्लादेश को 77 रनों से हराया था. लेकिन वे मैच जीतना भी एक तरह से लाज बचाने वाला था क्योंकि पहले 2 मैच जीतकर बांग्ला टाइगर्स ने सिरीज़ पर पहले ही कब्ज़ा जमा लिया था.
मीरपुर में ही खेले गए पहले वनडे मैच में बांग्लादेश ने 307 रन बनाए और फिर मुस्तफ़िज़ुर के 5 विकेटों की मदद से भारतीय पारी को 228 पर ही रोक दिया. वहीं दूसरे मैच में भारत ने पहले बैटिंग की लेकिन एक बार फिर फिज़ की पेस और स्विंग के आगे टीम नतमस्तक हो गई. इस पारी में मुस्तफ़िज़ुर ने 43 रन देकर 6 विकेट लिए और भारत को 200 रनों पर ही समेट दिया. जवाब में बांग्लादेश ने ये लक्ष्य 4 विकेट गंवा कर पूरा कर लिया.
बांग्लादेश दौरे पर भारतीय टीम को एक और बात ध्यान में रखना होगा - अक्तूबर 2016 के बाद से बांग्लादेशी टीम अपने घर में कोई भी द्विपक्षीय सिरीज़ नहीं हारी है. अपने होम कंडीशंस में बांग्ला टाइगर्स का प्रदर्शन कई गुणा बढ़ जाता है और इस बार भी उनसे ऐसी ही उम्मीद है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
बांग्ला टीम में तमिम की कमी

हालांकि बांग्लादेश की टीम में रेगुलर वनडे कप्तान तमिम इक़बाल चोट की वजह से शामिल नहीं है. तमिम बांग्लादेश की बैटिंग के मुख्य धुरी रहे हैं और हाल के दिनों में भी उनका फॉर्म बढ़िया रहा है. तमिम के अलावा टीम तेज़ गेंदबाज़ तस्कीन अहमद को भी मिस करेगी. तस्कीन 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद कर सकते हैं और बांग्लादेशी पेस अटैक के प्रमुख हथियार हैं.
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने वहां की तेज़ पिचों पर धारदार बोलिंग की थी. उनकी कमी को पूरा करने की ज़िम्मेदारी 2016 सिरीज़ के हीरो मुस्तफ़िज़ुर पर रहेगी जो अपने तेज़ी खो बैठै हैं, लेकिन नियंत्रण, स्विंग और अनुभव की उनके पास कोई कमी नहीं है. बांग्लादेशी पेस अटैक में उन्हें हसन महमूद, एबादोत हुसैन और मेहदी हसन मिराज़ का सहयोग मिलेगा.
वहीं तमिम इकबाल की ग़ैर-हाज़िरी में टीम की क़मान आक्रामक बल्लेबाज़ लिटन दास के हाथों में होगी. लिटन दास इस साल ज़बरदस्त फॉर्म में हैं और उन्होंने तीनों फॉर्मैट को मिलाकर इस साल 1703 रन बनाए हैं जो पाकिस्तान के बाबर आज़म के बाद उन्हें दूसरे नंबर पर बिठाता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
बांग्लादेशी बैटिंग ऑर्डर में अनुभव की कमी नहीं है. बांग्लादेशी टीम में शाकिब अल हसन, महमदुल्ला और मुशफ़िकुर रहमान जैसे अनुभवी खिलाड़ी है वहीं आतिफ हुसैन और यासिर अली जैसे युवा बल्लेबाज़ भी हैं.
दोनों ही टीमों के बीच पहला वनडे मैच मीरपुर से शेरे बांग्ला स्टेडियम में खेला जाएगा. जहां तक पिच का सवाल है, वो धीमी रहने की उम्मीद है और पहली पारी में यहां आमतौर पर बड़ा स्कोर खड़ा होता है.
भारतीय फ़ैंस को भी एक बड़ी जीत का इंतज़ार है जो वहां खेली गई पिछली सिरीज़ के हार का बदला ले सकेगी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














