जीत की राह से हार की ओर बढ़कर टाई पर रुके

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क्रिकेट विश्व कप में बंगलौर में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ ऐतिहासिक मैच टाई हो गया है. दोनों ही टीमें 338 रन बना सकीं.
भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 339 रनों का लक्ष्य रखा था जिसका इंग्लैंड ने बख़ूबी पीछा किया और काफ़ी उतार-चढ़ाव के बाद अंतिम गेंद पर ही मैच का फ़ैसला हो सका.
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अंतिम ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 14 रनों की ज़रूरत थी और ग्रैम स्वॉन और अहमद शहज़ाद विकेट पर थे.
गेंद मुनाफ़ पटेल के हाथों में थी. स्वॉन ने उनकी पहली गेंद पर दो रन लिए और दूसरी पर एक रन. इसके बाद शहज़ाद ने मुनाफ़ की तीसरी गेंद को सीधे बाउंड्री के पार पहुँचाते हुए छक्का जड़ दिया.
मैच अब बराबरी का हो चुका था और इंग्लैंड को तीन गेंदों पर पाँच रनों की ज़रूरत थी. शहज़ाद ने अगली गेंद पर एक रन ले लिया और इंग्लैंड को ज़रूरत रह गई दो गेंदों पर चार रनों की.
स्वॉन ने मुनाफ़ की पाँचवीं गेंद पर दो रन लिए मगर अंतिम गेंद पर जीत के लिए दो रन नहीं ले सके क्योंकि मिड ऑफ़ पर गेंद रोकी गई और इंग्लैंड आठ विकेट खोकर 338 रनों पर रोक दिया गया.
इससे पहले 49वाँ ओवर पीयूष चावला ने किया था जिसमें उन्होंने 15 रन दिए.
भारत की वापसी

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उस ओवर में पहले ग्रैम स्वॉन ने और फिर टिम ब्रेसनेन ने छक्का लगाया जिससे इंग्लैंड की मैच में फिर से वापसी हुई.
मैच का रुख़ पलटा ज़हीर ख़ान के ओवर से. उन्होंने मैच के 43वें ओवर में लगातार दो गेंदों में कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस और इयन बेल को आउट कर दिया.
पहले बेल का कैच विराट कोहली ने मिड ऑफ़ पर पकड़ा और अगली ही गेंद पर ज़हीर ने स्ट्रॉस को विकेट के सामने यॉर्कर से धर दबोचा. बेल 69 और स्ट्रॉस 158 रन बनाकर आउट हुए.
तीसरे विकेट के लिए इन दोनों के बीच 170 रनों की साझेदारी हुई. 43वें ओवर से ही बैटिंग पावरप्ले शुरू हुआ था और उन पाँच ओवरों में इंग्लैंड सिर्फ़ 25 रन बना सका और उसके चार विकेट गिर गए.
पॉल कॉलिंगवुड एक रन बनाकर, मैट प्रायर चार रन बनाकर, माइकल यार्डी 13 और टिम ब्रेसनेन 14 रन बनाकर आउट हुए. स्वॉन 15 और शहज़ाद छह रन बनाकर नॉट आउट रहे.
स्ट्रॉस को इस बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ़ द मैच दिया गया.
इससे पहले जब इंग्लैंड का स्कोर 68 रन था तब पीटरसन 22 गेंदों में 31 रन बनाकर आउट हुए. उसके बाद जॉनथन ट्रॉट ने 16 रन बनाए थे कि पीयूष चावला की गेंद विकेट के सामने उनके पैरों पर लगी और वो एलबीडब्ल्यू आउट क़रार दिए गए. उस समय इंग्लैंड ने 111 रन बनाए थे.
भारतीय पारी
इससे पहले सचिन तेंदुलकर के बेहतरीन शतक के अलावा युवराज सिंह और गौतम गंभीर के अर्द्धशतकों ने भारत को 338 रनों के स्कोर तक पहुँचने में मदद की.

