दुनिया की सबसे छोटी सल्तनत का शहंशाह

इमेज स्रोत, Eliot Stein
आपने दुनिया के बड़े-बड़े साम्राज्यों के क़िस्से सुने होंगे. ब्रिटिश साम्राज्य जिसमें कभी सूरज डूबता ही नहीं था. चंगेज़ ख़ां की बादशाहत जो चीन से लेकर हिंदुस्तान की दहलीज़ तक फैली थी. या फिर मुग़लिया सल्तनत जिसका विस्तार काबुल-कंधार से लेकर कर्नाटक तक था.
पर, आज हम आपको ले चलते हैं दुनिया की सबसे छोटी बादशाहत की सैर पर. एक ऐसा साम्राज्य जिसमें कुल 11 लोग रहते हैं, वो भी पार्ट टाइम. एक ऐसा राजा जो अपनी नाव और रेस्टोरेंट चलाता है. जिसने हाफ़ पैंट और सैंडल मे ही ज़िंदगी बिता दी. ये बेहद दिलचस्प किंगडम है, किंगडम ऑफ टवोलारा.

इमेज स्रोत, Eliot Stein
छोटा-सा द्वीप
इटली के सार्डीनिया प्रांत के पास भूमध्य सागर में स्थित ये एक बेहद छोटा-सा द्वीप है जहां पर एक राज कायम है, वो भी इटली के एक देश के तौर पर अस्तित्व में आने से पहले. किंगडम ऑफ़ टवोलारा, असल में टवोलारा नाम के एक छोटे से जज़ीरे पर फैला हुआ है. इसकी कुल लंबाई-चौड़ाई पांच वर्ग किलोमीटर है.
इसके राजा का नाम है एंतोनियो बर्तलिओनी. अगर आप कभी टवोलारा पहुंच गए तो वहां आपको राजा एंतोनियो बर्तलिओनी को तलाशने में दिक़्क़त हो सकती है. वो राजा जैसे तो दिखते ही नहीं. न पहनावा वैसा है, न रहन-सहन. एंतोनियो बर्तलिओनी कहते हैं कि एक राजा के तौर पर उन्हें सिर्फ़ मुफ़्त भोजन की सुविधा मिलती है.

इमेज स्रोत, Chris Jackson/Getty Images
टवोलारा जैसे ही कुछ छोटे-छोटे और देश हैं जो आबाद हैं.
1. रेडोंडा-इंग्लैंड के साउथैम्पटन स्थित एक इलाक़े ने धूम्रपान पर पाबंदी से बचने के लिए ख़ुद को अलग मुल्क़ घोषित कर दिया था.
2. टवोलारा-5 वर्ग किलोमीटर में फैले इस देश के कुल 11 नागरिक हैं. राजा एंतोनियो ही यहां का इकलौता रेस्टोरेंट चलाते हैं.
3. टोंगा-प्रशांत महासागर स्थित ये देश 748 वर्ग किलोमीटर में फैला है. इसकी आबादी एक लाख छह हज़ार है. इसे 1773 में ब्रिटिश कैप्टन जेम्स कुक ने खोजा था. कैप्टन कुक ने इसे दोस्ताना द्वीप कहा था, जबकि सच्चाई ये थी कि यहां के बाशिंदे उन्हें मारना चाहते थे.
4. ब्रुनेई-5 हज़ार 765 वर्ग किलोमीटर में फैले ब्रुनेई की आबादी 4 लाख 13 हज़ार है. यहां के लोगों पर कोई टैक्स नहीं लगता. ब्रुनेई के सुल्तान, दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं.
5. स्वाज़ीलैंड-अफ़्रीका में स्थित इस देश का आकार 17 हज़ार 360 वर्ग किलोमीटर है. इसकी क़ुदरती ख़ूबसूरती की वजह से इसे रहस्यों से भरा देश कहा जाता है. यहां की कुल आबादी क़रीब 13 लाख है.
6. लेसोथो-दक्षिण अफ्रीका में बसा ये देश 30 हज़ार वर्ग किलोमीटर में फैला है. ये समुद्र तट से काफ़ी नीचे इलाक़े में बसा है. इसकी आबादी क़रीब बीस लाख है.

