मणिपुर में संघर्ष के बीच वहां के मैतेई पांगल मुसलमानों का क्या हाल है?- ग्राउंड रिपोर्ट
मणिपुर की चर्चा अक़्सर वहां के जातीय तनाव और संघर्षों के इर्द‑गिर्द सिमट जाती है.
लेकिन इन्हीं तनावों के बीच एक ऐसा समुदाय भी है जिसकी आवाज़ कम ही सुनाई देती है—मैतेई पांगल. यानी वो मुसलमान जो सदियों पहले मणिपुर आए और यहीं बस गए.
साल 2023 की हिंसा के दौरान यह समुदाय सीधे किसी पक्ष में नहीं था, लेकिन फिर भी इसने खुद को संघर्ष के बीचों बीच खड़ा पाया.
क्वाक्ता और लिलॉन्ग जैसे मुस्लिम बहुल इलाक़ों में लोग आज भी उस डर और अनिश्चितता को महसूस करते हैं जिसने उनकी ज़िंदगी बदल दी.
क्या है इस समुदाय की कहानी? कैसे और कब ये मुसलमान मणिपुर पहुंचे? और आज मणिपुर का यह तीसरा समुदाय किन हालात में है?
बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और सेराज अली इस समुदाय के लोगों से मिले और उनकी आवाज़ों को सुना. देखिए उनकी यह ख़ास ग्राउंड रिपोर्ट
इलस्ट्रेशन: पुनीत बरनाला
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)



