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'महिलाओं के लिए तो वो भगवान थीं'
तमिलनाडु की सबसे लोकप्रिय नेता जे जयललिता वहां के लोगों के लिए 'अम्मा' थीं.
उनके निधन के बाद तमिलनाडु में लोग ग़म मे डूब गए हैं.
रविवार शाम को कार्डिएक अरेस्ट के बाद उनकी हालत गंभीर होने की ख़बर आते ही अपोलो अस्पताल के बाहर उनके समर्थकों का तांता लगा गया था.
लोग उनकी सलामती के लिए दुआएं कर रहे थे.
अब जब वो नहीं रहीं तो लोगों को उनके अंतिम दर्शन का इंतज़ार है.
बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने अम्मा के प्रशंसकों से बात की.
जयललिता के समर्थक इक़बाल बाशा ने कहा कि वो रविवार शाम से अपोलो अस्पताल के बाहर ही जमे हुए थे और खाना भी नहीं खाया.
कितना मायने रखती थीं तो वो कहते हैं कि वो बहुत मायने रखती थीं.
उन्होंने कहा , ''अम्मा ने सरकारी अस्पतालों में और खाने के लिए बेहतरीन सुविधाएं का इंतज़ाम किया.
इतनी सफ़ाई कहीं देखी है? खाने के लिए , सरकारी अस्पतालों में पैसा नहीं लगता था, अगर कोई पैसे मांगे तो उसकी शिकायत कर दें तो सस्पेंड कर देते थे, सभी डरते थे.
उन्होंने कहा कि अम्मा की मौत को सहना बहुत मुश्किल है.
जयललिता के स्वास्थ्य को लेकर कल बनी सस्पेंस की स्थिति से उनके समर्थक भी काफ़ी परेशान हुए.
बार-बार उनकी मौत की ख़बरों से लोगों के बीच मातम और निराशा का माहौल बना रहा.
इक़बाल बाशा ने कहा ," अब उनका आख़िरी दीदार करना चाहते हैं, करीब सत्तर दिनों से हमने उन्हें देखा ही नहीं है, कुछ बता ही नहीं रहे थे, बस इतना बता रहे थे कि वो अच्छी हैं लेकिन किसी को पता नहीं था.''
वहीं विक्टर ने कहा, '' वो तमिलनाडु की महान नेता थीं और महिलाओं के लिए तो भगवान थीं.''
नौ महीने की गर्भवति पत्नी को दर्द में छोड़कर विक्टर, अम्मा की गंभीर हालत के बारे में सुनकर आ गए थे.
उन्हें यक़ीन ही नहीं हो रहा कि जयललिता का देहांत हो चुका है, वो भी ख़ुद अम्मा को आख़िरी बार देखना चाहते हैं.
कुछ लोगों ने कहा कि अम्मा नहीं भी रहीं तो भी वो उनके दिलों में हमेशा रहेंगी.
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