ईरान ने किया दो अमेरिकी विमानों को मार गिराने का दावा, अब तक क्या पता चल पाया है

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ईरानी मीडिया में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है. इनमें एक एफ़-15 विमान है, जो देश के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में उड़ रहा था, जबकि दूसरा विमान वो है जो एफ़-15 के क्रू के रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल है.
बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस के मुताबिक़, एफ़-15 विमान में दो क्रू सदस्य हैं, जिनमें से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है.
रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे गिराए गए विमान ए-10 वॉरथोग विमान के पायलट ने खाड़ी के ऊपर सुरक्षित तरीक़े से ख़ुद को इजेक्ट किया और बाद में उसे बचा लिया गया.
ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक़, ईरान ने लापता क्रू सदस्य को ज़िंदा पकड़ने वालों के लिए इनाम घोषित किया है.
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि विमान में मौजूद दो में से एक सदस्य पैराशूट के ज़रिए बाहर निकल गया और संभव है कि वह देश के दक्षिणी हिस्से में उतरा हो.
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अमेरिकी अधिकारियों ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस को बताया कि विमान का पायलट सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि लापता व्यक्ति एक वेपन सिस्टम्स ऑफिसर है.
सरकार से जुड़े ईरानी चैनलों ने नागरिकों से अपील की है कि वे "पायलट को ज़िंदा पकड़ें" और इसके लिए इनाम भी घोषित किया गया है.
कितना इनाम घोषित किया गया?
एक व्यापक रूप से साझा की गई रिपोर्ट मुताबिक़, लगभग करीब 50 हज़ार पाउंड का इनाम बताया गया है. इसके तुरंत बाद कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें दक्षिणी ईरान के दो प्रांतों में हथियारबंद लोग लापता क्रू मेंबर की तलाश करते दिख रहे हैं.
बीबीसी फ़ारसी सेवा की सीनियर रिपोर्टर ग़ोंचेह हबीबीआज़ाद के मुताबिक़, खुज़ेस्तान प्रांत के एक अपुष्ट वीडियो में कुछ लोग हथियारों और इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे के साथ खोज करते नज़र आ रहे हैं. इनमें से एक व्यक्ति कहते हुए सुनाई दिख रहा है, "खुदा ने चाहा तो हम उसे ढूंढ लेंगे."
वहीं, रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सर्च और रेस्क्यू अभियान के दौरान अमेरिकी टीमों पर गोलियां चलाई गईं.
ईरानी मीडिया में सबसे पहले यह ख़बर आई, जहां तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिका अपने क्रू की तलाश कर रहा है.
इसके बाद एक्सियोस, रॉयटर्स और द न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यही बात कही.
बीबीसी के वेरिफ़ाइड वीडियो में एक अमेरिकी विमान और दो हेलिकॉप्टरों को ख़ुज़ेस्तान प्रांत में लड़ाकू विमान के क्रू की तलाश करते हुए देखा गया है.
यह भी ख़बर है कि जब तक यह सर्च ऑपरेशन चल रहा है, तब तक इसराइली सेना ने उस इलाके में अपने हमले रोक दिए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसी नेटवर्क से कहा, "हम युद्ध की स्थिति में हैं", लेकिन इस लड़ाकू विमान पर हुए हमले से ईरान के साथ किसी भी बातचीत पर असर नहीं पड़ेगा.
बचाव मिशन कितना अहम, कैसे चलता है ऑपरेशन

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विशेषज्ञों ने बीबीसी को बताया है कि गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के लापता क्रू सदस्य की तलाश बहुत ही टाइम-सेन्सेटिव है क्योंकि अमेरिका की सर्च और रेस्क्यू टीमें और ईरान, दोनों ही उस व्यक्ति को खोजने की कोशिश में लगे हैं.
अमेरिकी सैन्य रणनीतिकार और सीनियर डिप्लोमेट जेम्स जैफ़्री कहते हैं, "यह मेरी जानकारी में सबसे ख़तरनाक सैन्य मिशनों में से एक है.''
उन्होंने सीरिया में विशेष प्रतिनिधि और इराक़ में इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियान में विशेष दूत के रूप में काम किया है.
ऐसे मिशन आमतौर पर हेलीकॉप्टरों के ज़रिए चलाए जाते हैं, जिनकी मदद के लिए हवा में ईंधन भरने वाले विमान और अन्य लड़ाकू विमान भी तैनात रहते हैं, जो ज़रूरत पड़ने पर हमले कर सकते हैं. और इलाके में निगरानी रखते हैं.
जेम्स जेफ्री कहते हैं, "ये वायुसेना के विशेष ऑपरेशन के सैनिक होते हैं, जिन्हें लगभग डेल्टा सर्विस और नेवी सील टीम सिक्स के स्तर तक ट्रेनिंग दी जाती है. इनके पास मेडिकल क्षमता भी होती है. अगर उन्हें ज़रा भी उम्मीद हो तो ये पायलट को ढूंढे बिना हार नहीं मानते."
जब किसी दुश्मन इलाके में विमान गिराया जाता है, तो उसके पायलट और क्रू भी ऐसी स्थिति के लिए खास तौर पर प्रशिक्षित होते हैं.
थिंक टैंक डिफ़ेंस प्रायरटीज़ में सैन्य विश्लेषण की निदेशक जेनिफ़र कवनाग कहती हैं, "उनकी पहली प्राथमिकता होती है, ज़िंदा रहना और पकड़े जाने से बचना."
वो कहती हैं, "अगर वे शारीरिक रूप से सक्षम हैं और इतने चोटिल नहीं हैं कि चल-फिर न सकें. तो उन्हें तुरंत उस जगह से दूर जाने की ट्रेनिंग दी जाती है, जहां वे गिरे हैं और खुद को छिपाने की कोशिश करनी होती है ताकि वे सुरक्षित रह सकें."
इसके अलावा उन्हें ऐसे सर्वाइवल कौशल भी सिखाए जाते हैं, जिससे वे लंबे समय तक बिना खाना-पानी के रह सकें या आसपास के इलाके से ज़रूरी संसाधन जुटा सकें.

