भारतीय टीम के लिए सुपर-8 से पहले चिंता का सबब बने ये सवाल

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- Author, प्रवीण
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
"आप ये नहीं कह सकते हैं कि हमने अभी तक सभी बॉक्स टिक किए हैं."
टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज के सभी चारों मुकाबले जीतने के बाद जब टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव से ये सवाल किया गया कि क्या टीम इंडिया ने अभी तक सभी बॉक्स टिक किए हैं? तो उन्होंने ये जवाब दिया.
सूर्यकुमार यादव के इस एक लाइन के जवाब में टीम इंडिया की वो सभी परेशानियां छुपी हुई हैं जो उनके लिए सुपर-8 राउंड में चिंता का सबब बन सकती हैं.
बीते वर्ल्ड कप की विजेता टीम इंडिया को इस बार भी खिताब के सबसे बड़े फेवरेट के तौर पर देखा जा रहा है. टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में टॉप पर रहकर फेवरेट होने के इस टैग को कायम भी रखा है.
ग्रुप ए ही नहीं सभी चारों ग्रुप में भारतीय क्रिकेट टीम का सबसे ज़्यादा +2.500 का नेट रन रेट रहा है.
बावजूद इन सब बातों के कई ऐसे फैक्टर्स हैं जो ग्रुप स्टेज के दौरान टीम इंडिया की कमजोरी के तौर पर सामने आए हैं.
अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म

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वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले जिस अभिषेक शर्मा को भारत की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा था, वही अभी तक सबसे बड़े फ्लॉप साबित हुए हैं.
अभिषेक शर्मा ने एक ऐसे बैटर के तौर पर पहचान बनाई है जो अपनी तेज़ तर्रार बल्लेबाज़ी से पावरप्ले में ही विरोधी टीम को मैच से बाहर कर देते हैं.
लेकिन इस वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा अभी तक अपना खाता भी नहीं खोल पाए हैं. अमेरिका के खिलाफ वो पहली गेंद पर ही आउट हो गए. नामीबिया के खिलाफ बीमार होने की वजह से अभिषेक शर्मा खेल नहीं पाए.
वहीं पाकिस्तान के ख़िलाफ़ चार और नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ वो सिर्फ़ तीन गेंदों का ही सामना कर सके.
अभिषेक शर्मा का ये फॉर्म इसलिए भी भारतीय टीम के लिए चिंता की बात है क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट की अपनी पिछली सात पारियों में उनके बल्ले से महज एक अर्धशतक निकला है और पांच बार वो ज़ीरो पर ही आउट हुए.
इस वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा के रन नहीं बनाने की एक वजह को क्रिकेट एक्सपर्ट सारंग भालेराव ने बयां किया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अभिषेक शर्मा ने वर्ल्ड कप के दौरान अपनी तीनों पारियों में बाउंड्री के साथ खाता खोलने की कोशिश की है और इसी चक्कर में वो आउट हुए हैं. उन्हें सिंगल लेकर पहला ओवर खेलने की कोशिश करनी चाहिए. कम से कम 10 बॉल तक टिकना चाहिए फिर वो अपने आप ही ख़तरनाक हो जाएंगे."
सारंग मानते हैं कि तीन ज़ीरो के बावजूद मैनेजमेंट हालांकि अभिषेक शर्मा की इस परफॉर्मेंस से ज्यादा परेशान नहीं होगा, क्योंकि वो एक बड़े मैच विनर हैं.
तिलक वर्मा का संघर्ष

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"तिलक वर्मा का संघर्ष करना अब भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय है."
नीदरलैंड्स के खिलाफ जब तिलक वर्मा एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे तो अनूप पाल नाम के शख्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ये बात लिखी.
अनूप के अलावा कई और यूजर्स ने भी तिलक वर्मा की फॉर्म और अप्रोच पर सवाल उठाए हैं.
दरअसल, बीते दो साल में तिलक वर्मा भारत के लिए नंबर तीन पर सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ बनकर उभरे. बीते साल तो उन्होंने एशिया कप के फ़ाइनल में 69 रन की पारी खेलते हुए भारत को विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई.
लेकिन बीते साल के अंत में तिलक वर्मा चोटिल हो गए थे और वर्ल्ड कप से ठीक पहले उनकी टीम में दोबारा एंट्री हुई.
टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा के नहीं चल पाने की वजह से तिलक वर्मा को तुरंत मैदान पर उतरना पड़ रहा है. अमेरिका के ख़िलाफ़ उन्होंने 16 गेंद में 25 रन की अच्छी पारी खेली.
लेकिन इसके बाद से उनका संघर्ष शुरू हो गया है. नामीबिया के ख़िलाफ़ वो 21 गेंदों पर 25 रन ही बना सके. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वो 24 गेंद खेलने के बावजूद 25 रन ही बना पाए. और अब वह नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ 27 गेंदों पर 31 रन बनाकर पवेलियन वापस लौटे.
तिलक वर्मा के इतनी धीमी गति से रन बनाने का दबाव क्रीज पर मौजूद उनके साथी बल्लेबाज़ को झेलना पड़ रहा है. और ये भी एक वजह रही कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ शुरुआती ओवर्स को छोड़कर भारतीय टीम वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाई है जिसके लिए हाल के सालों में उसे जाना जाता रहा है.
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हालांकि शुरुआती ओवर्स में टीम इंडिया के तेज़ी से रन नहीं बना पाने का बचाव किया है. नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ मैच के बाद उन्होंने कहा, "हां, हमारी शुरुआत धीमी रही है. लेकिन हमारे बल्लेबाज़ जिम्मेदारी के साथ स्थितियों के मुताबिक खेलने की कोशिश कर रहे हैं."
ऑफ़ स्पिन बनी परेशानी

