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यूपी: चलती स्कूल बस के फ़र्श से नीचे गिरने पर सात साल की बच्ची की मौत
- Author, सैयद मोज़िज़ इमाम
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले रवि यादव का गला रुंधा हुआ है. शनिवार को उनकी 7 साल की बेटी की मौत अपनी ही स्कूल बस से गिर जाने से हो गई.
रवि यादव कहते हैं, ''अगर स्कूल वाले मेरी शिकायत पर ध्यान देते या सतर्क हो जाते तो शायद मेरी बच्ची के साथ ये हादसा न होता और वो ज़िंदा होती.''
रवि की बेटी अनन्या रोज़ाना की तरह तैयार होकर अपने भाई के साथ स्कूल बस से अलीगढ़ स्थित माउंट देव स्कूल गई थी.
पुलिस की एफ़आईआर के मुताबिक़, ''स्कूल से लौटने के दौरान बस का फ़र्श टूटने से वह बस के नीचे गिर गई और कुचलकर उसकी मौत हो गई .''
इस हादसे के बाद यूपी के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने लापरवाही के आरोप में परिवहन विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.
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कैसे हुआ हादसा
ये घटना उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में 28 फ़रवरी के दोपहर की है.
7 साल की अनन्या माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ती थीं.
ये स्कूल अलीगढ़ ज़िले में है, जबकि बस कुछ बच्चों को छोड़ने के लिए कासगंज के ढोलना क्षेत्र तक जाती थी.
अनन्या के पिता रवि यादव का छोटा कारोबार है.
उन्होंने बीबीसी न्यूज़ हिंदी को बताया कि उनका बेटा और बेटी रोज़ बस से स्कूल जाते थे.
रवि यादव ने कहा कि उनको बस पर सवार दूसरे बच्चों ने बताया, ''घटना वाले दिन अनन्या बस की उस सीट पर बैठी थी जो पिछले टायरों के ऊपर बनी होती है,उसके फर्श का एक हिस्सा अचानक धंस गया और बेटी नीचे गिर गई.''
इसके बाद बस में मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया. अनन्या के पिता रवि यादव का कहना है कि चालक ने तुरंत बस नहीं रोकी और कुछ दूरी तक बस चलती रही.
उन्होंने दावा किया कि एक ऑटो वाले ने आगे जाकर बस रुकवाई और चालक को घटना की जानकारी दी. इसके बाद चालक बस को वापस घटना वाली जगह तक ले गया. उसने बच्ची को उठाया फिर बस से घर ले आया.
रवि यादव ने कहा, ''बच्ची को घर लाकर ड्राइवर ने कहा कि बच्ची को चोट लगी है, जब हम बस के अंदर गए तो बच्ची के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी. अगर सीधे हॉस्पिटल ले जाते तो शायद मेरी बेटी बच सकती थी.''
अनन्या के चाचा संतोष यादव ने बीबीसी न्यूज़ हिंदी से कहा,'' बस ड्राइवर घर के बाहर ही बस खड़ी करके भाग गया. परिजन ही उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.''
संतोष यादव का आरोप है कि बस की हालत पहले से ख़राब थी और इसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
स्कूल ने क्या कहा
हालाँकि, स्कूल प्रबंधन ने बस के जर्जर होने के आरोपों से इनकार किया है.
स्कूल के प्रबंधक अरविंद यादव ने पुलिस हिरासत में जाने से पहले मीडिया से कहा है कि बस की सर्विसिंग जनवरी में कराई गई थी और सभी ख़राबी ठीक कराई गई थी.
उनका कहना है कि संभव है वेल्डिंग का हिस्सा ढीला हो गया हो.
उन्होंने कहा, "हमें संदेह है कि फ़र्श के एक हिस्से की वेल्डिंग ढीली हो गई होगी, संभवतः वाहन के अंदर बच्चों के उछलने-कूदने की वजह से फ़र्श का एक हिस्सा बैठ गया. बच्ची संभवतः उसी क्षतिग्रस्त हिस्से से फिसलकर नीचे गिर गई होगी."
उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल ने 32 वर्षीय चंद्र प्रकाश को बस चलाने के लिए नियुक्त किया था.
हालाँकि स्कूल के नंबरों पर फ़ोन करने पर अभिभावकों को आरोप का कोई जवाब नहीं मिल पाया है.
अलीगढ़ के पुलिस सर्किल ऑफ़िसर संजीव कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिंदी से कहा, ''इस मामले में ड्राइवर चंद्र प्रकाश और प्रबंधक अरविंद यादव को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.''
प्रशासन ने क्या बताया?
इस घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद पुलिस ने गंगीरी थाने में स्कूल प्रबंधक अरविंद यादव और बस चालक चंद्र प्रकाश के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
पुलिस ने प्रेस नोट में बताया कि मामला ग़ैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
पुलिस की तरफ़ से जारी प्रेस नोट में बताया गया है, ''स्कूल बस के चालक चन्द्र प्रकाश की जानबूझकर लापरवाही के कारण स्कूल के बच्चों को ले जाते समय स्कूल बस के अन्दर बने होल के अन्दर से बस में बैठी सात वर्षीय छात्रा के नीचे गिर जाने से मौके पर ही मृत्यु हो गई थी.''
बस की हालत
जिस बस से ये हादसा हुआ है उस बस का वीडियो देखने से बस की हालत जर्जर लग रही है.
यूपी की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने भी कहा, ''बस की परमिट की अवधि समाप्त हो गई थी.''
हालाँकि कासगंज में बच्ची की मौत के मामले में अलीगढ़ के सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रवेश कुमार ने मीडिया से कहा, ''स्कूल प्रबंधन और बस चालक, दोनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की जा रही है और दुर्घटना के संबंध में एक अलग मामला भी दर्ज किया जाएगा.''
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि बस की हालत काफ़ी ख़राब थी. कई अभिभावकों ने नाम ना ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया कि स्कूल ट्रांसपोर्ट का मसला पीटीएम में उठाया गया है.
लेकिन स्कूल की तरफ़ से इसे समय रहते हुए देखा नहीं गया.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, फ़र्श का जो हिस्सा टूटा था, वह टायर के ठीक ऊपर था .
अलीगढ़ के पुलिस सर्किल ऑफ़िसर संजीव कुमार ने कहा, "अभी जाँच की जा रही है. स्कूल बसों को लेकर अलग से अभियान चलाया जा रहा है.''
उत्तर प्रदेश की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह की तरफ़ से मीडिया में जारी बयान में बताया गया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने की वजह से अलीगढ़ की आरटीओ वंदना सिंह और पूर्व में रहे अधिकारी चंपालाल को निलंबित कर दिया गया है.
किंजल सिंह के मुताबिक़, ''जांच में सामने आया कि यह बस अलीगढ़ दादो स्थित माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में चल रही थी और वाहन का बीमा और परमिट समाप्त हो चुका था."
विभाग ने उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) आगरा समेत संबंधित अधिकारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है.
वहीं स्कूल प्रबंधन के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.