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'पढ़ाई पूरी करके वापस आने वाला था': मध्य प्रदेश के गुरकीरत की कनाडा में हुई हत्या
- Author, विष्णुकांत तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, भोपाल
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
"बहुत नेक बच्चा था. बिज़नेस की पढ़ाई करने कनाडा गया था, अब कभी नहीं लौटेगा." फ़ोन पर यह कहते हुए प्रभकीरत सिंह मनोचा का गला भर आया.
दरअसल उनके छोटे भाई गुरकीरत सिंह मनोचा जो कि मूलतः मध्य प्रदेश के उज्जैन ज़िले के रहने वाले थे, उनकी कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एक शहर फ़ोर्ट सेंट जॉन में कथित तौर पर 10-12 लोगों ने मारपीट के बाद गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी.
23 वर्षीय गुरकीरत सिंह मनोचा उज्जैन के अपने घर से हज़ारों किलोमीटर कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिज़नेस मैनेजमेंट के पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहे थे.
यहीं 14 मार्च की रात उनकी हत्या कर दी गई.
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कनाडा पुलिस ने अब तक क्या जानकारी दी
प्रभकीरत ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "जिस रात मेरे भाई के साथ यह घटना हुई उसी रात मैंने लगभग तीन-चार घंटे पहले उससे बात की थी. बहुत दूर रहता था तो हम लोग फ़ोन पर ही रोज़मर्रा के हालचाल ले लेते थे. सपने में भी नहीं सोचा था भाई से वो आख़िरी बात होगी."
फ़िलहाल परिवार सदमे में है और परेशान है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, गुरकीरत की हत्या के संबंध में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने बताया कि इस मामले में सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है.
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, जो मौत के कारण को स्पष्ट करेगी और आगे की क़ानूनी कारवाई में अहम भूमिका निभाएगी.
दोस्त ने फ़ोन कर बताया गुरकीरत के साथ हुई घटना
परिवार को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक़ उस रात गुरकीरत अपने काम के बाद कुछ साथियों के साथ बाहर गए थे.
प्रभकीरत ने कहा, "जो पता चला है उसके हिसाब से अपने कॉलेज के और कुछ दोस्तों के साथ काम के बाद बाहर गया था. नॉर्मली जैसे सभी बच्चे जाते हैं. किसी बात को लेकर उस ग्रुप में विवाद हुआ, बहस आगे बढ़ी और हिंसक हो गई. पहले तो भाई को बहुत मारा फिर उस पर गाड़ी चढ़ा दी. बाक़ी पुलिस अभी जांच कर रही है"
उन्होंने कहा, "वहां से गुरकीरत के एक दोस्त ने फ़ोन करके बताया कि ऐसा हो गया है. उसे बहुत चोट लगी थी."
परिवार के मुताबिक़, गुरकीरत पर 10 से 12 लोगों के समूह ने हमला किया. गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
पिता के बिज़नेस को आगे बढ़ाना चाहते थे
गुरकीरत के भाई बताते हैं कि पढ़ाई में अच्छा होने के कारण उनके भाई ने कनाडा से बिज़नेस की पढ़ाई करने का प्लान किया था.
वो कहते हैं, "उसका सपना था कि अच्छी से अच्छी जगह से पढ़ाई करके पिता जी के बिज़नेस को बढ़ाना चाहता था. ग्रैजुएशन के बाद उसने सब कुछ पता करके कनाडा में पढ़ाई करने का मन बनाया. हमने उसकी पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन लिया और 2024 में वो पढ़ाई करने गया था. कुछ ही समय में पढ़ाई पूरी करके वापस आने वाला था."
परिवार के अनुसार, गुरकीरत का लक्ष्य अपना कोर्स पूरा करना, बिज़नेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा हासिल करना और फिर भारत लौटकर अपने पिता के फ़ूड सप्लाई कारोबार को आगे बढ़ाना था.
गुरकीरत के भाई बताते हैं कि उनके लिए यह सिर्फ़ पढ़ाई नहीं थी, बल्कि परिवार के और पिता के सालों के काम को एक नई दिशा देने की तैयारी थी.
उनके पिता गुरजीत सिंह मनोचा बताते हैं कि घटना से एक दिन पहले ही उनकी बेटे से बात हुई थी. उन्होंने कहा, "जैसे बाकी दिनों में बात होती थी वैसे ही उस दिन भी हुई. उसने कहा था कि वो अपनी पढ़ाई पूरी करने वाला है और जल्दी घर आ जाएगा."
पढ़ाई के साथ-साथ करते थे काम
कनाडा में गुरकीरत हफ्ते में चार दिन कॉलेज में पढ़ाई करते थे और बाकी तीन दिन काम करते थे. परिवार के मुताबिक़, उन्होंने एक स्थानीय सुपरमार्केट में नौकरी भी कर ली थी ताकि अपने ख़र्चों को संभाल सकें.
दूसरी ओर, उज्जैन में गुरकीरत का परिवार अपने बेटे के पार्थिव शरीर को घर लाने का इंतज़ार कर रहा है.
विदेश से किसी व्यक्ति के शव को भारत लाना एक समय लेने वाली प्रक्रिया होती है. खास तौर पर जब मामला आपराधिक जांच से जुड़ा हो.
प्रभकीरत ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मदद के लिए अनुरोध किया है.
उन्होंने कहा, "हमें बताया गया कि पोस्टमार्टम 20 मार्च तक पूरा हो सकता है. हमने अपनी राज्य और केंद्र सरकार से भाई के शव को घर लाने में मदद मांगी है".
गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या के बाद मंगलवार 17 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे. उज्जैन में देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी में मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से चर्चा कर संवेदना व्यक्त की और मदद का आश्वासन दिया है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.