इमेज स्रोत, Riccardo Finelli
किंगडम ऑफ टवोलारा
वो भी उनके ख़ुद के रेस्टोरेंट से मिलता है. किंगडम ऑफ़ टवोलारा इस साल अपनी स्थापना की 180वीं सालगिरह मना रहा है. आज के दौर में एक द्वीप पर बसे एक साम्राज्य की बातें मज़ाक़ लगेंगी. मगर, यहां के बाशिंदे और राजा एंतोनियो बर्तलिओनी इसे लेकर बेहद गंभीर हैं. पूछे जाने पर वो कई पुश्तों का इतिहास बताते हैं.
एंतोनियो बर्तलिओनी के मुताबिक़ उनके परदादा के परदादा, गुसेप बर्तलिओनी 1807 में दो बहनों से शादी करके इटली से भाग आए थे. उस वक़्त इटली एक देश नहीं था, बल्कि इसका सार्डीनिया सूबा एक अलग साम्राज्य के तौर पर आबाद था. यहां दो शादियां करना गुनाह था. इसीलिए गुसेप बर्तलिओनी भागकर इस द्वीप पर आकर बस गए.

इमेज स्रोत, REDA &CO srl/Alamy
बकरियों का शिकार
वो जेनोवा शहर के रहने वाले थे. गुसेप को जल्द ही इस द्वीप पर रहने वाली सुनहरे दांतों वाली बकरियों का पता चला. ये दुनिया में अपनी तरह की इकलौती बकरियां हैं. जल्द ही इन बकरियों की चर्चा इटली तक पहुंच गई. सार्डीनिया के राजा कार्लो अल्बर्टो इन बकरियों को देखने और इनका शिकार करने के लिए टवोलारा द्वीप पर आए.
ये बात 1836 की है. गुसेप के बेटे पाओलो ने कार्लो अल्बर्टो को इन बकरियों के शिकार में मदद की और पूरा द्वीप घुमाया. एंतोनियो बताते हैं कि जब सार्डीनिया के राजा अल्बर्टो उनके द्वीप पर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वो सार्डीनिया के राजा है. इसके जवाब में उनके पर-परदादा पाओलो ने कहा कि वो टवोलारा के राजा हैं.

इमेज स्रोत, Realy Easy Star/Alberto Maisto/Alamy
भूमध्य सागर
टवोलारा में तीन दिन गुज़ारकर कार्लो अल्बर्टो जब अपने देश लौटे तो वहां से एक फ़रमान लिखकर कहा कि टवोलारा, सार्डीनिया के राज का हिस्सा नहीं है. इसके बाद पाओलो बर्तलिओनी ने अपनी बादशाहत का एलान कर दिया. इस द्वीप पर उस वक़्त कुल तैंतीस लोग रहते थे. तो पाओलो उन 33 लोगों के राजा हो गए.
पाओलो ने मरने से पहले एक शाही क़ब्रिस्तान बनवाया. उन्होंने वसीयत की कि उन्हें जब दफ़नाया जाए तो उनकी क़ब्र पर एक मुकुट लगाया जाए. दिलचस्प बात ये कि पाओलो बर्तलिओनी ने जीते-जी कभी मुकुट नहीं पहना था. बाद के दिनों में टवोलारा के राजाओं के क़िस्से पूरे भूमध्य सागर में फैल गए.

