'सरकार को सारा पैसा वापस करेंगे'

- Author, मुकेश शर्मा
- पदनाम, खेल संपादक, बीबीसी हिंदी
राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में हो रही देरी की वजह से खेलों पर और पैसा ख़र्च होने और उसकी जवाबदेही तय न होने की आशंकाओं के बीच खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने कहा है कि खेलों के आयोजन के लिए सरकार से मिला पैसा वापस किया जाएगा.
बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में कलमाड़ी ने कहा, "हमें खेलों के आयोजन के लिए कोई अनुदान नहीं मिला है, हमें 1600 करोड़ रुपयों का ऋण मिला है और हम ये पूरा लोन वापस करेंगे."
खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष पद को काफ़ी बड़ी ज़िम्मेदारी बताते हुए कलमाड़ी ने कहा कि भारत एशियाई खेलों के बाद से पहली बार कोई बड़ा खेल आयोजन कर रहा है.
उनका कहना था कि खेल तो 15 ही दिन होंगे मगर उसकी वजह से दिल्ली का जो बुनियादी ढाँचा मज़बूत होगा वो दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर अहम जगह दिलाएगा.
'लौटाएँगे पैसा'
कलमाड़ी ने सरकार से मिले पैसे को लौटाने के बारे में बताया, "एक तो हमें प्रायोजक मिल रहे हैं, फिर हम खेलों से जुड़ा जो भी सामान बेचेंगे उससे पैसा मिलेगा, टिकट के ज़रिए धन आएगा और टेलिविज़न राजस्व का हमारा जो लक्ष्य था अब उससे दोगुना हमें मिल रहा है."
उनके अनुसार, "इन सबसे जो पैसा हमें मिलेगा हम सरकार को वापस करेंगे और हमारा रेवेन्यू न्यूट्रल बजट होगा."
कलमाड़ी ने बताया कि एनटीपीसी, एयर इंडिया और हीरो होन्डा पहले ही प्रायोजक के तौर पर सामने आ चुके हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से टेलिविज़न राजस्व को लेकर बात तय हो चुकी है और अन्य देशों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.
इन सबकी मदद से कलमाड़ी को सरकार से मिला ऋण लौटाने की उम्मीद है.
'हो गया है काम'
स्टेडियम की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा, "अधिकतर काम तो हो गया है. हमारे सारे स्टेडियम विश्व स्तरीय हैं. जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम कुछ पीछे है मगर उसकी वजह ये है कि उदघाटन और समापन समारोह के चलते वहाँ सुरंग बनानी थी. स्विमिंग स्टेडियम इसलिए पीछे है क्योंकि वहाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार काम चल रहा है. मगर जो भी देर हो रही है वो काम जून तक पूरा हो जाएगा."
कलमाड़ी का कहना था कि राष्ट्रमंडल खेल संघ के अधिकारी जब पहले आए थे तब उन्होंने काम तेज़ करने की बात कही थी मगर इस बार वे सभी संतुष्ट थे.
उनके मुताबिक़ यूसैन बोल्ट को आमंत्रित किया गया है और एथलीट खेलों से एक महीने पहले ही तय करते हैं आने या नहीं आने के बारे में. मगर कलमाड़ी ने विश्वास जताया है कि राष्ट्रमंडल के पाँच-छह जो प्रमुख खिलाड़ी हैं उन्हें खेलों में लाने की पूरी कोशिश की जाएगी.
































