चीन में घटी महंगाई की दर

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चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में अगस्त में महंगाई की दर में कुछ कमी आई है.
पिछले महीने यानि जुलाई में महंगाई की दर पिछले तीन साल में सबसे अधिक दर्ज की गई थी.
दुनिया की इस दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में पिछले साल 6.2 फ़ीसदी तक पहुंच गई थी, ये जुलाई में 6.5 फीसद दर्ज की गई.
बढ़ती कीमतें
चीन में कीमतों में हुई इस वृद्धि के लिए खाद्य पदार्थों को प्रमुख कारण माना जा रहा है.
ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक चीन का औद्योगिक उत्पादन अगस्त 2010 की तुलना में अगस्त 2011 में 13.5 फ़ीसदी बढ़ा है.
विश्लेषकों का कहना है कि महँगाई के इन आंकड़ों को देखने से लग रहा है कि अर्थव्यवस्था की अत्याधिक रफ्तार को कम करने के लिए उठाए गए कदम अब अपना असर दिखाने लगे हैं.
आईएफआर मार्केट के जार्ज वर्थिंगटन कहते हैं, 'यह गिरावट इस साल महंगाई की दरों में आई सबसे बड़ी गिरावट है, इससे यह आशा बंधी है कि खाद्य पदार्थों से कीमतों में हुई बढ़ोतरी अब अपनी अधिकतम सीमा पर पहुंच चुकी है."
इस बीच चीन ने कहा है कि मूल्य वृद्धि को थामना उसकी पहली प्राथमिकता है.
चीन का केंद्रीय बैंक अक्तूबर 2010 से अबतक पांच बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर चुका है. इस दौरान बैंक ने जरूरी अनुपात को नौ बार बढ़ाया है.
इसका मतलब ये हुआ कि बैंक ने अपने नकदी भंडार को बढ़ाया है और कर्ज़ की दर को कम किया है.
जार्ज वर्थिंगटन कहते हैं, 'अगले साल के शुरू में चीन अपनी नीतियों में कुछ ढील दे सकता है. उनका महंगाई को पांच फ़ीसदी तक लाना चाहता है.'
जुलाई में भी चीन के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई थी.
विश्लेषकों का कहना है कि अधिकारियों को कीमतों को स्थिर रखने के लिए कुछ और काम करने की जरूरत है.
































