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अम्मा की सीट पर 'भ्रष्टाचार' के कारण चुनाव रद्द
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
चुनाव आयोग ने चेन्नई के आरके नगर विधानसभा उपचुनाव को रद्द कर दिया है.
तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता इस सीट से विधायक थीं.
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को रिश्वत देने और कैबिनेट मंत्री और उनके सहयोगियों के घरों पर पड़े छापों में दस्तावेज़ मिलने के बाद ये फ़ैसला लिया है.
चुनाव आयोग ने रविवार देर रात जारी किए अपने आदेश में गुस्सा भी ज़ाहिर किया है. बीते एक साल में ये दूसरी बार है जब चुनाव आयोग को तमिलनाडु में चुनाव रद्द करना पड़ा है.
आम चुनावों में तंजावुर और अरावाकुरीची सीटों पर बड़े पैमाने पर पैसे और तोहफ़े बाटें जाने की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द किए थे.
इस घटनाक्रम पर किसी भी पार्टी के प्रवक्ता से टिप्पणी नहीं मिल सकी है.
दो दिन पहले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर विजय भास्कर और उनके सहयोगियों के घरों पर आयकर विभाग की छापेमारी के दो दिन बाद चुनाव आयोग ने ये फ़ैसला लिया है.
अपने आदेश में चुनाव आयोग ने डॉ. भास्कर के घर से मिले दस्तावेज़ों का ज़िक्र किया है जिनमें 89 करोड़ रुपए कई नेताओं में वितरित किए जाने का उल्लेख है.
आदेश में कहा गया है कि एमएलए हॉस्टल में डॉ. भास्कर को मिले कमरे से बरामद दस्तावेज़ों में पैसे बांटे जाने का चार्ट, वार्ड और मतदाताओं के आधार पर नेताओं को दिए गए 89 करोड़ रुपए का विवरण मिला है.
इसके अतिरिक्त मंत्री के सहयोगियों से भी पांच करोड़ रुपए बरामद हुए हैं. फ़्लाइंग स्क्वॉड टीमों, स्टेटिक सर्विलांस टीमों और वीडियो सर्विलांस टीमों ने मतदाताओं को बांटे जा रहे 31.91 लाख रुपए भी बरामद किए हैं. 32 एफ़आईआर दर्ज की गई हैं और 74 लोग गिरफ़्तार भी किए गए हैं.
आम तौर पर चुनाव आयोग फ्लाइंग स्क्वॉड की तीन और सर्विलांस स्क्वॉड की तीन टीमें तैनात करता है, लेकिन इस बार कुल 61 टीमें तैनात की गई हैं.
वीके शशिकला के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके (अम्मा) ने शशिकला के भतीजे टीटीवी दीनाकरण को उम्मीदवार बनाया है जबकि ओ पनीरसेल्वम की पार्टी एआईएडीएमके (पुराचीथलावाई अम्मा) ने ई मधुसूदनन को उम्मीदवार बनाया है. डीएमके की ओर से मारुथू गणेश मैदान में हैं.
पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें मतदाताओं को एक वोट के लिए चार हज़ार रुपए तक दिए जाने की बातें कही जा रही हैं.
वीडियो सामने आने के बाद ही चुनाव आयोग ने पैसों के ख़र्च पर नज़र रखने के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को भेजा था.
चुनाव आयोग ने कहा, "कुछ राज्यों ने संसद के चुनावों में पैसे के इस्तेमाल को रोकने के लिए लागू किए गए नियमों को तोड़ने के तरीके इजाद करने में महारथ हासिल कर ली है."
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