You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
नज़रिया: क्या कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है?
पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी के मामले में फांसी की सज़ा मिलने के बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है. जाधव को पाकिस्तान ने पिछले साल गिरफ़्तार किया था.
भारत में अब यह सवाल गूंज रहा है कि क्या कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है?
इस मामले में भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी (रॉ) के पूर्व संयुक्त निदेशक वीके सिंह से बीबीसी संवाददाता निखिल रंजन ने बात की. पढ़िए उन्हीं के शब्दों में-
वीके सिंह की राय
कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है और हिंदुस्तान को इसका पूरा हक़ है. वे भारतीय नागरिक हैं और हिंदुस्तान के अधिकारियों को उनसे मिलने देना चाहिए.
पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के जो लोग हैं उन्हें मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है?
यह पूरी तरह से हैरान करने वाला है. पाकिस्तान अपनी कार्रवाई करता रहे, लेकिन कोई दूसरे देश का नागरिक है तो उसे बातचीत से कैसे रोका जा सकता है?
मुझे उम्मीद है कि हम इसका क़ानूनी बचाव भी तैयार कर लेंगे. कुलभूषण को जिस तरीके से भी बचाया जा सकता है वो किया जाएगा.
इस मामले में जो सामान्य प्रोटोकॉल है उसका पालन पाकिस्तान को करना चाहिए. वो जिनेवा कन्वेंशन का भी पालन नहीं कर रहे हैं. मैं तो पहली बार सुन रहा है हूं कि ऐसा किया जा रहा है.
क्या कुलभूषण रॉ के लिए काम करते थे?
मैं कुलभूषण को रॉ का एजेंट नहीं मानता. अगर पाकिस्तान के पास कोई सबूत है भी कि वो भारत के लिए जासूसी कर रहे थे तो मुक़दमा नियम से चलना चाहिए.
हिंदुस्तान को उस शख़्स से मिलने की इजाज़त होनी चाहिए. कोर्ट में जो न्यायिक प्रक्रिया चली उसका तो कुछ पता ही नहीं चला.
कुलभूषण का किसी कोर्ट में ट्रायल हुआ, कोई वक़ील भी दिया गया था या नहीं, ये सब बातें तो पता चलनी चाहिए.
ट्रायल हुआ भी था कि नहीं सब कुछ इतना संदिग्ध है. वो कह रहे हैं ट्रायल हुआ है, लेकिन बिना सबूत के कोई कैसे यक़ीन कर ले?
किसी पर जासूस होने का आरोप लगाने की भी एक प्रक्रिया होती है. दूतावास के लोगों को वह देश अवांछित व्यक्ति घोषित करता है और फिर वापस बुलाने के लिए कहता है.
दोनों देश ऐसा कई बार कर चुके हैं. जब हम कहते हैं कि आपके दो लोगों को जासूसी में पकड़ा है तो वो भी जवाब में ऐसा कर देते हैं. ये जैसे को तैसे वाली प्रक्रिया चलती रहती है.