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टूर्नामेंट के सभी चार मैचों में भारतीय बल्लेबाज़ अधिकतर मौकों पर स्पिनर्स के ख़िलाफ़ संघर्ष करते नज़र आए हैं. अमेरिका के स्पिनर मोहम्मद मोहसिन और हरमीत सिंह ने भारतीय बल्लेबाज़ों को ख़ासा परेशान किया था.
मोहम्मद मोहसिन ने चार ओवर में 16 रन खर्च कर एक विकेट लिया था. जबकि हरमीत सिंह ने चार ओवर में 26 रन देकर दो विकेट लिए थे. फिर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने तो चार ओवर में 20 रन देकर चार भारतीय बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजा.
पाकिस्तान के पार्ट टाइम गेंदबाज साइम अयूब ने भी भारत के ख़िलाफ़ तीन विकेट लिए. उस्मान तारिक़ के सामने भी भारतीय बल्लेबाज़ कहीं ना कहीं परेशान दिखे.
और अब नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ मैच में आर्यन दत्त ने पहले ओवर से ही अपनी घूमती गेंदों से भारतीय बल्लेबाज़ों की परेशानी को एक्सपोज किया. उन्होंने चार ओवर में 19 रन खर्च कर दो विकेट लिए. इन चारों मैचों में विरोधी टीम के स्पिनर्स का भारत के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय बल्लेबाज़ों के साथ इस मामले में कुछ ना कुछ गड़बड़ तो है.
टीम इंडिया के सामने दो और सवाल

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इन सब बातों के अलावा दो और फैक्टर हैं जो टीम इंडिया के लिए आने वाले मैचों में परेशानी बन सकते हैं. एक फील्डिंग और दूसरा आखिरी ओवर्स में बॉलिंग.
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भले ही भारत ने मैच को बेहद आसानी से जीत लिया था. लेकिन उस मुकाबले में भारतीय फील्डर्स ने चार कैच टपकाए.
कैच छोड़ने का सिलसिला नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ भी जारी रहा और विरोधी टीम के दो बल्लेबाज़ों को भारतीय फील्डर्स ने जीवनदान दिया.
नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ आखिरी ओवर्स में भारत ने काफ़ी ख़राब गेंदबाज़ी की. 16 ओवर के बाद नीदरलैंड्स का स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 125 रन था.
लेकिन इसके नीदरलैंड्स के बल्लेबाजों ने आखिरी चार ओवर्स में 51 रन बटोरे. इस दौरान भारतीय गेंदबाज़ महज एक विकेट ही ले पाए.
क्रिकबज के शो में पूर्व तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने भारत की इस कमज़ोरी के बारे में बात की.
उन्होंने कहा, "अभी तक इस बात पर सवाल कायम हैं कि सुपर-8 में भारत का गेंदबाज़ी अटैक कैसा होगा. आपके पास बल्लेबाज़ी में 8वें नंबर पर अक्षर पटेल हैं. लेकिन 'डेथ ओवर्स' में गेंदबाज़ी कौन करेगा. नीदरलैंड्स ने भारत की डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी पर सवाल उठाए हैं. अब सामना मजबूत टीमों के साथ होने जा रहा है."
सुपर-8 मुकाबलों की शुरुआत 21 फरवरी से होने जा रही है. भारत सुपर-8 में ग्रुप वन का हिस्सा है. जिसमें भारत के अलावा वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे हैं. अब भारत की टक्कर 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से होगी.
लेकिन टूर्नामेंट में फेवरेट बने रहने के टैग को खिताब जीतने की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए टीम इंडिया को इन सब सवालों के जवाब तलाशने की सख्त जरूरत है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.