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मगर भारत ने अंतिम पाँच ओवरों में सिर्फ़ 46 रन जोड़े और सात विकेट गँवा दिए और एक गेंद बाक़ी रहते पूरी पारी सिमट गई.
दर्शकों ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की बेहतरीन पारी का काफ़ी आनंद लिया.सचिन 120 रनों के निजी स्कोर पर जेम्स एंडरसन की गेंद पर माइकल यार्डी के हाथों लपके गए. उन्होंने 115 गेंदों में ये पारी खेली जिसमें 10 चौके और पाँच छक्के लगे.
सचिन की इस पारी ने भारत को मज़बूती देने का काम किया. वनडे में सचिन का ये 47वाँ शतक था.
भारत को पहले दो झटके वीरेंदर सहवाग और गौतम गंभीर के रूप में लगे. सबसे पहले सहवाग 35 रन टिम ब्रेसनेन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए. उस समय भारत का स्कोर 46 रन था.
उनके आउट होने के बाद गौतम गंभीर ने सचिन के साथ शतकीय पारी खेली और दूसरे विकेट के लिए 134 रन जोड़े. मगर जब वह 51 रनों के निजी स्कोर पर थे उसी समय वह ग्रैम स्वॉन की गेंद पर बोल्ड हो गए.
बड़े स्कोर से चूके

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इसके बाद आए युवराज सिंह ने सचिन का साथ दिया और दोनों ने मिलकर भारत का स्कोर 236 रनों तक पहुँचाया. तेंदुलकर के आउट होने के बाद युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी ने तेज़ी से स्कोर बढ़ाया और एक समय भारत का स्कोर तीन विकेट पर 305 रन था.
मगर उसके बाद जो विकेट गिरने शुरू हुए तो अगले 33 रनों में भारत के सात खिलाड़ी पैवेलियन की ओर लौट गए.
पहले युवराज सिंह 58 के स्कोर पर यार्डी का शिकार हुए और उसके तुरंत बाद महेंद्र सिंह धोनी ब्रेसनेन की गेंद पर 31 रनों पर आउट हो गए.
इसके बाद तो भारत के जो विकेट गिरने शुरू हुए तो 338 रनों पर पूरी पारी सिमट गई. यूसुफ़ पठान 14, विराट कोहली आठ, ज़हीर ख़ान चार और पीयूष चावला दो रन बनाकर आउट हुए.
हरभजन सिंह और मुनाफ़ पटेल खाता नहीं खोल सके.
इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन की काफ़ी धुनाई हुई जिन्होंने नौ ओवर पाँच गेंदों में 91 रन दिए तो वहीं सबसे सफल गेंदबाज़ टिम ब्रेसनेन रहे जिन्होंने 10 ओवरों में 48 रन देकर पाँच खिलाड़ियों को पैवेलियन की राह दिखाई.
सचिन के छक्के

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सचिन ने दो छक्के पॉल कॉलिंगवुड की गेंद पर और तीन ग्रैम स्वॉन की गेंद पर लगाए.
सचिन ने शानदार छक्के के साथ पहले भारत के 100 रन पूरे किए और फिर दूसरा छक्का लगाकर अपना 94वाँ अर्द्धशतक.
इसके बाद सचिन ने स्पिनरों की धुनाई का काम जारी रखा जबकि उन्होंने स्वॉन की गेंद पर पहले मिड विकेट के ऊपर से और फिर अगली ही गेंद पर वाइड लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का लगाया.
कॉलिंगवुड की गेंद पर पहला छक्का लॉन्ग ऑफ़ के ऊपर से और दूसरा मिड विकेट के ऊपर से लगा.
इंग्लैंड के विरुद्ध सहवाग जमकर खेलते हुए नहीं दिख रहे थे. पिछले मैच की तरह इंग्लैंड के विरुद्ध भी उन्होंने पहली ही गेंद पर चौका जड़ा मगर उनके कई शॉट कैच के रूप में उछलते हुए भी दिखे.
टिम ब्रेसनेन की गेंद पर उनका कैच विकेट के पीछे मैट प्रायर ने दाहिनी ओर जाकर लपका.
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया और एस श्रीसंत की जगह पीयूष चावला को शामिल किया.
वहीं इंग्लैंड ने स्टुअर्ट ब्रॉड की जगह अजमल शहज़ाद को और रवि बोपारा की जगह माइकल यार्डी को शामिल किया.
































