दीपिका को दीवाली में क्या पसंद है?

    • Author, वंदना
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

इस साल के शुरु में आई फ़िल्म चाँदनी चौक टू चाइना दीपिका पादुकोण के प्रशंसकों को निराश करके गई लेकिन जुलाई में आई फ़िल्म लव आजकल ने ज़बरदस्त कमाई की.

दीपिका के करियर की ये चौथी फ़िल्म है. इस युवा अभिनेत्री से लोगों को आने वाले सालों में बेहद उम्मीदे हैं.

दीपिका पादुकोण ने बीबीसी से अपने जीवन सफ़र, वेबसाइट शुरु करने की अपनी योजना जैसे कई विषयों पर विशेष बातचीत की. दीवाली के मौके पर वे कहती हैं कि उन्हें मिठाइयाँ बेहद पसंद हैं. उनकी हिदायत है कि दीवाली पर डाइटिंग-वाइटिंग छोड़िए और मिठाइयाँ का मज़ा लीजिए.

आपकी फ़िल्म लव आजकल इस साल की सबसे हिट फ़िल्मों में से रही है. कैसा लगता है जब इतने सारे लोग तारीफ़ कर रहे हैं आपके काम की.

कोई भी एक्टर जब फ़िल्म में काम कर रहा होता है तो वो यही चाहता है कि फ़िल्म लोगों को पसंद आए. फ़िल्म के साथ-साथ अगर लोगों को आपका अभिनय भी अच्छा लगे तो ये सोने पे सुहागा हो जाता है...आइसिंग ऑन द केक.

इस साल की आपकी पहली फ़िल्म चाँदनी चौक टू चाइना सफल नहीं रही थी, फिर लव आजकल सुपरहिट हो गई. फ़िल्म में काम के दौरान इस बारे में सोचती हैं कि क्या होगा.

ये कोई ज़रूरी नहीं है कि अगर आप फ़िल्म में बहुत मेहनत कर रहे हैं तो आपकी फ़िल्म हिट हो ही जाएगी. मेरे हिसाब से तो सबसे ज़रूरी बात ये है कि आप जिस फ़िल्म पर काम कर रहे हैं आपको उस काम पर भरोसा होना चाहिए. बाकी तो शुक्रवार के दिन ही तय होता है कि अंजाम क्या होगा. मेहनत को हम लोग करते ही हैं लेकिन अच्छी स्क्रिप्ट और कहानी होना बहुत ज़रूरी है.

बहुत लंबा समय नहीं हुआ है आपको फ़िल्मों में आए. ओम शांति ओम से लेकर अब तक के सफ़र में क्या फ़र्क महसूस करती हैं बतौर अभिनेत्री.

हर फ़िल्म के साथ मैं कुछ न कुछ सीख रही हूँ, अनुभव बढ़ रहा है. ये ऐसी प्रक्रिया है जो कभी ख़त्म नहीं होती. आप पिछली फ़िल्म की तुलना में हर बार बेहतर परफ़ॉर्मेंस देने की कोशिश करते हैं.

पहले मॉडलिंग और फिर फ़िल्मों में आना कैसे हुआ.

बचपन से ही मुझे मॉडलिंग का शौक था तो कहीं न कहीं सबकॉन्शसली मैं इस ओर काम करने लगी. हालांकि मैं बैडमिंटन की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थी.

पर मन में तो हमेशा यही था कि मॉडल बनना है और मॉडलिंग करने लगी. उन दिनों फ़राह खान ओम शांति ओम की कहानी लिख रही थीं. उन्होंने मुझे देखा और फ़िल्म में ले लिया.

आप बहुत सारा वक़्त घर से बाहर बिताती हैं, विदेशों में शूटिंग करनी पड़ती है. मुश्किल होता है परिवार से ऐसे दूर रहना?

हाँ जब परिवार भारत में हो तो आप अपनों की कमी महसूस करते हैं. लेकिन ये भी सच है कि जब आप विदेश काम के लिए जा रहे हैं तो काम के दौरान अपना 100 फ़ीसदी देना बहुत ज़रूरी है. जब शूटिंग के बाद पैक-अप हो जाता है तो आपको घर के लोगों की याद आती है पर फ़िल्म के दौरान मेरा पूरा ध्यान काम पर ही होता है.

आपने बहुत जगहों पर शूटिंग की है- ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन...सबसे पसंदीदा जगह.

हाँ एक जगह है इटली में जहाँ अभी मैं फ़िल्म हाउज़फुल की शूटिंग से लौटी हूँ. यहीं पर रणबीर के साथ फ़िल्म बचना ऐ हसीनों का गाने ख़ुदा जाने भी शूट किया था. ये जगह बहुत पसंद है. हाउज़फुल की शूटिंग के लिए मैं वहाँ 15 दिनों तक थी.

आप एक अख़बार के लिए कॉलम लिखती हैं इनदिनों और लोगों की प्रतिक्रियाएँ आती हैं. ये अनुभव कैसा चल रहा है....लिखना, समयसीमा के अंदर.

ये मेरे लिए नया अनुभव है क्योंकि मैने कभी ऐसा कुछ किया नहीं है. मैं अपनी ख़ुद की वेबसाइट तैयार करवा रही हूँ. मैने ख़ुद डिज़ाइनरों के साथ मिलकर वेबसाइट का लुक तैयार किया है. जब तक वेबसाइट तैयार नहीं होती तब तक मुझे लगा कि ये अच्छा रहेगा कि मैं अख़बार के लिए कॉलम लिखूँ, अपने प्रशसंकों से रूबरू हो सकूँ. उनके साथ अपने विचार बाँटकर मुझे अच्छा लगा.

त्योहारों का मौसम चल रहा है. आपको वक़्त मिलता है कि दीवाली या इस तरह के मौकों पर घर पर रहने का, त्योहार मनाने का.

अभी तक तो दीवाली के लिए कुछ ख़ास तैयारी नहीं की है पर उम्मीद है कि कुछ समय घर के लोगों के साथ बिता पाऊँगी.

त्योहारों को मौसम का सबको पूरा आनंद लेना चाहिए. मुझे मिठाई का बहुत शौक है तो आप भी बिना डाइटिंग की फ़िक्र किए ख़ूब पकवान खाइए. अपने आस-पास ख़ुशियाँ फैलाइए.