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ईरान में लापता अमेरिकी लड़ाकू विमान के क्रू सदस्य को खोजने की दौड़ के बीच, विशेषज्ञ अमेरिकी कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू यूनिट्स ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर के ज़रिये इलाके में व्यापक तलाश कर रही होंगी. यह जानकारी अमेरिकी वायुसेना के पूर्व पैरा-रेस्क्यू कमांडर ने दी है.
सीबीएस न्यूज़ से बात करते हुए पूर्व कमांडर ने बताया कि अगर बचाव का लक्ष्य ऐसी जगह पर है जहां हेलीकॉप्टर नहीं पहुंच सकता, तो एसी-130 गनशिप से सैनिक पैराशूट के ज़रिए उतरते हैं और फिर ज़मीन पर पैदल ही रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखते हैं.
ज़मीन पर पहुंचने के बाद, ये पैरा-रेस्क्यू जंपर्स लापता क्रू सदस्य से संपर्क करने की कोशिश करते हैं. वो ज़रूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता देते हैं. दुश्मन से बचते हैं या उसका सामना करते हैं. फिर सुरक्षित स्थान तक पहुंचते हैं, जहां से उन्हें निकाला जा सके.
पूर्व कमांडर ने कहा कि उनके काम को "डरावना और बेहद ख़तरनाक" कहना भी कम होगा.
उन्होंने बताया कि इन पैरा-रेस्क्यूर्स को "एयर फोर्स का स्विस आर्मी नाइफ" कहा जाता है क्योंकि ये हर तरह की चुनौती से निपटने में सक्षम होते हैं.
अमेरिका के एफ़-15ई जेट के बारे में अहम जानकारी
क्रिस पार्ट्रिज
बीबीसी न्यूज़ के हथियार विश्लेषक

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सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे से पता चलता है कि यह एफ़-15ई स्ट्राइक ईगल के मलबे से मेल खाता है.
इन लड़ाकू विमानों को हवा-से-ज़मीन और हवा-से-हवा दोनों तरह के मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है.
ईरान में, संभवतः इनका उपयोग ईरानी ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराने के लिए रक्षात्मक हवाई आक्रमण में किया गया होगा.
अपनी हवा से ज़मीन पर हमले की भूमिका में, यह जेट लेज़र और जीपीएस के ज़रिए सटीक गोला-बारूद के साथ-साथ अन्य बम गिराने में सक्षम है.
इस विमान में दो क्रू मेंबर होते हैं. आगे की सीट पर पायलट जो जेट उड़ाता है और पीछे की सीट पर हथियार प्रणाली अधिकारी.
हमें ठीक से पता नहीं है कि किस वजह से यह अमेरिकी विमान गिरा, लेकिन अगर इसे ईरान ने गिराया है तो इसकी सबसे संभावित वजह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) हो सकती है.
दक्षिणी ईरान के ऊपर उड़ते दिखे एक विमान, दो हेलिकॉप्टर
बीबीसी वेरिफ़ाई ने उस वीडियो की पुष्टि की है, जिसमें एक अमेरिकी विमान को दो हेलिकॉप्टरों के साथ दक्षिणी ईरान के ऊपर उड़ते हुए देखा जा रहा है.
बीबीसी वेरिफ़ाई ने यह भी पुष्टि की है कि यह वीडियो खुज़ेस्तान प्रांत में, कारून नदी पर बने एक पुल के पास इस जगह पर फिल्माया गया है.
वीडियो की समय की भी जांच की गई है और यह भी देखा गया है कि इसमें एआई से छेड़छाड़ के तो कोई संकेत नहीं हैं.
अमेरिकी मीडिया में सामने आई रिपोर्टों में अधिकारियों ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया है कि ईरान के ऊपर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को गिराए जाने के बाद उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है.
इस ऑपरेशन से जुड़े हुए बाकी वीडियो फुटेज की भी बीबीसी वेरिफ़ाई जांच कर रहा है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



