इमेज स्रोत, Realy Easy Star/Alberto Maisto/Alamy
शांति समझौता
कई देशों के राजाओं के साथ टवोलारा के राजाओं ने समझौते भी किए. इनमें से एक इटली के संस्थापक कहे जाने वाले गुसेप गैरीबाल्डी भी थे. उस वक़्त के सार्डीनिया के राजा विटोरियो इमैनुअल द्वितीय ने तो 1903 में टवोलारा के साथ शांति समझौता भी किया था.
उन्नीसवीं सदी में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया ने दुनिया भर के राजाओं की तस्वीरें इकट्ठी करने का मिशन शुरू किया था. इस दौरान एक जहाज़ उन्होंने टवोलारा भी भेजा था ताकि यहां के शाही ख़ानदान की तस्वीर भी उतारी जा सके. उस दौर की तस्वीर बरसों तक इंग्लैंड के बकिंघम पैलेस की शान बढ़ाती रही.

इमेज स्रोत, TORSTEN BLACKWOOD/AFP/Getty Images
नैटो का सैनिक अड्डा
आज वो तस्वीर एंतोनिओ बर्तलिओनी के रेस्टोरेंट में टंगी है. 1962 में यहां नैटो का सैनिक अड्डा बनने के बाद इस छोटे से साम्राज्य की संप्रभुता ख़त्म हो गई. इसके ज़्यादातर हिस्से पर किसी के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई. मगर इटली ने कभी भी औपचारिक रूप से टवोलारा को अपना हिस्सा नहीं बनाया.
हालांकि टवोलारा को दुनिया का कोई भी देश मान्यता नहीं देता. टवोलारा के राजा एंतोनियो और उनके परिवार के लोग इटली से इस द्वीप तक के लिए फ़ेरी सर्विस चलाते हैं. बड़ी तादाद में सैलानी यहां घूमने के लिए आते हैं. वो यहां की बकरियां और विलुप्त होती बाज की एक नस्ल को देखने के लिए आते हैं.

इमेज स्रोत, AFP/Getty Images
खानदानी पेशा
टवोलारा के आस-पास के समंदर में बड़ी तादाद में समुद्री जानवर रहते हैं. बहुत से सैलानी इनके साथ अठखेलियां करने के लिए भी यहां आते हैं. एंतोनियो और उनके भतीजे फ़ेरी सर्विस चलाते हैं. तो, वहीं उनका एक भतीजा समुद्र में मछलियां और दूसरे शिकार करता है.
इन जीवों को फिर द्वीप पर स्थित इकलौते रेस्टोरेंट में पकाकर सैलानियों को परोसा जाता है. एंतोनियो कहते हैं कि टवोलारा पर राज करना ख़ानदानी पेशे जैसा है. सैलानियों की आमदोरफ़्त बढ़ने से एंतोनियो के राज की आमदनी भी बढ़ी है. लेकिन वो आम लोगों जैसी ज़िंदगी ही बसर करने में यक़ीन रखते हैं.

इमेज स्रोत, GIANLUIGI GUERCIA/AFP/Getty Images
ड्यूक ऑफ़ सेवॉय
एंतोनियो को रोज़ सुबह उठकर ख़ानदानी क़ब्रिस्तान जाकर अपनी बीवी की क़ब्र पर फूल चढ़ाना सबसे अच्छा लगता है. वो प्लास्टिक के फूल ले जाते हैं. एंतोनियो का कहना है कि असली फूल ले जाने पर बकरियां उन्हें चबा जाती हैं. क़ब्रिस्तान में बर्तलिओनी ख़ानदान के सभी मरहूम लोग दफ़नाए गए हैं.
तकनीकी रूप से एंतोनिओ और उनके सभी परिजन, इटली के नागरिक हैं. उन्होंने एक बार सोचा था कि वो ड्यूक ऑफ़ सेवॉय से अपील करें कि उनकी बादशाहत को मान्यता दे दी जाए. मगर फिर उन्होंने ये ख़्याल छोड़ दिया. एंतोनियो कहते हैं कि जब हमारे पास महल के तौर पर इतना बड़ा द्वीप है तो फिर बाक़ी औपचारिकताएं ज़रूरी नहीं.
(बीबीसी ट्रैवल पर इस स्टोरी को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. आप बीबीसी ट्रैवल कोफ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












