आशुतोष के इस्तीफ़े पर केजरीवाल ने कहा, इस जनम में नहीं

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पत्रकारिता छोड़कर आम आदमी पार्टी में आए आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

आशुतोष ने ट्विटर पर अपने इस्तीफ़े की घोषणा की और कहा कि वे निजी कारणों से ऐसा कर रहे हैं.

हालांकि कुछ ही घंटे बाद आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवल ने आशुतोष के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है कि इस जनम में तो आपका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं किया जाएगा.

केजरीवाल ने दूसरे ट्वीट में लिखा है, ''सर, हम सब आपको बहुत प्यार करते हैं.''

इससे पहले ट्विटर पर आशुतोष ने लिखा था, "सभी सफ़र ख़त्म होते हैं. आप के साथ मेरे सुंदर/क्रांतिकारी ताल्लुकात ख़त्म हो गए हैं. मैंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है और पीएसी से इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है. यह पूरी तरह से व्यक्तिगत कारणों से है. पार्टी और अन्य सभी लोगों का जिन्होंने मेरा साथ दिया उनका धन्यवाद. धन्यवाद."

इसके साथ ही उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि मीडिया के मित्र इस बात को लेकर उन्हें फ़ोन न करें.

नाराज़गी?

पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आए आशुतोष 2014 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे. उसी साल लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक से पार्टी के उम्मीदवार बनाए गए थे लेकिन तीन लाख से अधिक वोट लाने के बावजूद चुनाव में वो हर्षवर्धन से हार गए थे.

आशुतोष से पहले प्रशांत भूषण, शाज़िया इल्मी और योगेंद्र यादव जैसे कई लोग पार्टी छोड़ चुके हैं.

आशुतोष को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बेहद क़रीबी माना जाता रहा है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशुतोष राज्यसभा नहीं भेजे जाने की वजह से नाराज़ चल रहे थे.

आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को राज्यसभा में भेजा था.

आशुतोष के इस्तीफ़े के बाद आम आदमी पार्टी में उनके साथी रहे कुमार विश्वास ने ट्वीट करके पार्टी और शीर्ष नेतृत्व पर तंज़ किया है.

आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री रहे और बाद में पार्टी से निकाल दिए गए कपिल मिश्रा ने आशुतोष को पार्टी छोड़ने पर बधाई दी है.

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