मेलानिया ट्रंप ने कहा, 'जेफ़री एपस्टीन से कोई नाता नहीं', सर्वाइवर्स को लेकर की ये मांग

    • Author, बर्न्ड डिबशमैन जूनियर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, व्हाइट हाउस से
  • पढ़ने का समय: 5 मिनट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने जेफ़री एपस्टीन से किसी भी तरह के संबंध से साफ़ से इनकार किया है.

उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि दोनों को जोड़ने वाले दावे "आज ही खत्म हो जाने चाहिए."

गुरुवार को एक अप्रत्याशित बयान में उन्होंने एपस्टीन के सेक्स ट्रैफ़िकिंग मामलों के सर्वाइवर्स के लिए अमेरिकी संसद में सुनवाई की मांग की.

उन्होंने इस बात को ख़ारिज किया कि एपस्टीन ने उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से करवाई थी. उन्होंने इन अफ़वाहों को दुर्भावनापूर्ण बताया.

उन्होंने कहा "ये दुर्भावनापूर्ण और मेरी छवि खराब करने की कोशिश" है.

यह साफ़ नहीं है कि उन्होंने अचानक यह बयान क्यों दिया.

उनके कार्यालय की ओर से इस बारे में पहले कोई संकेत नहीं था. व्हाइट हाउस के कार्यक्रम में भी इस विषय का उल्लेख नहीं किया गया था.

उन्होंने कहा कि वह कभी एपस्टीन की पीड़ित नहीं रहीं और साल 2000 में केवल " एक छोटी सी मुलाकात" हुई थी.

उन्होंने कहा, "मुझे एपस्टीन की ओर से किए गए अत्याचारों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. मैं किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं थी और न ही कोई भूमिका निभाई."

उन्होंने एपस्टीन की सहयोगी गिलेन मैक्सवेल को भी जानने से इनकार किया.

'सच सामने लाने के लिए पारदर्शिता जरूरी'

एपस्टीन फाइलों में सामने आए 2002 के एक ईमेल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल "साधारण बातचीत" और "शिष्ट जवाब" था.

बताया जाता है कि उस ईमेल में उन्होंने ''G" (संभवतः गिलेन) को संबोधित करते हुए एक मैगज़ीन में छपी स्टोरी की तारीफ़ की थी और लिखा था कि वह पाम बीच जाने के लिए "उत्साहित" हैं.

इसमें लिखा था, "जब तुम न्यूयॉर्क वापस आ जाओ तो मुझे फोन करना," ईमेल में कहा गया है. "अच्छा समय बिताना! प्यार, मेलानिया."

न्यूयॉर्क मैगज़ीन के लेख में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के के बयान भी शामिल थे, जिसमें उन्होंने एपस्टीन को "बेहतरीन इंसान" और "दिलचस्प साथी" बताया था.

कहानी में डोनाल्ड ट्रंप के हवाले से कहा गया है, "यह भी कहा जाता है कि उसे ख़ूबसूरत महिलाएं उतनी ही पसंद हैं जितनी मुझे, और उनमें से कई कम उम्र की होती हैं. इसमें कोई शक नहीं जेफ़री अपनी सोशल लाइफ़ का भरपूर आनंद लेता है."

मेलानिया ट्रंप ने कहा, "हर महिला को यह अधिकार होना चाहिए कि वह अपनी कहानी सार्वजनिक रूप से बताए. उसके बयान को कांग्रेस के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना चाहिए. तभी सच सामने आएगा."

हाल के महीनों में कई बड़े क़ारोबारियों और उद्योगपतियों को एपस्टीन से जुड़े नए ख़ुलासों के बाद अपने पद छोड़ना पड़ा, इसका ज़िक्र भी उन्होंने किया.

उन्होंने कहा, "यह जरूरी नहीं कि इससे किसी की गलती साबित हो, लेकिन सच सामने लाने के लिए पारदर्शिता जरूरी है."

मेलानिया के एड्रेस के बाद पत्रकारों को सवाल पूछने के मौक़े नहीं दिए गए.

बयान के तुरंत बाद कैलिफ़ोर्निया के डेमोक्रेट सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने मेलानिया ट्रंप की सार्वजनिक सुनवाई की मांग का समर्थन किया.

उन्होंने समिति के अध्यक्ष जेम्स कोमर से तुरंत सुनवाई तय करने की अपील की.

सर्वाइवर्स और उनके परिवार वालों ने क्या कहा

वर्जीनिया ज्योफ़्रे के परिवार, स्काई रॉबर्ट्स और अमांडा रॉबर्ट्स सहित अन्य सर्वाइवर्स ने बीबीसी न्यूजनाइट से कहा, "आगे आकर, शिकायत दर्ज कर और गवाही देकर पहले ही हम लोगों ने असाधारण साहस दिखाया है."

उन्होंने बयान में कहा, "अब हमसे और मांग करना जिम्मेदारी से बचने जैसा है, न्याय नहीं."

उन्होंने आरोप लगाया कि फ़र्स्ट लेडी ताक़तवर लोगों की रक्षा कर रही हैं, जिनमें उनके पति के प्रशासन के लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अब तक पूरी जांच फ़ाइलें सार्वजनिक नहीं की हैं.

उन्होंने कहा, " सर्वाइवर्स अपना काम कर चुके हैं, अब सत्ता में बैठे लोगों की बारी है."

एपस्टीन से जुड़े आरोपों के कारण पहले भी क़ानूनी विवाद हो चुके हैं.

मेलानिया ट्रंप का लेखक माइकल वोल्फ़ के साथ कानूनी विवाद हो चुका है. यह विवाद उनकी किताब फ़ायर एंड फ़्यूरी में किए गए उस दावे को लेकर है, जिसमें कहा गया था कि उनकी मुलाकात अपने पति से पहली बार एक ऐसे मॉडलिंग एजेंट के जरिए हुई थी, जिसका संबंध जेफ़री एपस्टीन से था.

मेलानिया ट्रंप ने वोल्फ़ पर एक अरब डॉलर के मानहानि के मुक़दमे की धमकी दी थी जिसके बाद पलटवार करते हुए माइकल वोल्फ़ ने जवाबी मुक़दमा दायर करने की बात की.

मेलानिया ट्रंप ने कहा, "मैं और मेरे वकील इन झूठे और निराधार आरोपों का सफलतापूर्वक सामना करते रहे हैं और आगे भी अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करेंगे."

मेलानिया ट्रंप का इस तरह से व्हाइट हाउस में बयान देना बेहद दिलचस्प है क्योंकि वह आमतौर पर सार्वजनिक रूप से कम ही नज़र आती हैं.

उनका यह बयान एपस्टीन मामले की जांच और उससे जुड़ी फाइलों को लेकर सार्वजनिक बहस को फिर तेज कर सकता है.

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने माना है कि वह कुछ समय तक एपस्टीन को जानते थे, लेकिन बाद में उन्होंने उसे अपने मार-ए-लागो क्लब से "अजीब व्यक्ति" कहकर निकाल दिया था.

एपस्टीन फाइलों में ट्रंप का कई बार ज़क्र है, लेकिन किसी गलत काम का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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