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नेपाल के पोखरा एयरपोर्ट पर भारत से पहले उतरेगी चीनी फ़्लाइट
नेपाल के अधिकारियों ने बताया है कि चीनी सहयोग से बनाए गए पोखरा एयरपोर्ट पर आने वाले दिनों में चीनी फ़्लाइट्स उतर सकती हैं.
बीजिंग स्थित नेपाली दूतावास ने चीनी और नेपाली अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद जारी बयान में बताया है कि इस एयरपोर्ट पर फ़्लाइट्स के उतरने का रास्ता खुल रहा है.
बयान में कहा गया है, “चीन ने इस बात की पुष्टि की है कि आगामी 21 जून को पोखरा और चंगदू के बीच सीधी फ़्लाइट ऑपरेट की जाएंगी जिससे दूसरी फ़्लाइट्स के आगमन का रास्ता खुलेगा.”
चीन के तकनीकी और आर्थिक सहयोग से बनकर तैयार हुआ पोखरा एयरपोर्ट इस साल की शुरुआत के साथ ही ऑपरेशनल है.
लेकिन अब तक इस एयरपोर्ट पर एक भी अंतरराष्ट्रीय फ़्लाइट नहीं उतरी है.
एयरपोर्ट के भविष्य पर संकट के बादल
नेपाल की संसद के स्पीकर गणेश प्रसाद तिमिलसिना इस समय चीन दौरे पर हैं.
इस दौरे पर जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि राष्ट्रपति तिमिलसिना और सीपीसी की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन जाओ लिजी के बीच हुई बैठक के दौरान भी पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का मुद्दा उठाया गया है.
ऐसे समय जब नेपाल सरकार को भारत से अधिक हवाई रूट्स हासिल करने समेत अन्य मुद्दों पर गतिरोध का सामना करना पड़ रहा है तो एविएशन के क्षेत्र में चीनी सहयोग की पहल को नेपाल में सार्थकता के साथ देखा जा रहा है.
उद्घाटन के तुरंत बाद ही इस एयरपोर्ट पर येती एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. और आज तक इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक भी इंटरनेशनल फ़्लाइट नहीं उतरी है.
नेपाल सरकार को इस प्रोजेक्ट के लिए लिया गया चीनी क़र्ज़ अगले साल की शुरुआत से उतारना शुरू करना है.
ऐसे में इस एयरपोर्ट के भविष्य पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं.
पहली फ़्लाइट पर कौन आ रहा है?
आने वाले दिनों में इस एयरपोर्ट पर पहली चार्टड फ़्लाइट्स उतरने वाली हैं जिनमें से पहली फ़्लाइट में स्पीकर तिमिलसिना होंगे.
तिमिलसेना ने इस बारे में कहा है कि “हमें उसी फ़्लाइट से लौटने के लिए कहा गया है. ये एक चार्टर्ड फ़्लाइट है. इसके उड़ान भरने के साथ ही दूसरी फ़्लाइट्स स्वाभाविक रूप से इस पर विचार करेंगी. चार्टर्ड फ़्लाइट से वहां पहुंचना एक संदेश जैसा है.”
उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में उन्हें उम्मीद है कि चीन से पोखरा और भैराहवा की ओर सीधी उड़ानें देखने को मिलेंगी.
बीबीसी से बात करते हुए तिमिलसिना ने कहा है कि उन्होंने बीजिंग और शंघाई में चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान इस मुद्दे को उठाया है.
उन्होंने कहा, “अगर शंघाई से सीधी फ़्लाइट्स आती हैं तो नेपाल को शंघाई के औद्योगिक और कमर्शियल सेक्टर का लाभ मिल सकता है.
नेपाली व्यापारी सीधे यहां आ सकते हैं और धार्मिक यात्री सीधे लुंबनी की यात्रा कर सकते हैं और दूसरे पर्यटक पोखरा जा सकते हैं."
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पोखरा में उतरेंगी दो चार्टर्ड फ़्लाइट्स
नेपाली अधिकारियों ने बताया है कि पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक नहीं बल्कि दो चार्टर्ड फ़्लाइट्स उतरेंगी.
सिविल एविएशन अथॉरिटी के प्रवक्ता जगन्नाथ निरौला ने बताया है कि “सिचुआन एयरलाइंस 21 और 22 जून को दो चार्टर्ड उड़ानें भरेगी."
उन्होंने ये भी बताया है कि चीनी पक्ष ने इस एयरपोर्ट पर नियमित उड़ाने भरने को लेकर इच्छा व्यक्त की है.
उन्होंने बताया है, “पोखरा में अभी जो फ़्लाइट्स आने वाली हैं, वे आकार में छोटी और संकरी बॉडी वाली फ़्लाइट्स हैं. इस दिशा में एक औपचारिक पत्र दाखिल किया गया है जिसमें कहा गया है कि वे फिलहाल चार्टर्ड फ़्लाइट संचालित करेंगे और आने वाले दिनों में नियमित उड़ाने भरेंगे.”
सीपीसी के अध्यक्ष के कार्यालय से जारी किए बयान में कहा गया है कि चीन ने दस साल पहले बेल्ट एंड रोड अभियान को लॉन्च किया था और चीन एवं नेपाल के बीच बेल्ट एंड रोड कोऑपरेशन के परिणाम सामने आए हैं.
चीन के मुताबिक़, नेपाली नेशनल असेंबली के अध्यक्ष के चीन दौरे पर दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, औद्योगिक पार्क, पोर्ट और ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर बात की गयी.
बीबीसी ने काठमांडु स्थित चीनी दूतावास से पोखरा एयरपोर्ट पर उतरने वाली फ़्लाइट को लेकर सवाल किया है लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है.
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क्यों आ रही हैं चार्टर्ड फ़्लाइट्स
अब तक जो कुछ समय आया है, उसके मुताबिक़ इन चार्टर्ड फ़्लाइट्स का उद्देश्य नेपाल और चीन के बीच हुए पर्यटन से जुड़े एक करार के तहत होने वाले कार्यक्रम में आना है.
पोखरा में फेवा झील में 23 और 24 जून को नेपाल चीन फ्रैंडशिप ड्रैगन बोट रेस आयोजित की जा रही है.
इस कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ड्रेगन बोट रेस अब तक पचास से ज़्यादा देशों में आयोजित की गयी है और दक्षिण एशिया में ये पहली बार नेपाल में आयोजित होने जा रही है.
चीनी टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन नेपाल के अध्यक्ष विश्वेश श्रेष्ठ का मानना है कि चीन से पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सीधी उड़ानें फायदेमंद हो सकती हैं.
वे कहते हैं, "वर्तमान में, यदि आप चीनी पर्यटकों के दैनिक कार्यक्रम को देखें, तो वे काठमांडू में लगभग एक दिन ही रुकते हैं. वे अपना बाकी समय काठमांडू के बाहर बिताते हैं. अगर पोखरा के लिए सीधी उड़ान है, तो पर्यटन एक बड़ी छलांग लगा सकता है क्योंकि प्राकृतिक आकर्षण के कई स्थान हैं.”
उन्होंने कहा कि अगर नई दिल्ली समेत भारतीय शहरों के लिए उड़ानें भरी जा सकें तो पोखरा भी भारतीय पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है.
बताया जाता है कि नेपाल की एक निजी एयरलाइन बुद्ध एयर ने पोखरा से सीधे भारत को उड़ान भरने की कोशिश की थी. लेकिन उसे इसकी अनुमति नहीं मिली.
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